NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया
बिहार के समस्तीपुर ज़िले के एक पंचायत में 192 राशन कार्ड रद्द किया गया है। इसमें वह ग़रीब विधवा महिला भी शामिल हैं जो आंखों से देख नहीं सकती हैं।
एम.ओबैद
28 May 2022
Rashan card

बिहार में राशनकार्ड रद्द करने का सिलसिला जारी है। इन कड़ी में उन गरीबों का भी कार्ड रद्द कर दिया गया हो जो इसके पात्र हैं। राज्य के समस्तीपुर जिले के ताजपुर प्रखंड के मानपुरा पंचायत में 192 राशनकार्ड रद्द कर दिया गया जिससे यहां के लोगों में नाराजगी है। उनका कहना है कि कार्ड रद्द करने से पहले हमलोगों के पात्रता की जांच नहीं की गई है और इसे रद्द कर दिया गया जिसके चलते इस महीने का राशन नहीं मिला है।

इशरत परवीन

इस पंचायत की वार्ड संख्या-5 निवासी इशरत परवीन विधवा हैं और आंखों से देख नहीं सकती हैं, बातचीत के दौरान कहती हैं, "राशनकार्ड के बारे में हमसे पूछने के लिए सरकार की तरफ से कोई अधिकारी नहीं आए। हम आंख से देख नहीं सकते हैं इसलिए कोई काम भी नहीं कर सकते हैं। कोटा से मिलने वाला राशन से ही हमारे खाने पीने का इंतजाम होता था। अब यह भी बंद हो गया है जिससे परेशानी हो रही है। मेरा एक ही बेटा जो मजदूरी करता है। उसी के साथ रहते हैं। वह भी परिवार में अकेला कमाने वाला है। उसके भी बीवी-बच्चे हैं। अगर राशन हमको नहीं मिलेगा तो उस पर घर के खर्च का बोझ काफी बढ़ जाएगा।"

मीना देवी

इसी वार्ड की अन्य निवासी मीना देवी जो टूटी हुई झोपड़ी के घर में रहती हैं, बताती हैं कि "हमलोग मजदूरी करते हैं। इसी से रोजमर्रा का खर्च चलता है। पहले राशन मिलने के बावजूद घर खर्च पूरा नहीं हो पाता था। जो मिलता था वह भी बंद हो गया जिससे परिवार के सामने दाना-पानी की समस्या बढ़ेगी। राशन मिलने की फिर से व्यवस्था हो जाए तो हम गरीब लोगों के लिए बेहतर होगा। हमलोग जो काम करते हैं वह भी कभी होता है और कभी नहीं होता है।"

ज्ञात हो कि इस वार्ड में कुल 107 कार्डधारक हैं जिसमें से 40 कार्ड रद्द कर दिया गया है।

न्यूज़क्लिक से बातचीत में ताजपुर प्रखंड के भाकपा माले सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह कहते हैं इस जिला में करीब ढ़ाई लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द कर दिया गया है। प्रखंड के मानपुरा पंचायत में 192 लोगों का रद्द कर दिया गया है जो कि उन गरीबों के साथ घिनौना मजाक है जो बेहद मजबूर हैं और जिनके पास आज तक रहने का सही से एक घर तक नहीं है। वे लोग मजदूरी करके अपने बच्चों और परिवार की परवरिश करते हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अनुश्रवण की बैठक कर पात्र- अपात्र राशनकार्ड को चिंहित किया जाए। इस मांग को लेकर भाकपा माले ने शनिवार से जन अभियान शुरू किया है। इसे बारिकी से जांच- पड़ताल कर रद्द राशनकार्ड पुनः बहाल करने एवं बगैर जांच के राशनकार्ड रद्द करने पर रोक लगाने की मांग को लेकर भाकपा माले के बैनर तले 1 जून से ताजपुर अंचल-प्रखंड पर 'घेरा डालो- डेरा डालो" आंदोलन किया जाएगा।

