NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
बिहार: मरीज़ों के लिए वाहनों का हाहाकार, भाजपा सांसद के यहां रखे एम्बुलेंस हो रहे कबाड़, सवाल पूछने पर मुकदमा!
यदि कोई विपक्ष का नेता सरकार की कमियों को सामने ला रहा है तो क्या यह उचित है कि कमियों को तत्काल ठीक कर पीड़ितों की आपदा राहत पहुंचाने की बजाय सवाल उठाने वाले पर ही मुकदमा करवा दिया जाय?
अनिल अंशुमन
11 May 2021
बिहार: मरीज़ों के लिए वाहनों का हाहाकार, भाजपा सांसद के यहां रखे एम्बुलेंस हो रहे कबाड़, सवाल पूछने पर मुकदमा!

अब कोई विवाद का विषय नहीं रह गया है कि कोविड महामारी संक्रमण की इस ‘दूसरी लहर’ के कहर से शायद ही कोई राज्य – जिला अथवा इलाका बचा हुआ है। आलम तो ऐसा हो गया है कि अब इन त्रासद स्थितियों की चर्चा भी कई बार बेमानी सी लग रहीं हैं। ख़बरें बता रहीं हैं कि हर दिन संक्रमण से अकाल मौत का शिकार होने वालों में एक बड़ी तादाद उन अभागों की है जिन्हें समय पर कोई एम्बुलेंस-वाहन नहीं मिलने के कारण अस्पताल पहुँचने में हुई देरी से ऑक्सीजन–बेड व इलाज़ के अभाव से उनकी जानें जा रहीं हैं। ऐसे असहाय संक्रमित मरीजों की मौतों की बढ़ती सूची, हर सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के मुंह पर तमाचा जड़ रही है। अस्पतालों के गेट पर अपने स्वजनों का मृत शरीर लेकर आर्तनाद कर रहे परिजनों के मातम भरे दृश्य दिल को बेचैन कर दे रहे हैं।

सबसे बड़ी विडंबना है कि कल तक चुनावों में ‘डबल इंजन’  की सरकार बनाने का नारा लगाकर वोट मांगने वाले माननीय नेता – कार्यकर्त्ता इस विपदा में अपने मतदाताओं के लिए नॉट रिचेबुल से हो गए हैं। वहीं, ये बात भी अब छुपी नहीं रह गयी है कि कुछेक अपवाद राज्यों को छोड़कर बाकी जहाँ भी भाजपा सरकारें हैं, वहाँ के हालात सबसे भयावह हैं। जहाँ लोगों को समय पर ऑक्सिजन – बेड और इलाज के साथ साथ एक एम्बुलेंस– वाहन तक मयस्सर नहीं हो रहा है। मजबूरन संक्रमित मरीजों को मोटरसाइकिल – ठेले तक पर लादकर ले जाने और मृत मरीजों की लाशें साइकिल और कन्धों पर ढो कर ले जाने की तस्वीरें वायरल होती दीख रहीं हैं। बिहार में एम्बुलेंस समस्या समाधान में सरकारी सिस्टम की विफलता का एक और नमूना सामने आया कि 7 मई की शाम बिहार के सोशल मीडिया में उस समय खलबली सी मच गयी जब बिहार जन शक्ति पार्टी नेता व पूर्व सांसद पप्पू यादव द्वारा एक पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें एक स्थानीय चैनल के माध्यम से वीडियो में दिखाया गया कि किस तरह से सारण के अमनौर स्थित भाजपा सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री के आवास से सटे सामुदायिक भवन के परिसर में 60 से भी अधिक एम्बुलेंस छुपा कर रखे हुए हैं। वीडियो में पप्पू यादव वहां मीडिया कर्मियों को हर एम्बुलेंस का प्लास्टिक हटवाकर उसकी जीर्ण शीर्ण स्थिति दिखला रहे हैं। मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए जोर जोर से कह रहें हैं कि – हम जानना चाहेंगे डॉक्टर संबित पात्रा जी से कि जब एम्बुलेंस के लिए हाहाकार मचा हुआ है तो उनके भाजपा सांसद के यहाँ इतने सारे एम्बुलेंस क्यों कबाड़ हो रहें हैं? सरकार का सिस्टम इतना क्यों मरा हुआ है कि यहाँ रखे जिन एम्बुलेंसों को लोगों की जान बचाने में लगाना था, यहाँ छुपाकर कबाड़ किया जा रहा है। नीतीश सरकार जो एम्बुलेंस माफियाओं के साथ मिलकर मजबूर जनता से 7000 – 12000 रुपये एम्बुलेंस किराया ऐंठ रही है, इन एम्बुलेंसों से मुफ्त सहायता क्यों नहीं दे रही है? मैं इसकी पूरी जांच की मांग करता हूँ। साथ ही यहाँ के सिविल सर्जन पर अविलम्ब कारवाई और आपराधिक मुकदमा की भी मांग करता हूँ। ये कबाड़ हो रहे एम्बुलेंस नीतीश– भाजपा सरकार की महामारी से निपटने के दावों की असलियत दिखला रहें हैं।

पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जानकारी मिली है कि यहाँ सौ से भी अधिक एम्बुलेंस थे जिन्हें सांसद ने अपनी पार्टी के चहेते मुखिया– नेताओं के यहाँ भेज दिए हैं।

उक्त वीडियो में एक स्थानीय ग्रामीण यह भी कहते हुए दिख रहा है कि पिछले 6 माह से ये गाड़ियां यहाँ ढंककर रखी हुई हैं। नेताजी के डर से तो यहाँ कोई आया ही नहीं, मैं आया हूँ तो मेरी फजीहत तय है।

पप्पू यादव द्वारा वायरल वीडियो पर त्वरित संज्ञान लेते हुए भाजपा सांसद राजीव प्रसाद रुड़ी ने भी पलटवार करते हुए सफाई दी कि ड्राइवर – खलासी नहीं मिलने के कारण ही इन एम्बुलेंसों को यहाँ रखा हुआ है। जवाब में पप्पू यादव ने सवाल उठाया  कि अब तक उनकी बहाली क्यों नहीं की गयीं? 

