NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
शिक्षा
भारत
राजनीति
बिहार के कंप्यूटर शिक्षक 800 दिन से हैं हड़ताल पर, ये कैसा डिजिटल इंडिया?
बिहार में कंप्यूटर शिक्षक पिछले 800 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। वहीं कंप्यूटर कबाड़ होते जा रहे हैं। बिहार सरकार ने अभी तक शिक्षकों के लिए कोई कार्रवाई नहीं की है।
मुकुंद झा
04 Nov 2019
Bihar teacher protest

एक तरफ़ जहाँ केंद्र की मोदी सरकार लगातार देश को डिजिटिल बनाने का दावा कर रही है, वहीं बिहार में छात्र डिजिटल शिक्षा से कोसों दूर हैं, क्योंकि उनको शिक्षा देने वाले कंप्यूटर शिक्षक लगभग 800 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके धरने के कारण यह है कि बिहार के स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा पूरी तरह से बंद पड़ी है। इस दौरान शिक्षकों ने अपने सभी त्यौहार भी धरना स्थल पर ही मनाए हैं। इसके बावजूद सत्ताधारी दल और उसके सहयोगी  बार-बार डिजिटल इण्डिया मुहीम का गुणगान करते हैं। लेकिन उनसे सवाल किया जाना चाहिए कि बिना कंप्यूटर शिक्षा के डिजिटल भारत कैसे बनेगा?

सरकार ने फ़ाइलों में तो कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य कर दी है लेकिन आज बिहार के किसी भी सरकारी स्कूल में शायद ही कंप्यूटर की शिक्षा दी जा रही है। सरकार ने साल 2017 तक सभी स्कूलों में कंप्यूटर लैब अनिवार्य करने का फ़ैसला किया था, लेकिन बिना शिक्षक शिक्षा कैसे मिलेगी? तो फिर सवाल उठता है सरकार जिस डिजिटल इंडिया का सपना दिखा रही है वो हक़ीक़त में कहाँ है? बिहार के छात्रों के लिए तो यह सच में यह एक सपना ही बना हुआ है क्योंकि उन्हें कंप्यूटर शिक्षा दी ही नहीं जा रही है।

बिहार सरकार ने  2009 में डिजिटल शिक्षा के लिए स्कूलों को कंप्यूटर दिए, लेकिन उनकी हालत जर्जर हो चुकी है क्योंकि वो सालो से कमरों में बंद हैं। उनपर सत्ता की बेरुखी की धूल और जाले लग चुके हैं। क्योंकि उन्हें चलाने वाले कंप्यूटर शिक्षक नहीं है।

कंप्यूटर शिक्षक हैं कहाँ?

आपको बता दें कि बिहार के 1832 कंप्यूटर शिक्षक जिन्हें छात्रों को शिक्षा देनी थी, वो  पिछले 800 दिनों से पटना के गर्दनीबाग़ में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी केवल एक सूत्री मांग है कि उन्हें पुनः बहाल किया जाए। ये शिक्षक 22 अगस्त 2017 से अनशन और धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।  इस धरने के दौरान अभी तक तीन कंप्यूटर शिक्षकों की मौत हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

साल 2009 इन्फ़ोर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) एक्ट यानी स्कूलों में छात्रों को डिजिटिल शिक्षा मिले, जिससे उन्हें सूचना को प्राप्त करने और लोगों से संपर्क करने में मदद मिले। इसके लिए बिहार के 5773 उच्च माध्यमिक स्कूलों में से 1000 स्कूलों में 10-10 कंप्यूटर बच्चों को शिक्षा देने के लिए उपलब्ध कराए गए। इस योजना में 17 करोड़ की लागत थी और इसका ज़िम्मा बेल्ट्रॉन नामक निजी कंपनी को दिया गया।  

योजना के मुताबिक़ 5 साल के लिए कंप्यूटर शिक्षकों को कॉन्ट्रेक्ट पर रखा गया और उनको छात्रों को पढ़ाने के साथ ही इस दौरान स्कूलों में पढ़ाने वाले स्थायी नौकरी वाले किसी शिक्षक को कंप्यूटर पढ़ाने लायक बनाने की भी ज़िम्मेदारी दी गई थी।

इस दौरान दूसरे चरण में 2012 में फिर 14 करोड़ रुपए की मदद से एक हज़ार अन्य स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध कराये गए। इस बार इसका ज़िम्मा निजी कंपनी की जगह शिक्षा विभाग विकास निगम ने लिया। निजी कंपनी का कॉन्ट्रेक्ट ख़त्म हो गया, लेकिन इन शिक्षकों का कॉन्ट्रेक्ट बढ़ा कर 2017 तक कर दिया गया। लेकिन 2017 में इन कंप्यूटर शिक्षकों का भी कॉन्ट्रेक्ट ख़त्म कर दिया गया। इसके बाद स्कूलों को कंप्यूटर तो मिल गए लेकिन शिक्षकों के बिना स्कूल के कंप्यूटर कबाड़ होने लगे। ठेका ख़त्म होने के बाद से कंप्यूटर शिक्षकों की नौकरी चली गई तभी से ये लोग धरने पर हैं।

IMG-20191104-WA0015.jpg

प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा, "सरकार शिक्षकों को ठग रही है। बिहार का कोई भी मंत्री या विधायक, सांसद नहीं बचा है जिसके पास हम नहीं गए हों लेकिन सबने आश्वासन दिया है, हल किसी ने नहीं किया है। ये हमारे नहीं बच्चों के भविष्य के लिए ख़तरा है। सोचिए आजकल सबकुछ ऑनलाइन हो गया है ऐसे में छात्रों के लिए कंप्यूटर शिक्षा बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन बिहार के बच्चे इससे दूर हैं। वो कैसे इस प्रतिभागी दुनिया में अन्य छात्रों का मुक़ाबला कर पाएंगे?"