प्रखंड सचिव सुरेंद्र ने कहा कि मनपुरा पंचायत में 192 कार्ड रद्द किया गया है। इस सूची में क्रमांक-1807 से लेकर 1999 तक लगातार 192 कार्ड रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लगातार इन दो संख्या (1807 से लेकर 1999 तक) के बीच में जिनका राशन कार्ड रद्द किया गया उनमें एक भी गरीब नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि धरातल पर जांच- पड़ताल किए बगैर कार्यालय में बैठकर गरीबों का कार्ड रद्द कर दिया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण हैं। माले नेता ने गांव व पंचायत में सरकारी अधिकारियों एवं कर्मियों समेत अनुश्रवण समिति की बैठक कर गहन जांच-पड़ताल कर राशनकार्ड के पात्र एवं अपात्र चिंहित करने की मांग की है और साथ ही जो पात्र हैं उनके कार्ड बहाल करने की मांग की है।

पार्टी ने इस मामले को लेकर 30 मई को समाहरणालय के सामने प्रदर्शन करने व 1 जून से ताजपुर अंचल-प्रखंड पर 'घेरा डालो- डेरा डालो" आंदोलन चलाने की घोषणा की है। 

Bihar
Rashan card
Nitish Kumar
Bihar government

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’

बिहार में ज़िला व अनुमंडलीय अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी

बिहार : सरकारी प्राइमरी स्कूलों के 1.10 करोड़ बच्चों के पास किताबें नहीं


बाकी खबरें

  • महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत
    भाषा
    महामारी के बीच नयी उम्मीदों के साथ टोक्यो ओलंपिक की रंगारंग शुरुआत
    24 Jul 2021
    दर्शकों के बिना आयोजित किये जा रहे ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में भी भावनाओं का ज्वार उमड़ता दिखा। लेकिन जब उदघाटन समारोह चल रहा था उस समय भी स्टेडियम के बाहर प्रदर्शनकारी ओलंपिक आयोजन के खिलाफ…
  • बधाई: मीराबाई चानू ने ओलंपिक में रजत पदक जीता
    भाषा
    बधाई: मीराबाई चानू ने ओलंपिक में रजत पदक जीता
    24 Jul 2021
    चानू ने भारत के भारोत्तोलन पदक के 21 साल के इंतजार को खत्म करते हुए महिलाओं के 49 किलोवर्ग में 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) वजन उठाकर दूसरा स्थान पाया। इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी के 2000 सिडनी…
  • आर्थिक सुधारः स्कैम, मंदी और राष्ट्रवाद के सहारे
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    आर्थिक सुधारः स्कैम, मंदी और राष्ट्रवाद के सहारे
    24 Jul 2021
    कुल मिलाकर आर्थिक सुधार न सिर्फ सैद्धांतिक तौर पर विफल रहा है बल्कि व्यावहारिक तौर पर भी उसकी भयानक त्रासदी प्रकट हुई है।
  • कैसा रहा 1991 के मशहूर आर्थिक सुधार के बाद अब तक का सफ़र
    अजय कुमार
    कैसा रहा 1991 के मशहूर आर्थिक सुधार के बाद अब तक का सफ़र
    24 Jul 2021
    आकार के लिहाज से साल 1990 में दुनिया में भारत की अर्थव्यवस्था का स्थान 12वां था। साल 2020 में यह बढ़कर छठवें स्थान पर पहुंच गया। लेकिन जब प्रति व्यक्ति आय के आधार पर देखा जाए तो भारत की अर्थव्यवस्था…
  • देशभर में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    देशभर में केंद्र की मोदी सरकार द्वारा लाए गए आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन
    24 Jul 2021
    यह अध्यादेश आवश्यक रक्षा सेवाओं के कामकाज, "सुरक्षा या रखरखाव" को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल के उपयोग की अनुमति दी। साथ ही संबंधित प्रबंधन को कर्मचारियों को बर्खास्त करने का अधिकार देता है जो…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License