NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद ऑटो चालकों ने दो दिनों की हड़ताल शुरु कर दी है। वे बिहार सरकार से फिलहाल प्रतिबंध हटाने की मांग कर रहे हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
06 Apr 2022
पटनाः डीजल-पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के ख़िलाफ़ ऑटो चालकों की हड़ताल
कैप्शन- दो दिन की हड़ताल पर बैठे ऑटो चालक (फ़ोटो क्रेडिट- दैनिक भास्कर) 

पटना में डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर प्रतिबंध के बाद नाराजगी जाहिर करते हुए ऑटो चालकों ने हड़ताल शुरु कर दी है। ऑटो चालक डीजल और पेट्रोल से चलने वाले ऑटो पर लगे प्रतिबंध को फिलहाल हटाने की मांग कर रहे हैं। 

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार ऑटो चालक, पटना जंक्शन के बाहर स्थित टाटा पार्क ऑटो स्टैंड में कड़ी धूप में जमीन पर लेटकर दो दिवसीय स्ट्राइक पर चले गए हैं। वहीं कुछ चालकों ने ऑटो के उपर बैठकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष पप्पू यादव ने भास्कर से कहा कि हम लोग भूखे मरने लगे हैं। हमारे बच्चों के अब स्कूलों से नाम कटने के अल्टीमेटम मिलने लगे हैं। कमाई बंद हो गई है तो अब बच्चों की फीस कहां से भरें। हम लोग दो दिनों तक यहीं धरना देंगे ताकि सरकार हमारी बातों को मान ले। अगर हमारी मांगों को नहीं सुना गया तो फिर बड़ा आंदोलन करेंगे।

ऑटो चालक मुर्तजा अली कहते हैं कि हम सरकार को चेतावनी देते हैं। अभी भी समय है। कम से कम एक साल का समय बढ़ाया जाए। हम लोग खुद अपने ऑटो को सीएनजी में बदल लेंगे। लेकिन अचानक से बंद मत करवाइए। हमारी लड़ाई पटना से दिल्ली तक गूंजेगी। 

साथ ही वे कहते कि एक साल के अंदर पटना के सभी मेन इलाकों में सीएनजी पंप लगाएं क्यूंकि जिनके पास सीएनजी ऑटो है, उनको गैस भरवाने में 3 से 4 घंटे समय लगते हैं।

मार्च महीने में पटना जिला के परिवहन अधिकारी श्रीप्रकाश ने कहा था राजधानी में पहली अप्रैल से केवल सीएनजी ऑटो का परिचालन किया जाएगा। उन्होंने कहा था, इस आदेश का अनुपालन सख्ती से किया जाएगा। राज्य सरकार की ओर से ऑटो व बस पर काफी अनुदान दिया जा रहा है और काफी लोगों ने इसका लाभ उठाया है। 

ये भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित बिहार की धनौती नदी के अस्तित्व पर संकट !

Bihar
PATNA
auto driver
Protest
Ban on Diesel Petrol Auto
Nitish Government

Related Stories

बिहार: पांच लोगों की हत्या या आत्महत्या? क़र्ज़ में डूबा था परिवार

बिहार : जीएनएम छात्राएं हॉस्टल और पढ़ाई की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

बिहारः नदी के कटाव के डर से मानसून से पहले ही घर तोड़कर भागने लगे गांव के लोग

मिड डे मिल रसोईया सिर्फ़ 1650 रुपये महीने में काम करने को मजबूर! 

बिहार : दृष्टिबाधित ग़रीब विधवा महिला का भी राशन कार्ड रद्द किया गया

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

बिहार : जन संघर्षों से जुड़े कलाकार राकेश दिवाकर की आकस्मिक मौत से सांस्कृतिक धारा को बड़ा झटका

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

बिहार पीयूसीएल: ‘मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराने के लिए हिंदुत्व की ताकतें ज़िम्मेदार’


बाकी खबरें

  • custodial death
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश: पुलिस की ज़्यादती का एक और मामला, सफ़ाईकर्मी की पुलिस हिरासत में मौत
    22 Oct 2021
    घटना से वाल्मीकि समाज ग़ुस्से में है। दलित कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में लोग पोस्टमार्टम स्थल पर इकट्ठा हो गए और संबंधित पुलिस कर्मियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
  • jail
    सोनिया यादव
    प्रिवेंटिव डिटेंशन क्या क़ानून के नाम पर भरपूर मनमानियां करने का ज़रिया है?
    22 Oct 2021
    एहतियातन हिरासत को लेकर देश के 100 रिटायर्ड प्रशासनिक अधिकारियों ने केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू को एक खुली चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में कहा गया है कि इस अधिसूचना को जारी करने में 43 वर्षों की…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!
    22 Oct 2021
    100 करोड़ वैक्सीन डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता।
  • jammu
    अबास राथर
    जम्मू-कश्मीर: सुस्त प्रशासन का लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालना जारी
    22 Oct 2021
    जिला विकास परिषद (डीडीसी) के चुनावों के लगभग नौ महीने बीत चुके हैं, लेकिन नौकरशाही और निर्वाचित प्रतिनिधियों के बीच कामकाजी संगति नहीं बन सकी है। यह होने की बजाय, हम केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन को…
  • Refugees
    ट्राईकोंटिनेंटल : सामाजिक शोध संस्थान
    अगर सभी शरणार्थी एक देश में रह रहे होते, तो वह देश दुनिया का 17वाँ सबसे बड़ा देश होता
    22 Oct 2021
    अकेले संयुक्त राष्ट्र की गणना के हिसाब से, इस समय लगभग 8.3 करोड़ लोग विस्थापित हैं, और यदि ये सभी विस्थापित एक ही स्थान पर रहें तो वे आपस में मिलकर दुनिया का 17वाँ सबसे अधिक आबादी वाला देश बन जाएँगे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License