NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 
भाकपा माले के विधायक मनोज मंजिल ने सदन में कहा, "तीन साल में मात्र 37 हज़ार शिक्षकों की बहाली की है। पूरे बिहार में साढ़े तीन लाख पद खाली पड़े हैं। नौजवानों की जवानी बर्बाद हो जा रही है। ये सरकार नौजवानों के सपने मार रही है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
05 Mar 2022
CTET BTET
फोटो साभार : ट्विटर

बिहार में सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की नोटिफिकेशन जारी करने को लेकर राजधानी पटना में गत 3 मार्च से प्रदर्शन कर रहे हैं। इस धरना प्रदर्शन को माले के पालीगंज विधायक संदीप सौरव का भी साथ मिला है। विधायक संदीप समेत सीपीआई-एमएल के अन्य विधायक बिहार में रोजगार, सरकारी पदों पर बहाली समेत अन्य मुद्दों को लेकर विधानसभा के भीतर और बाहर नीतीश सरकार को लगातार घेर रहे हैं। ज्ञात हो कि अभी विधानसभा में बजट सत्र जारी है जो 31 मार्च तक चलेगा। 

विधानसभा में राज्य में शिक्षकों की बहाली समेत सरकारी पदों के खाली होने और इन पदों पर भर्ती न कराए जाने का मुद्दा जोर शोर से उठाते हुए सीपीआई-एमएल (भाकपा माले) विधायक मनोज मंजिल ने कहा कि, "तीन साल में मात्र 37 हजार शिक्षकों की बहाली की है। पूरे बिहार में साढ़े तीन लाख पद खाली पड़े हैं। नौजवानों की जवानी बर्बाद हो जा रही है। ये सरकार नौजवानों की सपने मार रही है। वे कौन लोग हैं जो रेलवे ट्रैक पर गए थे आंदोलन के लिए गए। ये मजदूर और किसानों के बच्चे हैं। ये बच्चे गरीबों के संतान हैं जो डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बन सकते हैं, जो प्रोफेसर नहीं बन सकते हैं, जो वकील, जज, डीएम और एसपी नहीं बन सकते हैं। ये उन्हीं के बच्चे जो मास्टर बनना चाहते हैं, रेलवे में नौकरी करना चाहते हैं, पुलिस फोर्स में जाना चाहते हैं, अस्पतालों में नौकरी करना चाहते हैं। और सरकार बहाली नहीं कर रही है।"

इस दौरान उन्होंने कहा कि, "पार्लियामेंट में रिपोर्ट आई थी कि केंद्र सरकार में 8,72,243 पद खाली पड़े हैं। जब बहाली नहीं, सरकारी नौकरियां नहीं तो आरक्षण कहां से मिलेगा। बिहार और पूरे देश में आरक्षण की हत्या हो रही है। इसलिए हम इस सरकार से मांग करते हैं कि ये नहीं चलेगा। बिहार स्टाफ सेलेक्शन कमीशन ने वर्ष 2014 की 13,120 पदों पर बहाली को अभी तक लटका कर रखा है। हम सरकार से मांग करते हैं सरकार बहाली कैलेंडर जारी करे। और सरकार को हिम्मत है तो रोजगार और नौकरी पर दो दिन का विशेष सत्र बुला ले और बहस करा ले।"

मनोज मंजिल से पहले पालीगंज विधानसभा क्षेत्र से एमएल विधायक संदीप सौरभ ने भी शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाया था और सरकार से सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थियों की बहाली की मांग की थी। इस दौरान उन्होंने कहा कि, "सीटेट और बीटेटट उत्तीर्ण सभी अभ्यर्तियों के लिए सातवें चरण की बहाली हेतु 2014-21 तक सभी रिक्तियों को जोड़कर मार्च महीने में अधिसूचना जारी करने की मांग करता हूं। इस बहाली में ऑनलाइन व सेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया अपनाई जाए तथा डोमिसाइल नीति लागू हो।"

राजधानी पटना में प्रदर्शन का संचालन कर रहे बीएड उतीर्ण छात्र संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष दीपांकर गौरव ने मीडिया से कहा कि "छठे चरण की शिक्षक नियुक्ति में केवल 42 हजार शिक्षक ही प्रारंभिक विद्यालयों में मिले हैं जबकि पचास हजार से अधिक सीट खाली हैं। उन्होंने सरकार से विद्यालयवार कुल रिक्तियों को जोड़कर मार्च में ही नोटिफिकेशन जारी करने की मांग की है।"

