NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
भारत
बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाते हुए कटिहार में वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत टीकाकरण के लिए मनसाही के छोटी बथना गांव गए चिकित्सा पदाधिकारी को ग्रामीणों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
15 Dec 2021
बिहारः कोरोना टीके से मौत का आरोप लगाकर चिकित्सा पदाधिकारी को बनाया बंधक
प्रतीकात्मक तस्वीर

देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच बिहार में कोरोना के टीके से मौत की अफवाह भी फैल रही है। राज्य के कटिहार में वैक्सीनेशन महाअभियान के तहत टीकाकरण के लिए मनसाही के छोटी बथना गांव में गए चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मनोज कुमार और उनकी टीम को ग्रामीणों ने घेर लिया और उन्हें दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। प्रशासन की दखल के बाद डॉक्टर और उनकी टीम को छुड़ाया गया।

हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक छोटी बथना गांव के लोगों का आरोप है कि एक गर्भवती महिला को इलाज के दौरान डॉक्टरों ने कोरोना का टीका लगाया था जिससे इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। इस घटना को लेकर ग्रामीण काफी नाराज थे और डॉक्टर के खिलाफ गोलबंद हो रहे थे। नाराज ग्रामीणों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मनसाही डॉ. चौधरी को घेर लिया और मुआवजे की मांग करने लगे। हालांकि ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए जाने से इंकार किया गया।

कोरोना मामले में वृद्धि

उधर प्रदेश में कोरोना के नए मामले में वृद्धि हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 16 नए मामले सामने आए हैं जिससे एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 92 हो गई है। पटना में एक्टिव नए मामलों की संख्या 10 पाई गई है। बढ़ते मामलों के देखकर चिंता बढ़ गई है और इस तरह स्वास्थ्य मंत्रालय अलर्ट पर है। फिलहाल बिहार में ओमिक्रॉन का केस सामने नहीं आया है लेकिन एक्टिव मामलों की संख्या बढ़ रही है।

ज्ञात हो कि देश में ओमिक्रॉन की रफ्तार तेज होती दिख रही है। गत मंगलवार तक ओमिक्रॉन के मामलों में करीब 20 फीसद इजाफा देखने को मिला है। सोमवार तक जहां देश में 40 मामले थे वहीं मंगलवार को इनकी संख्या 49 हो गई। मंगलवार को दिल्ली और राजस्थान दोनों राज्यों में 4-4 नए मामले दर्ज किए गए। दिल्ली में अब तक ओमिक्रॉन के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं।

आकर्षित करने के लिए पुरस्कार

मालूम हो कि नीतीश सरकार राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन में तेजी लाने में जुटी हुई है वहीं फर्जीवाड़ा का भी मामला सामने आ रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 9 करोड़ टीकाकरण हो चुका है। इनमें पहली खुराक लेने वालों की संख्या करीब साढ़े पांच करोड़ पहुंच गई वहीं दूसरी खुराक लेने वालों की संख्या साढ़े तीन करोड़ से थोड़ी कम है। टीकाकरण महाअभियान के तहत नीतीश सरकार टीकाकरण के प्रति लोगों को आकर्षित करने के लिए कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने वालों को पुरस्कार देने का फैसला किया। पुरस्कृत लोगों का चयन साप्ताहिक लकी-ड्रॉ से किया जाएगा। यह पुरस्कार योजना 21 नवम्बर से 31 दिसंबर तक मान्य होगी। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मीडिया से बातचीत में बताया था कि यह विभाग की अनूठी पहल है। बता दें कि कोविन के अनुसार बिहार उन पांच राज्यों में शामिल है जहां 9 करोड़ लोगों का टीकाकरण हुआ।

टीकाकरण में फ़र्ज़ीवाड़ा

बता दें कि बिहार में टीकाकरण के बढ़ते आंकड़ों के बीच कई फर्जीवाड़े भी सामने आए हैं। इस महीने की शुरूआत में पीएम मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा को अरवल जिले में टीका लगाए जाने का मामला सामना आया था। इस मामले के कुछ ही दिनों के बाद गया जिले के टिकरी में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन, बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी तथा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को टीका लगाए जाने का मामला सामने आया था।

इस फर्जीवाड़े के क्रम में बिहार कई जगहों पर तो मर चुके लोगों को टीका लगाए जाने का मामला सामने आया है। वहीं कई स्थानों पर उन लोगों का सर्टिफिकेट अपडेट कर दिया गया जिन्होंने दूसरी खुराक ली ही नहीं है। इस तरह देखा जाए तो बिहार में अधिक आंकड़ा दिखाने को लेकर बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है। पहले भी जांच में फर्जीवाड़े को लेकर कई मामले सामने आ चुके हैं।

