NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कृषि
भारत
राजनीति
बिहारः खाद न मिलने से परेशान एक किसान ने की आत्मदाह की कोशिश
किसान चंदन राय का कहना है कि पिछले 15 दिनों से उनका 10 एकड़ खेत तैयार है। रोज़ सुबह के पांच बजे से खाद की दुकान पर लाइन लगने को मजबूर है। लेकिन खाद नहीं मिलती है। खेती नहीं होगी तो क्या खाएंगे?…
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
17 Dec 2021
Fertilizers
फ़ोटो साभार: हिंदुस्तान

बिहार के अररिया जिले के रानीगंज ब्लॉक में खाद न मिलने से परेशान चंदन राय नाम के एक किसान ने आत्मदाह करने की कोशिश की। पिछले कई हफ्तों से पूरे बिहार के किसान खाद की कमी की समस्या से जूझ रहे हैं। इसकी उपलब्धता न होने के चलते गेहूं समेत अन्य रबी फसल की बुआई नहीं हो पा रही है। पहले खेतों में बाढ़ के पानी के चलते समय पर खेत तैयार नहीं हो पाया और अब किसानों को खाद के संकट का सामना करना पड़ रहा है।

हिंदुस्तान अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक अररिया में रानीगंज प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को खाद नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने हांसा-पूर्णिया मार्ग को गुणवंती मिल चौक और विजय चौक पर सड़क जाम कर हंगामा किया और हांसा पूर्णिया मार्ग को करीब पांच घंटे तक जाम रखा।

किसानों का कहना है कि गुरूवार की सुबह एक ट्रैक्टर पर करीब दो सौ बोरी खाद आई। जिसे विजय पर पकड़ लिया गया। किसानों का कहना था कि लाई गई खाद को यहीं पर किसानों में बांट दिया जाय लेकिन बीएओ खाद नहीं बंटवा रहे थे जिसको लेकर किसानों का गुस्सा भड़क उठा।

किसान इतने आक्रोशित हो उठे की एक किसान पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह करने की कोशिश करने लगा। हालांकि शरीर पर पेट्रोल छिड़कने के दौरान ही बौसीं थानाध्यक्ष ओमप्रकाश तिवारी ने उस किसान से माचिस छीन ली। वहीं जाम कर रहे किसानों ने कहा कि बीएओ और दुकानदार मिलकर खाद की कालाबाजारी करते है। खाद दुकानदार रात के अंधेरे में 1800 रुपये में ब्लैक से खाद बेचता है। हमलोग खाद लेने जाते है तो दुकानदार कहता है कि खाद नहीं है। किसानों का कहना है कि विरोध करने पर बीएओ और खाद दुकानदार केस करने की धमकी देता है।

आत्मदाह की कोशिश करने वाले किसान चंदन राय ने अखबार से कहा कि पिछले 15 दिनों से उनका 10 एकड़ खेत तैयार है। रोज सुबह के पांच बजे से रानीगंज में खाद दुकान के आगे लाइन लगने को मजबूर है। लेकिन खाद नहीं मिलती है। खेती नहीं होगी तो क्या खाएंगे।

बौसीं के बीएओ गणेश सिंह ने कहा कि डीएपी खाद का आवंटन कम आ रहा है। इसके कारण किसानों को दिक्कत हो रही है। जितना आवंटन आता है वह किसानों में बांट दिया जाता है।

बिहार में खाद की कमी को स्वीकार करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने करीब एक सप्ताह पहले कहा था कि एक सप्ताह के भीतर खाद की समस्या समाप्त हो जाएगी लेकिन एक सप्ताह का समय बीत जाने के बाद भी किसान इसकी कमी से जूझ रहे है। उन्होंने कहा था केंद्र सरकार से इस बाबत बात की गई है। जल्द ही राज्य में खाद आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

आम तौर पर ऐसा माना जाता है कि नवंबर और दिसंबर महीने में किसानों को खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है क्योंकि इस समय रबी की फसल की बुआई होती है।

खाद न मिलने से परेशान किसान एक जिले से दूसरे जिले का चक्कर काट रहे हैं ताकि देर से ही सही फसलों की बुआई हो सके। इतना ही नहीं यूपी के सीमावर्ती जिले में रह रहे किसान खाद के लिए यूपी का रूख कर रहे हैं। जब इन किसानों को स्थानीय स्तर पर डीएपी समेत अन्य खाद समय पर उपलब्ध नहीं हो पाई तो उन्होंने अधिक कीमत पर इसे खरीदने के लिए यूपी का सहारा लिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खरीफ मौसम में बक्सर जिले का जो लक्ष्य है उसके अनुपात में इस जिले को अब तक पच्चीस प्रतिशत भी खाद उपलब्ध नहीं हो सकी है। यहां के किसान गेहूं समेत अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर यूपी से ब्लैक में खाद खरीदने को विवश हैं।