ज्ञात हो कि शिक्षकों की छठे चरण की नियुक्ति की प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है। इस प्रक्रिया के बाद शेष सीटेट-बीटेट अभ्यर्थी मांग कर रहे हैं कि सरकार उन्हें भी जितना जल्द हो नियुक्ति पत्र दे। इसको लेकर पिछले रविवार को अभ्यर्थियों ने ट्वीटर पर हैशटैग #7th_phase_1to8_march के साथ अभियान चलाया था जिसे विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं से समर्थन भी मिला।

ट्वीटर पर चले अभियान का समर्थन करते हुए राजद के प्रदेश प्रवक्ता चितरंजन गगन ने लिखा था कि,"छठे चरण की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। शिक्षक पात्रता पास अभ्यर्थियों की पीड़ा को समझते हुए अब सातवें चरण में बहाली का शेड्यूल की शीघ्र घोषणा कर मार्च मे ही प्रक्रिया शुरू कर देना जरूरी है।"

शुक्रवार 4 मार्च को चितरंजन गगन ने पटना में सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थियों द्वारा सातवें चरण के नोटिफिकेशन जारी करने मांग को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन की तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि "माननीय शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी जी पटना के गर्दनीबाग में 7वें चरण की प्राथमिक विज्ञप्ति की मांग हेतु 6ठे चरण से वंचित CTET/BTET उतीर्ण अभ्यर्थी 3 दिवसीय धरने पर बैठे हैं जिनका आज दूसरा दिन हैं। इसे संज्ञान मे लेते हुए 7 वें चरण में होने वाली बहाली के लिए शीघ्र हीं शिड्यूल अधिसूचित करें।"

मा॰शिक्षा मंत्री @VijayKChy जी,पटना के गर्दनीबाग में 7वे चरण की प्राथमिक विज्ञप्ति की मांग हेतु 6ठे चरण से वंचितCTET/BTET उतीर्ण अभ्यर्थी 3 दिवसीय धरने पर बैठे हैं जिनका आज दूसरा दिन हैं।इसे संज्ञान मे लेते हुए 7 वें चरण में होने वाली बहाली के लिए शीघ्र हीं शिड्यूल अधिसूचित करें pic.twitter.com/zpmFBjC2CE

— Chitranjan Gagan (@ChitranjanGaga1) March 4, 2022

ज्ञात हो कि बिहार में सीटेट-बीटेट पास सभी अभ्यर्थियों की बहाली का मामला पिछले तीन वर्षों से लटका हुआ है और भर्ती के छठे चरण की प्रक्रिया करीब करीब समाप्त हो रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे वर्ष 2019 से इसका इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि छठे चरण के बाद बचे सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी ने सातवें चरण की बहाली की मांग को लेकर 3 मार्च से राज्य की राजधानी पटना समेत राज्य के अन्य हिस्सों में आंदोलन शुरु करने का ऐलान किया था। उनकी मांग है कि सरकार जल्द से जल्द सातवें चरण का नोटिफिकेशन जारी करे। 

ज्ञात हो कि माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा (एसटीईटी) 2019 का नोटिफिकेशन वर्ष 2019 के सितंबर महीने में जारी हुआ था। इसकी ऑफलाइन परीक्षा 28 जनवरी 2020 को हुई थी। इस परीक्षा में चार केंद्रों पर आउट ऑफ सिलेबस प्रश्न पूछे जाने पर हंगामा हुआ था। इसके बाद छात्रों ने हाईकोर्ट का रुख किया था। अनियमिता पाए जाने पर परीक्षा रद्द कर दी गई थी। तब बिहार बोर्ड ने नोटिफिकेशन के एक साल बाद सितंबर 2020 में ऑनलाइन परीक्षा ली थी। इसमें आउट ऑफ सिलेबस का आरोप लगाते हुए कुछ छात्रों ने एक बार फिर अदालत का दरवाजा खटखटाया। तब हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2020 को रिजल्ट जारी करने पर रोक लगा दी थी।