फ़र्ज़ी नाम और फ़ोन नंबर

बीबीसी ने इस साल फरवरी महीने में द इंडियन एक्सप्रेस के हवाले से लिखा कि अख़बार की पड़ताल में बहुत सारे नाम और फ़ोन नंबर फ़र्ज़ी मिले। सूची में सैकड़ों ऐसे नाम दर्ज हैं जिनके मोबाइन नंबर की जगह 0000000000 लिखा है। किसी का नाम सही है तो फ़ोन नंबर ग़लत है और किसी का फ़ोन नंबर सही है तो नाम ग़लत।

उधर कटिहार की बात करें तो वहां जिस तरह कोरोना के टीके से मौत की खबर फैली है अगर इस पर लोग भरोसा करने लगें तो टीकाकरण में समस्या पैदा हो सकती है और इस डर से लोग टीका लगवाने से वंचित रह जाएंगे। इस तरह ये खतरनाक भी हो सकता है।

Bihar
katihar
Medical Team
doctor
Pregnant Woman
death
Villagers
Vaccine
Hostage

Related Stories

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

बिहारः पिछले साल क़हर मचा चुके रोटावायरस के वैक्सीनेशन की रफ़्तार काफ़ी धीमी

बिहारः मुज़फ़्फ़रपुर में अब डायरिया से 300 से अधिक बच्चे बीमार, शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती

बिहार की राजधानी पटना देश में सबसे ज़्यादा प्रदूषित शहर

लोगों को समय से पहले बूढ़ा बना रहा है फ्लोराइड युक्त पानी

बिहार में फिर लौटा चमकी बुखार, मुज़फ़्फ़रपुर में अब तक दो बच्चों की मौत

शर्मनाक : दिव्यांग मरीज़ को एंबुलेंस न मिलने पर ठेले पर पहुंचाया गया अस्पताल, फिर उसी ठेले पर शव घर लाए परिजन

नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग

बिहार में नवजात शिशुओं के लिए ख़तरनाक हुआ मां का दूध, शोध में पाया गया आर्सेनिक

बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली


बाकी खबरें

  • sever
    रवि शंकर दुबे
    यूपी: सफ़ाईकर्मियों की मौत का ज़िम्मेदार कौन? पिछले तीन साल में 54 मौतें
    06 Apr 2022
    आधुनिकता के इस दौर में, सख़्त क़ानून के बावजूद आज भी सीवर सफ़ाई के लिए एक मज़दूर ही सीवर में उतरता है। कई बार इसका ख़ामियाज़ा उसे अपनी मौत से चुकाना पड़ता है।
  • सोनिया यादव
    इतनी औरतों की जान लेने वाला दहेज, नर्सिंग की किताब में फायदेमंद कैसे हो सकता है?
    06 Apr 2022
    हमारे देश में दहेज लेना या देना कानूनन अपराध है, बावजूद इसके दहेज के लिए हिंसा के मामले हमारे देश में कम नहीं हैं। लालच में अंधे लोग कई बार शोषण-उत्पीड़न से आगे बढ़कर लड़की की जान तक ले लेते हैं।
  • पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
    06 Apr 2022
    डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
  • medicine
    ऋचा चिंतन
    दवा के दामों में वृद्धि लोगों को बुरी तरह आहत करेगी – दवा मूल्य निर्धारण एवं उत्पादन नीति को पुनर्निर्देशित करने की आवश्यता है
    06 Apr 2022
    आवश्यक दवाओं के अधिकतम मूल्य में 10.8% की वृद्धि आम लोगों पर प्रतिकूल असर डालेगी। कार्यकर्ताओं ने इन बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने और सार्वजनिक क्षेत्र के दवा उद्योग को सुदृढ़ बनाने और एक तर्कसंगत मूल्य…
  • wildfire
    स्टुअर्ट ब्राउन
    आईपीसीसी: 2030 तक दुनिया को उत्सर्जन को कम करना होगा
    06 Apr 2022
    संयुक्त राष्ट्र की नवीनतम जलवायु रिपोर्ट कहती है कि यदि​ ​हम​​ विनाशकारी ग्लोबल वार्मिंग को टालना चाहते हैं, तो हमें स्थायी रूप से कम कार्बन का उत्सर्जन करने वाले ऊर्जा-विकल्पों की तरफ तेजी से बढ़ना…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License