बिहार में खाद की कमी को लेकर विपक्ष ने कई बार सरकार पर निशाना साधा और प्रदर्शन किया है। पिछले महीने किसानों को खाद की किल्लत और खाद की कालाबाजारी को लेकर समस्तीपुर में माकपा और जनौस ने संयुक्त रूप से सिघियाघाट बाजार के मुख्य चौक पर रोसड़ा-समस्तीपुर पथ जाम कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई थी। सभा को संबोधित करते हुए विभूतीपुर के माकपा विधायक अजय कुमार ने कहा था कि पूरे विभूतीपुर सहित जिला भर के किसानों ने अपने खेत को जोत कर तैयार कर रखा है लेकिन एनपीए और डीएपी नहीं मिलने के चलते इनकी खेती नहीं हो पा रही है।

उधर इस महीने की शुरूआत में खाद संकट को लेकर आरजेडी सांसद मनोज झा ने केंद्र सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था। मनोझ झा ने कहा था कि सरकार बोलती तो जरूर है लेकिन कुछ करती नहीं है। उन्होंने कहा कि जब किसानों को उनकी फसल के लिए खाद नहीं मिलेगी तो वो खेती कैसे करेंगे।

Bihar
fertilizers
price rise fertilizers
Bihar Farmer
Farmers crisis
Nitish Kumar

Related Stories

बिहार : गेहूं की धीमी सरकारी ख़रीद से किसान परेशान, कम क़ीमत में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर

किसान-आंदोलन के पुनर्जीवन की तैयारियां तेज़

ग्राउंड रिपोर्टः डीज़ल-पेट्रोल की महंगी डोज से मुश्किल में पूर्वांचल के किसानों की ज़िंदगी

बिहार: कोल्ड स्टोरेज के अभाव में कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर आलू किसान

ग्राउंड रिपोर्ट: कम हो रहे पैदावार के बावजूद कैसे बढ़ रही है कतरनी चावल का बिक्री?

ग्राउंड  रिपोर्टः रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के गृह क्षेत्र के किसान यूरिया के लिए आधी रात से ही लगा रहे लाइन, योगी सरकार की इमेज तार-तार

देशभर में घटते खेत के आकार, बढ़ता खाद्य संकट!

पीएम के 'मन की बात' में शामिल जैविक ग्राम में खाद की कमी से गेहूं की बुआई न के बराबर

MSP की लड़ाई जीतने के लिए UP-बिहार जैसे राज्यों में शक्ति-संतुलन बदलना होगा

बिहार खाद संकटः रबी की बुआई में देरी से किसान चिंतित, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • लव पुरी
    क्या यही समय है असली कश्मीर फाइल को सबके सामने लाने का?
    04 Apr 2022
    कश्मीर के संदर्भ से जुडी हुई कई बारीकियों को समझना पिछले तीस वर्षों की उथल-पुथल को समझने का सही तरीका है।
  • लाल बहादुर सिंह
    मुद्दा: क्या विपक्ष सत्तारूढ़ दल का वैचारिक-राजनीतिक पर्दाफ़ाश करते हुए काउंटर नैरेटिव खड़ा कर पाएगा
    04 Apr 2022
    आज यक्ष-प्रश्न यही है कि विधानसभा चुनाव में उभरी अपनी कमजोरियों से उबरते हुए क्या विपक्ष जनता की बेहतरी और बदलाव की आकांक्षा को स्वर दे पाएगा और अगले राउंड में बाजी पलट पायेगा?
  • अनिल अंशुमन
    बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध
    04 Apr 2022
    भाकपा माले विधायकों को सदन से मार्शल आउट कराये जाने तथा राज्य में गिरती कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों के विरोध में 3 अप्रैल को माले ने राज्यव्यापी प्रतिवाद अभियान चलाया
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में एक हज़ार से भी कम नए मामले, 13 मरीज़ों की मौत
    04 Apr 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.03 फ़ीसदी यानी 12 हज़ार 597 हो गयी है।
  • भाषा
    श्रीलंका के कैबिनेट मंत्रियों ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दिया
    04 Apr 2022
    राजनीतिक विशेषज्ञों ने कहा कि विदेशी मुद्रा भंडार में कमी के कारण पैदा हुए आर्थिक संकट से सरकार द्वारा कथित रूप से ‘‘गलत तरीके से निपटे जाने’’ को लेकर मंत्रियों पर जनता का भारी दबाव था।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License