इस प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सभी तरीक़े अपनाये जिससे उनकी मांगो पर सरकार का ध्यान जाए। कभी वो इच्छा मृत्यु मांगते हैं तो कभी दंडवत प्रणाम यानी ज़मीन पर लेट कर चलते हुए जाते हैं। कभी थाली-कटोरा लेकर नौकरी की भीख मांगते हैं। लेकिन कोई सुन नहीं रहा है, जबकि एक रैली के दौरान नितीश कुमार ने शिक्षा मंत्री को  इसका हल करने को कहा था। लेकिन बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्णा प्रसाद इसे अनदेखा करते रहे हैं। शुरुआत में तो उन्होंने कहा कि इन शिक्षकों को हम नहीं रख सकते हैं। फिर कुछ समय बाद उन्होंने शिक्षकों को वे जिस स्थिति में काम कर रहे थे उसी में वापस लेने का वादा किया।

बिहार कंप्यूटर शिक्षक वेलफ़ेयर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष सौरभ कुमार ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए कहा, "हम शिक्षा मंत्री की इस बात पर भी तैयार हो गए। सरकार ने इसको लेकर फ़ाइल भी तैयार कर ली लेकिन अब इस बात को भी छह महीने बीत गए हैं। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है और अब शिक्षा मंत्री कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री से मिलो, वो ही कुछ कर सकते हैं।" 

कृष्ण ने बताया कि उन लोगों ने मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कई बार समय मांगा लेकिन मुख्यमंत्री अब तक उनसे नहीं मिले हैं।

आगे वो कहते हैं,  "हम इतने समय से प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन सरकार कोई सुध नहीं ले रही है। अब तो बस यह देखना है कि सरकार पहले मानती है या हमारी मौत पहले आती है। क्योंकि बिना नौकरी के हम धरने से उठने वाले नहीं हैं।"

Bihar
Teachers' Strike
digital india
Bihar government
Nitish Kumar
Bihar education system
Education System In India
modi sarkar
Information and Communication Technology Act

Related Stories

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

पटना : जीएनएम विरोध को लेकर दो नर्सों का तबादला, हॉस्टल ख़ाली करने के आदेश

बिहार: 6 दलित बच्चियों के ज़हर खाने का मुद्दा ऐपवा ने उठाया, अंबेडकर जयंती पर राज्यव्यापी विरोध दिवस मनाया

बिहार: विधानसभा स्पीकर और नीतीश सरकार की मनमानी के ख़िलाफ़ भाकपा माले का राज्यव्यापी विरोध

बिहार में आम हड़ताल का दिखा असर, किसान-मज़दूर-कर्मचारियों ने दिखाई एकजुटता

पटना: विभिन्न सरकारी विभागों में रिक्त सीटों को भरने के लिए 'रोज़गार अधिकार महासम्मेलन'

बिहार बजट सत्र: विधानसभा में उठा शिक्षकों और अन्य सरकारी पदों पर भर्ती का मामला 

बिहार : सीटेट-बीटेट पास अभ्यर्थी सातवें चरण की बहाली को लेकर करेंगे आंदोलन

बिहार : आशा वर्कर्स 11 मार्च को विधानसभा के बाहर करेंगी प्रदर्शन


बाकी खबरें

  •  Punjab security lapse
    न्यूज़क्लिक टीम
    पंजाब में पीएम की "सुरक्षा चूक" पर पूरी पड़ताल!
    06 Jan 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे में आज अभिसार शर्मा चर्चा कर रहे प्रधानमंत्री के पंजाब दौरे की। साथ ही वे नज़र डाल रहे हैं कि किस तरह मीडिया द्वारा किसानों को टारगेट किया जा रहा है
  • fact check
    राज कुमार
    फ़ैक्ट चेक : संबित ने जर्जर स्कूलों को सपा सरकार का बताया, स्कूल योगी सरकार के निकले
    06 Jan 2022
    एक बार फिर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्विटर पर फ़ेक न्यूज़ के ज़रिये विपक्ष पर निशाना साधने की कोशिश की है।
  • jnu
    रवि कौशल
    जेएनयू हिंसा के दो साल : नाराज़ पीड़ितों को अब भी है न्याय का इंतज़ार 
    06 Jan 2022
    ऐसा लगता है कि दिल्ली पुलिस की जांच भटक चुकी है। अब तक दोषियों की पहचान तक नहीं की जा सकी है।
  • punjab security
    शंभूनाथ शुक्ल
    'सुरक्षा चूक' की आड़ में राजनीतिक स्टंट?
    06 Jan 2022
    प्रधानमंत्री को एयरपोर्ट में पंजाब के अधिकारियों को दिए बयान से बचना चाहिए था। और जो कुछ करना था, वह सीधे गृह मंत्रालय के आला अधिकारी करते तो भविष्य में ऐसी किसी भी चूक से प्रशासन सतर्क रहते। तथा…
  • election
    सौरभ शर्मा
    यूपी: युवाओं को रोजगार मुहैय्या कराने के राज्य सरकार के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते हैं!
    06 Jan 2022
    लगभग 43 उम्मीदवारो को उत्तर प्रदेश में पिछले साल विभिन्न चिकित्सा विभागों द्वारा विभिन्न कोरोना लहरों के दौरान में रोजगार पर रखा गया था। बाद में इन्हें काम से मुक्त कर दिया गया। उन्होंने इस कदम के…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License