NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आधी आबादी
उत्पीड़न
महिलाएं
भारत
बिहार शेल्टर होम कांड-2’: मामले को रफ़ा-दफ़ा करता प्रशासन, हाईकोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान
गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने बिहार की राजनीति में खलबली मचाई हुई है, इस वीडियो पर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान ले लिया है। इस वीडियो में एक पीड़िता शेल्टर होम में होने वाली हैवानियतों का सच बता रही है।
अनिल अंशुमन
05 Feb 2022
bihar

बिहार में भाजपा-जदयू की डबल इंजन वाली सरकार और उसके नेतागण आये दिन राज्य में महिलाओं के उत्थान को लेकर अपने सुशासन का ढिंढोरा पीटते नहीं थकते हैं। लेकिन जब उन्हीं की सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राज्य के महिला सुधार केन्द्रों में रहने वाली लड़कियों व महिलाओं के साथ किये जा रहे संस्थानिक यौन अत्याचारों की बढ़ती घटनाओं के मामले उजागर होते हैं तो सबकी बोलती बंद हो जाती है। इतना ही नहीं इन मामलों की पीड़ितों के प्रति कोई संवेदना दिखाने और असली दोषियों को सज़ा दिलाने में कोई दिलचस्पी दिखाने की बजाय मामले को रफा-दफा करने से लेकर शेल्टर होम में हैवानी कृत्य करने वाली चौकड़ी व सरगनों को बचाने में ही मुस्तैद दिखने लगते हैं।  

31 मई गत 2018 को मुजफ्फरपुर स्थित महिला शेल्टर होम में वहाँ की महिलाओं लड़कियों के साथ की जा रही संस्थाबद्ध अमानवीयता और हैवानियत कांड के उजागर होने की घटना ने पूरे प्रदेश को शर्मसार कर दिया था। इस प्रकरण में भी शुरू में नितीश सरकार अपने मंत्रिमंडल की विभागीय मंत्री और मामले में अभियुक्त ठहराए गए उनके पति महाशय समेत सभी रसूखदार दोषियों को बचाने की सारी जुगत लगाते हुए दिखी थी। लेकिन राज्यव्यापी आन्दोलनों के दबाव और देश स्तर पर काफी भद्द पिटने के बाद अंततः सरकार को विवश होकर इस कांड के दोषी मंत्री पति के खिलाफ कार्रवाई तथा मंत्री महोदय को हटाना पड़ा था।

गत 1 फ़रवरी को सोशल मीडिया में वायरल हुए एक वीडियो ने भी फिर से प्रदेश की राजनीति में वही खलबली मचा दी है, जैसा मुजफ्फरपुर महिला शेल्टर होम कांड उजागर होने पर हुआ था। उक्त वीडियो में राजधानी पटना क्षेत्र के गायघाट स्थित राजकीय महिला शेल्टर होम ( उत्तर रक्षा गृह) में होने वाली यौन हैवानियत की पीड़िता गहरे दर्द के साथ अपनी व्यथा कहती हुई नज़र आती है। वीडियो के वायरल होने से मची खलबली से हड़बड़ाये सरकार का सामाजिक कल्याण विभाग का पूरा महकमा मामले रफा दफा करने की फिराक में ही था। लेकिन माननीय बिहार हाईकोर्ट द्वारा त्वरित स्वत: संज्ञान लिए जाने के कारण ऐसा नहीं हो सका।  

1 फ़रवरी को वायरल हुए वीडियो में उस शेल्टर होम में की जा रही यौन हैवानियत की शिकार पीड़ित महिला ने उत्तर रक्षा गृह की अधिक्षिका पर वहाँ की लड़कियों से देह व्यापार कराने और इसका विरोध व इंकार करने वाली महिलाओं को पागल करार देने का आरोप लगाया है। उसने यह भी बताया की अधीक्षिका सुन्दर लड़कियों को टारगेट कर- जाओ तुम्हारी लाइफ बन जायेगी कहकर बाहर भेजती थीं। पीड़िता ने अक्सर वहाँ लड़कियों को नशे के इंजेक्शन देकर जबरन सफेदपोशों की ऐय्याशी के लिए पहुंचवाए जाने की जानकारी देते हुए, यह भी कहा कि अब उसकी जान की खैर नहीं है। पीड़िता ने अपने शरीर पर चोटों के निशान दिखाते हुए वहां हो रहे अत्याचारों की व्यथा बतायी।

