NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार नगर निकाय चुनावः मेयर-डिप्टी मेयर और सभापति-उपसभापति का चुनाव अब मतदाता करेंगे
इस बदलाव को लेकर नगरपालिका एक्ट में संशोधन का अध्यादेश राजभवन से विधि विभाग को भेज दिया गया है। पहले इनका चुनाव वार्ड पार्षदों के द्वारा किया जाता था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
07 Jan 2022
Bihar Municipal Elections
'प्रतीकात्मक फ़ोटो'

बिहार में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर बदलाव होने जा रहा है। इस बदलाव को लेकर नगरपालिका एक्ट में संशोधन का अध्यादेश राजभवन से विधि विभाग को भेज दिया गया है। मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव अब सीधे तौर पर मतदाता करेंगे। पहले इनका चुनाव वार्ड पार्षदों के द्वारा किया जाता था।

ज्ञात हो कि बिहार में 18 नगर निगम थे लेकिन पिछले सप्ताह सहरसा नगर परिषद को नगर निगम बना दिया गया था जिसके बाद राज्य में इसकी संख्या 19 हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले सप्ताह कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहरसा नगर परिषद को नगर निगम बनाए जाने की जानकारी दी थी।

ज्ञात हो कि अध्यादेश के संशोधन राज्य भर के 262 नगर निकायों पर भी लागू होंगे। इन निकायों के सभापति और उपसभापति का चुनाव भी सीधे मतदाता करेंगे। अब इस अध्यादेश से यह साफ हो गया है कि इस वर्ष अप्रैल से होने वाले नगर निगमों के चुनाव में मेयर और डिप्टी मेयर के भाग्य का फैसला अब जनता करेगी।

ध्यान रहे कि अध्यादेश के संशोधन में नगर पालिका अधिनियम 2007 की धारा 23 व 25 में संशोधन किया गया है। दोनों ही धाराएं मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव में बदलाव और दोनों ही के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने से संबंधित हैं। नए नियम के तहत जब वार्ड पार्षद मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव नहीं करेंगे, ऐसे में वार्ड पार्षदों की क्षमता के एक तिहाई बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव भी नहीं ला सकेंगे।

राजभवन काे संशोधन अध्यादेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त हाे जाने के कारण जारी करना पड़ा। ज्ञात हो कि विधानमंडल का शीतकालीन सत्र समाप्त हाेने के कारण सरकार काे एक्ट संशोधन में दिक्कत आ रही थी जिसके चलते राजभवन के अध्यादेश का संवैधानिक विकल्प चुना गया।

बिहार में शहरी आबादी करीब 15 प्रतिशत से अधिक है जो कि राष्ट्रीय औसत करीब 32 प्रतिशत से कम है। नेशनल कमीशन ऑन पॉपुलेशन का अनुमान है कि अगले 15 वर्षों में यानी 2036 तक 38.6 फीसदी भारतीय शहरी इलाकों में रहेंगे यानी तब 60 करोड़ लोगों का बसेरा शहरों में होगा। संयुक्त राष्ट्र ने भी कहा है कि 2018 से 2050 के बीच भारत में शहरी आबादी 46.1 करोड़ से बढ़कर 87.7 करोड़ यानी दोगुनी हो जाएगी।

राज्यपाल के अध्यादेश के बाद विधि विभाग की कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, मुंगेर, पूर्णिया, दरभंगा, बेतिया, बेगूसराय, छपरा, कटिहार, बिहारशरीफ, मोतिहारी, सासाराम, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, आरा, सहरसा नगर निगमों में प्रत्यक्ष रूप से मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव होगा।

उधर राज्य के 263 नगर निकायों में भी सभापति तथा उपसभापति अर्थात चेयरमैन व वाइस चेयरमैन का भी चुनाव होगा।

धारा 23 (1)में पहले प्रावधान था कि पार्षद अपनी पहली बैठक में बहुमत से मेयर व डिप्टी मेयर को चुनेंगे लेकिन अब संशोधन के बाद 23 (1) के तहत संबंधित नगर पालिका क्षेत्र के मतदाता प्रत्यक्ष रूप से मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव कर सकेंगे। जबकि, धारा 24 के तहत उन्हें पद और गोपनीयता की पूर्ण शपथ दिलाई जाएगी।

धारा (25) के तहत मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ एक तिहाई पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के लाने का प्रावधान था। अब संशोधन के बाद धारा (25) मेयर और डिप्टी मेयर को अविश्वास प्रस्ताव के द्वारा नहीं हटाया जा सकेगा। इनके त्यागपत्र देने, मृत्यु होने अथवा किसी आपराधिक मामले में 6 माह तक फरार रहने की स्थिति में ही इन पदों से हटाया जा सकेगा।

Bihar
Bihar Municipal Elections

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी


बाकी खबरें

  • corona
    भाषा
    कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियां 31 मार्च से हटाई जाएंगी, मास्क लगाना रहेगा अनिवार्य
    23 Mar 2022
    गृह मंत्रालय ने करीब दो साल बाद, 31 मार्च से कोविड-19 संबंधी सभी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। हालांकि, मास्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के नियम लागू रहेंगे।
  • birbhum violence
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बंगाल हिंसा मामला : न्याय की मांग करते हुए वाम मोर्चा ने निकाली रैली
    23 Mar 2022
    मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम के साथ रैली का नेतृत्व करने वाले वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बोस ने कहा कि राज्य में ‘सामूहिक हत्या’ की घटना को छिपाने के किसी भी…
  • NHRC
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    पुरानी पेंशन बहाली मुद्दे पर हरकत में आया मानवाधिकार आयोग, केंद्र को फिर भेजा रिमाइंडर
    23 Mar 2022
    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मुद्दे को मानवाधिकारों का हनन मानते हुए केंद्र के खिलाफ पिटीशन फाइल की थी। दो माह से ज्यादा बीतने के बाद भी केंद्र सरकार द्वारा इस मसले पर कोई पहल नहीं की गई, तो आयोग…
  • dyfi-citu
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    नोएडा : प्राइवेट कोचिंग सेंटर पर ठगी का आरोप, सीटू-डीवाईएफ़आई ने किया प्रदर्शन
    23 Mar 2022
    सीटू व डीवाईएफ़आई के लोगो ने संयुक्त रूप से अमेरिका स्थित हेनरी हैवलिन की नोएडा शाखा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद प्रबंधकों ने अनियमितताओं को दूर करने का आश्वासन दिया और कथित ठगी के शिकार…
  • bhagat singh
    दिनीत डेंटा
    भगत सिंह: देशप्रेमी या राष्ट्रवादी
    23 Mar 2022
    राष्ट्रवाद और देशप्रेम दो अलग विचार हैं, एक दूसरे के पर्यायवाची नहीं हैं। वर्तमान दौर में भगत सिंह के नाम का उपयोग शासक वर्ग व आरएसएस, भाजपा, आम आदमी पार्टी जैसे अन्य राजनीतिक दल अपनी सुविधा अनुसार…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License