अदालत ने सुनवाई के दौरान बोर्ड की ऑनलाइन परीक्षा को सही करार दिया और साथ ही ऑनलाइन एसटीईटी के परिणाम घोषित करने को हरी झंडी दे दी। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की एकलपीठ ने आदित्य प्रकाश एवं अन्य की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया था।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया था। जिसके बाद राज्य में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया था। बिहार में एसटीईटी परीक्षा का आयोजन 8 साल बाद वर्ष 2019 में हुआ था। अदालत के आदेश पर एसटीईटी रिजल्ट 2019 घोषित किया गया था। राज्य में साल 2020 में 9 से 21 सितंबर तक एसटीईटी परीक्षा का आयोजन किया गया था। एसटीईटी की इस परीक्षा से पहले साल 2011 में इस परीक्षा का आयोजन किया गया था।

ये भी पढ़ें: बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

Bihar
Bihar Budget
CTET-BTET
unemployment
student protest

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

जन-संगठनों और नागरिक समाज का उभरता प्रतिरोध लोकतन्त्र के लिये शुभ है

वाम दलों का महंगाई और बेरोज़गारी के ख़िलाफ़ कल से 31 मई तक देशव्यापी आंदोलन का आह्वान

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

नौजवान आत्मघात नहीं, रोज़गार और लोकतंत्र के लिए संयुक्त संघर्ष के रास्ते पर आगे बढ़ें


बाकी खबरें

  • Diagnosis and Recovery Long
    दित्सा भट्टाचार्य
    अध्ययन बताता है कि मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट ट्यूबरकुलोसिस रोगियों की पहचान और इलाज का सफ़र लंबा और महंगा है
    05 Nov 2021
    इस रिपोर्ट में ज़िक़्र किया गया है कि कैसे एमडीआर-टीबी के 128 (49%) रोगियों में से 62 रोगियों के होने वाले ख़र्च के आकलन से पता चला कि औसत ख़र्च 10,000 रुपये था, और 14 (23%) रोगियों ने बताया कि यह…
  • akhilesh
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    उत्तर प्रदेशः छोटी छोटी पार्टियों की बड़ी बेचैनी
    05 Nov 2021
    ध्यान से देखा जाए तो यह होड़ उत्तर प्रदेश की विभिन्न जातियों की सामाजिक-राजनीतिक हलचल है। यह छोटी जातियों का राजनीतिकरण है जो हिंदुत्व और समाजवाद के बड़े बड़े आख्यानों के बीच अपने लिए सम्मान और सत्ता…
  • kisan diwali
    लाल बहादुर सिंह
    उपचुनाव नतीजों के बाद पैनिक मोड में आई मोदी सरकार क्या किसान-आंदोलन पर भी यू-टर्न लेगी? 
    05 Nov 2021
    अगले 1-2 महीने बेहद निर्णायक हैं आंदोलन के भविष्य के लिए। इस दौरान  एक ओर सरकार किसी न किसी तरह आंदोलन खत्म कराने के अधिकतम दबाव में रहेगी, दूसरी ओर आंदोलन के सामने न सिर्फ अपने को मजबूती से टिकाए…
  • diwali crackers
    शंभूनाथ शुक्ल
    दिवाली, पटाख़े और हमारी हवा
    04 Nov 2021
    दशहरा या दिवाली पर पटाख़े फोड़ने का कोई भी धार्मिक विधि-विधान नहीं है लेकिन जिनके पास अतिरिक्त धन है, उनको दिवाली पर पटाख़ों को फोड़ने में आनंद मिलता है। शायद इस तरह वे अपने वैभव का प्रदर्शन करते हों।
  • 12 लाख दीयों की दीवाली और 32 उपचुनावों के नतीजे के संदेश
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    12 लाख दीयों की दीवाली और 32 उपचुनावों के नतीजे के संदेश
    03 Nov 2021
    एक तरह भूख और बेहाली का रिकार्ड और दूसरी तरफ दीवाली के भव्यतम जश्न का रिकार्ड. साथ में 32 उपचुनावों के नतीजे का विश्लेषण कर रहे हैं वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश अपने खास कार्यक्रम #AajKiBaat में :
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License