सोशल मीडिया में वायरल हुए इस वीडियो की चर्चाओं ने अखबारों को भी खबर छापने को विवश कर दिया। इस खबर के सामने आते ही तमाम महिला संगठनों के साथ साथ विपक्षी दलों ने कांड पर आक्रोश प्रकट करते हुए नितीश कुमार सरकार को घेरना शुरू कर दिया। उधर शेल्टर होम को संचालित करने वाले राज्य के समाज कल्याण विभाग ने कांड पर गंभीर होने की बजाय अपनी आदत के अनुसार मामले को ही रफा दफा करना चाहा। खुद विभाग के निदेशक ने मामले की जांच करने का नाटक कर अधीक्षिका को क्लीन चिट देते हुए आरोप लगाने वाली पीड़ित महिला को ही दुश्चरित्र करार कर दिया।  

अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन, एडवा, बिहार महिला समाज, अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति, AWSF व AIMSS इत्यादि महिला संगठनों ने मामले को बेहद गंभीर माना और कांड के खिलाफ आन्दोलन का मोर्चा खोल दिया। बिहार के महिला शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों व महिलाओं की सुरक्षा का सवाल उठाते हुए इस कांड की जिम्मेवार नितीश सरकार के महिला विरोधी रवैये का कड़ा विरोध किया।  

3 फ़रवरी को सभी महिला संगठनों ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पटना के गायघाट स्थित महिला शेल्टर रिमांड होम (उत्तर रक्षा गृह) में हो रही हैवानियत के लिए बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग की नकारा भूमिका की तीखी निंदा की। मामले की उच्च स्तरीय जांच, हाई कोर्ट के सिटिंग जज के नेतृत्व में कराने की मांग करते हुए- रिमांड होम में रहने वाली लड़कियों व महिलाओं को जेल की तरह बंद रखने की बजाय सुधार गृह के रूप में लाने के ज़रूरी क़दम उठाने, तनाव-अवसाद से उबारने के लिए योग्य मानसिक चिकित्सक की नियुक्ति करने एवं सभी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रोज़गार हेतु प्रशिक्षित करने की भी मांग की। साथ ही सभी महिला सुधार केन्द्रों में नियमित रूप से जांच पड़ताल करने व वहाँ समय समय पर बातचीत कर उनका हाल-समाचार जानने के लिए विभागीय टीम के साथ-साथ महिला संगठनों के प्रतिनिधियों को जाने देने की बात भी उठायी। सूचनाओं के अनुसार प्रदेश की सरकार तथा समाज कल्याण विभाग ने इस पर कोई रूचि नहीं दिखाई

सूचना है कि महिला पुलिस थाना ने पीड़िता के लिखित शिकायत को सुनने व दर्ज़ करने की भी कोई ज़रूरत नहीं समझी। दूसरे थानों ने भी उसे टरका दिया। खबर के मीडिया में वायरल होने से प्रशासन ने भी वही बयान दिया जिसमें समाज कल्याण विभाग ने कांड होने से साफ़ इंकार करते हुए शेल्टर होम की अधीक्षिका को क्लीन चिट दी थी।  

मामला लगभग लगभग रफा दफा ही होने की स्थिति में ही था कि 2 फ़रवरी को बिहार हाईकोर्ट ने इस पर स्वतः संज्ञान ले लिया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने हाईकोर्ट की ‘जुवेनाइल जस्टिस मॉनीटरिंग कमिटी’ को त्वरित जांच का आदेश देकर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। दूसरे ही दिन जांच के लिए पहुंची उक्त कमिटी की जांच टीम ने वस्तुस्थिति का गहन अध्ययन कर रिपोर्ट सौंप दी।

3 फ़रवरी हाई कोर्ट की खंडपीठ ने कमिटी की रिपोर्ट में आये तथ्यों को गंभीर मानते हुए उसी दिन मामले को सूचीबद्ध करते हुए सुनवाई कर दी। सुनवाई के दौरान खंडपीठ के जज समूह ने कहा कि - आश्चर्य है कि समाज कल्याण विभाग के डायरेक्टर उक्त मामले में जांच करते हुए, सिर्फ केयर होम में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर ही इस निष्कर्ष पर पहुँच गए कि पीड़िता द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद और गलत है। जबकी कोर्ट की जांच टीम ने वहाँ जांच के दौरान पाया कि शेल्टर होम में लगे सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं। कोर्ट ने अपनी कमेटी द्वारा की गयी अनुशंसाओं को तत्काल लागू करने के साथ-साथ बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव को 7 फ़रवरी के भीतर शपथपत्र जमा करने का आदेश दिया। साथ ही अगली सुनवाई 7 फ़रवरी को ही करने की घोषणा की।