8 मई को माले विधायक संदीप सौरभ ने ट्वीट कर भाजपा सांसद के लोगों द्वारा इन एम्बुलेंसों से बालू ढोए जाने की तस्वीर लगाते हुए पूछा कि – जिन एम्बुलेंसों के लिए रुड़ी जी को ड्राइवर नहीं मिल रहा है, अब अपने लिए बालू ढुलवाने के ड्राइवर – खलासी कहाँ से मिल गए? 

माले के ही युवा विधायक अजित कुशवाहा ने अपने ट्वीट में इस कृत्य के लिए भाजपा संसद राजीव प्रसाद रूडी पर देशद्रोह का मुकदमा करने की मांग की है।

पूर्व आईपीएस और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्त्ता अमिताभ कुमार दास ने भी बिहार डीजीपी को पत्र लिखकर भाजपा सांसद रुड़ी के खिलाफ ‘ महामारी रोग अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

सोशल मीडिया में जहां इस प्रकरण पर भाजपा सांसद राजीव प्रसाद रूडी की इस करतूत और नीतीश कुमार सरकार की चुप्पी की तीखी भर्त्सना हो रही है, वहीं, पूर्व संसद और जाप नेता पप्पू यादव पर पंचायत एम्बुलेंस संचालन समन्वयक के नाम से मुकदमा दर्ज कराये जाने का भी काफी विरोध हो रहा है। जिसमें ये आरोप लगाया गया है कि शुक्रवार को लॉकडाउन का उल्लंघन कर बिना अनुमति के उन्होंने वहां रखे सरकारी एम्बुलेंसों को क्षतिग्रस्त कर संचालक से फिरौती मांगी है। खबर है कि अमनौर (सारण) के सीओ की ओर से भी लॉकडाउन उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

उधर बिहार मीडिया में तय कॉलम में हमेशा कि भांति इस प्रकरण पर भी प्रदेश जदयू प्रवक्ता और हर दिन घर से बैठे बयान जारी करनेवाले माननीय पूर्व मुख्यमंत्री नेता जी ने तीखे अंदाज़ में विपक्ष और पप्पू यादव की निंदा करते हुए अपने सांसद का बचाव कर उनके कार्यों की फेहरिस्त गिनाई है।

बहरहाल, पूरे मामले का फलाफल जो भी हो लेकिन बिहार की मीडिया लगातार अपनी ख़बरों में महामारी संक्रमण के हालात और अधिक बदतर होने की आशंका जाहिर कर रही है। ऐसे में यदि कोई विपक्ष का नेता सरकार की कमियों को सामने ला रहा है तो क्या यह उचित है कि कमियों को तत्काल ठीक कर पीड़ितों की आपदा राहत पहुंचाने की बजाय सवाल उठाने वाले पर ही मुकदमा करवा दिया जाय?

Bihar
COVID-19
Pappu Yadav
Bihar Ambulance Controversy
Nitish Kumar
Nitish Kumar Government

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां


बाकी खबरें

  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन का एक साल: जश्न के साथ नई चुनौतियों के लिए तैयार
    26 Nov 2021
    दिल्ली की सीमाओं पर किसान आंदोलन को आज एक साल पूरा हो गया। 26 नवंबर 2020 को शुरू हुआ यह आंदोलन आज अहम मोड़ पर है। पहली जीत के तौर पर यह आंदोलन तीनों कृषि क़ानूनों को वापस करा चुका है और अब दूसरी बड़ी…
  • kisan andolan
    न्यूज़क्लिक टीम
    ग्राउंड रिपोर्ट: किसानों ने Mr. PM को पढ़ाया संविधान का पाठ
    26 Nov 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने दिल्ली की सरहद टिकरी बॉर्डर पर बैठीं किसान औरतों और मर्दों के साथ-साथ नेताओं से बात करके यह जानने की कोशिश की कि आखिर मोदी की घोषणा पर उन्हें क्यो नहीं…
  • sex ratio
    अजय कुमार
    1000 मर्दों पर 1020 औरतों से जुड़ी ख़ुशी की ख़बरें सच की पूंछ पकड़कर झूठ का प्रसार करने जैसी हैं!
    26 Nov 2021
    औरतों की संख्या मर्दों से ज़्यादा है - यह बात NFHS से नहीं बल्कि जनगणना से पता चलेगी।
  • up police
    विजय विनीत
    जंगलराज: प्रयागराज के गोहरी गांव में दलित परिवार के चार लोगों की नृशंस हत्या
    26 Nov 2021
    दलित उत्पीड़न में यूपी, देश में अव्वल होता जा रहा है और इस सरकार में दलितों व कमजोरों को न्याय मिलना दूर की कौड़ी हो गया है। यदि प्रयागराज पुलिस ने दलित परिवार की शिकायत पर कार्रवाई की होती और सवर्ण…
  • kisan andolan
    मुकुंद झा
    किसान आंदोलन के एक साल बाद भी नहीं थके किसान, वही ऊर्जा और हौसले बरक़रार 
    26 Nov 2021
    26 नवंबर 2020 को दिल्ली की सीमाओं से शुरू हुए किसान आंदोलन के एक साल पूरे होने पर टिकरी, सिंघू और ग़ाज़ीपुर बॉर्डर हज़ारों की संख्या में किसान पहुंचे और आंदोलन को अन्य मांगों के साथ जारी रखने का अहम…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License