मीडिया की खबरों में भाजपा और जदयू की महिला नेत्रियों ने भी इस कांड के खिलाफ अपना तीखा विरोध प्रकट करते हुए सरकार से कड़ी कारवाई करने की मांग की है।

ऐपवा की राष्ट्रिय महासचिव ने समाज कल्याण विभाग के निदेशक द्वारा महिला शेल्टर होम कांड को गंभीरता से संज्ञान लेने और पीड़िता के आरोपों का जवाब देने की बजाय पीड़िता के ही चरित्र पर सवाल उठाने की तीखी निंदा की है। 8 फ़रवरी को बिहार के सभी महिला शेल्टर होम में रहने वाली लड़कियों-महिलाओं पर किये जा रहे अत्यचारों और वहाँ हो रही संस्थानिक हैवानियत के साथ साथ नीतीश राज में महिलाओं पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की भी घोषणा की है।  

ये भी पढ़ें: बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम

PATNA
Bihar
Shelter Home Case
Gayeghat
Girls
rape
muzaffarpur
bjp-jdu

Related Stories

मैरिटल रेप : दिल्ली हाई कोर्ट के बंटे हुए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, क्या अब ख़त्म होगा न्याय का इंतज़ार!

सवाल: आख़िर लड़कियां ख़ुद को क्यों मानती हैं कमतर

यूपी से लेकर बिहार तक महिलाओं के शोषण-उत्पीड़न की एक सी कहानी

बिहार विधानसभा में महिला सदस्यों ने आरक्षण देने की मांग की

बिहार: मुज़फ़्फ़रपुर कांड से लेकर गायघाट शेल्टर होम तक दिखती सिस्टम की 'लापरवाही'

बिहार शेल्टर होम कांड-2: युवती ने अधीक्षिका पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- होता है गंदा काम


बाकी खबरें

  • अफ़्रीकाः कोविड-19 मामलों के 7.1 मिलियन पार करने के बावजूद 2% से भी कम टीकाकरण
    पीपल्स डिस्पैच
    अफ़्रीकाः कोविड-19 मामलों के 7.1 मिलियन पार करने के बावजूद 2% से भी कम टीकाकरण
    13 Aug 2021
    धनी देशों द्वारा स्टॉक करने और पर्याप्त वैक्सीन उत्पादन की कमी के कारण इस महाद्वीप को टीकों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है जबकि हाल ही में इसकी आपूर्ति बढ़ी है।
  • मिथिला के छात्रों की मुहिम: ‘घर-घर से ईंट लाएंगे, दरभंगा एम्स बनाएंगे’
    राहुल कुमार गौरव
    मिथिला के छात्रों की मुहिम: ‘घर-घर से ईंट लाएंगे, दरभंगा एम्स बनाएंगे’
    13 Aug 2021
    अभी तक आपने ईंट वसूलने का किस्सा मंदिर और मस्जिद के लिए सुना होगा लेकिन बिहार के दरभंगा जिला में ईंट एक अस्पताल के लिए जमा की जा रही हैं।
  • ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा
    राज कुमार
    ऑस्ट्रेलिया की चीनी मिल को उत्तर प्रदेश का बताकर चुनावी लहर बना रही भाजपा
    13 Aug 2021
    भाजपा उत्तर प्रदेश ने 12 अगस्त को एक ट्वीट किया। भाजपा इस एक ट्वीट से दो निशाने साधने की सोच रही थी। भाजपा सोच रही थी कि विपक्ष की छवि भी खराब हो जाएगी और गन्ना किसानों का समर्थन भी हासिल कर लेगी।…
  • राजनीति का अपराधीकरण
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    राजनीति का अपराधीकरणः सियासी दलों को अदालत सुधारेगी या जनता
    13 Aug 2021
    राजनीति का अपराधीकरण रोकने के लिए देश की सर्वोच्च अदालत से होने वाली इस पहल के कई पहलू हैं और उन पर इस कदम की सफलता और असफलता निर्भर करती है।
  • विश्व आदिवासी दिवस पर उठी मांग, ‘पेसा कानून’ की नियमावली जल्द बनाये झारखंड सरकार
    अनिल अंशुमन
    विश्व आदिवासी दिवस पर उठी मांग, ‘पेसा कानून’ की नियमावली जल्द बनाये झारखंड सरकार
    13 Aug 2021
    आदिवासी समुदायों ने आदिवासियों के जबरदस्त समर्थन से झारखंड की सत्ता में काबिज़ हुई हेमंत सोरेन सरकार द्वारा आदिवासी मुद्दों को लगातार नज़रंदाज़ करने की तीखी निंदा की है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License