NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की
8 नवंबर को होने वाले लुइस एर्से और डेविड चोकेहुआंसा के शपथ ग्रहण से पहले अतिदक्षिणपंथियों के हमले तेज़ हो गए हैं।
पीपल्स डिस्पैच
06 Nov 2020
बोलीविया

मूवमेंट टूवार्ड्स सोशलिज्म- पॉलिटिकल इंस्ट्रूमेंट फॉर पीपुल्स सोवरेन्टीटी (एमएएस-आईपीएसपी) के प्रवक्ता सेबैस्टियन मिशेल ने गुरुवार 5 नवंबर की रात को बोलीविया की राजधानी ला पाज में एमएएस-आईपीएसपी कैम्पेन हेडक्वार्टर के गेट के बाहर डायनामाइट विस्फोट को लेकर निंदा की है। मिशेल ने बताया कि भावी राष्ट्रपति लुइस एर्से जब कैम्पेन हाउस में बैठक में शामिल थे तब विस्फोट हुआ और यह तब हुआ जब अतिदक्षिणपंथी समूह गुजर रहा था।

बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति इवो मोरालेस ने “ला पाज में कैम्पेन हाइस पर हमले की निंदा की। छोटे समूह भ्रम और हिंसा का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे इसे हासिल नहीं कर पाएंगे। हम किसी भी उकसावे में नहीं आएंगे। हमारी क्रांति शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक है।”

एमएस-आईपीएसपी के राष्ट्रपति के उम्मीदवार से सेंटर-राइट उम्मीदवार कार्लोस मेसा और अतिदक्षिणपंथी लुइस फर्नांडो कैमाचो के हारने के बाद देश के अतिदक्षिणपंथी समूहों ने चुनावी धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं और इन परिणामों के ख़िलाफ़ हड़ताल और विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। हालांकि, लुइस एर्से की जीत को व्यापक रूप से बोलिविया के भीतर और बाहर राजनीतिक गलियारों के नेताओं द्वारा व्यापक रूप से मान्यता दी गई है। डी-फैक्टो प्रेसिडेंट जीनाइन एनेज जो कि एक साल पहले तख्तापलट के बाद असंवैधानिक रूप से सत्ता पर कब्जा कर लिए थे उन्होंने 19 अक्टूबर के शुरुआती क्षणों में मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद एर्से को जीत की बधाई दी थी।

रविवार 8 नवंबर को बोलिविया के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के रूप में लुइस एर्से और डेविड चोकेहुआंसा के शपथ ग्रहण के पहले अतिदक्षिणपंथी समूहों द्वारा कार्रवाई तेज़ हो गई है। सांताक्रूज, कोचाबम्बा और ला पाज में इन समूहों ने चुनाव परिणामों के ऑडिट की मांग करने के लिए आज यानी 6 नवंबर को 24 घंटे की हड़ताल का आह्वान किया है। आशंका है कि ये समूह शपथ ग्रहण के मद्देनज़र एमएएस-आईपीएसपी समर्थकों के साथ हिंसक टकराव की स्थिति पैदा करना चाहते हैं।

इस लामबंदी को लेकर उन लोगों में डर पैदा हो गया है जिन्हें नवंबर 2019 में अतिदक्षिणपंथी की भीड़ की घटना याद है जिसके कारण तख्तापलट हुआ और ग़रीबों व स्वदेशी बोलिवियाई लोगों के ख़िलाफ़ नस्लवादी हिंसा की लहर फैल गई। हालांकि, सोशल मूवमेंट्स और ट्रेड यूनियनों ने अपने स्थानों पर सतर्क रहने और इस उकसावे में नहीं आने का आह्वान किया है। बोलिविया के ट्रेड यूनियन सेंटर सेंट्रल ओबेरा बोलिवियाना (सीओबी) ने एक सूचना जारी किया है जिसमें उसने सेंट्रल प्लाजा के उन क्षेत्रों की रक्षा के लिए संगठनों से आह्वान किया जहां रविवार का समारोह होगा। उन्होंने "किसी भी हमले की अनुमति नहीं देने, या बहिष्कार नहीं करने या सरकारी अस्थिरता का न प्रयास करने का संकल्प लिया।"

bolivia
MAS
MAS-IPSP
Sebastian Mitchell
Evo Morales

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

बोलिविया में तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए जीनिन अनेज गिरफ़्तार

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!


बाकी खबरें

  • bonded labour
    द लीफ़लेट
    भारत में अभी भी क्यों जारी है बंधुआ मज़दूरी?
    15 Sep 2021
    हालांकि हम 21वीं सदी में प्रवेश कर चुके हैं मगर भारत में बंधुआ मज़दूरी अभी भी एक हक़ीक़त है। मानव गुप्ता और कशिश गुप्ता बंधुआ मज़दूरी से बचने के लिए भारत में क़ानूनों का विश्लेषण कर रहे हैं और इस ख़तरे को…
  • Big auto companies leaving India is a big blow to Modi's Make-in-India
    बी. सिवरामन
    बड़ी ऑटो कम्पनियों का भारत छोड़ना मोदी के मेक-इन-इंडिया के लिए भारी धक्का
    15 Sep 2021
    एक भी बड़े ऑटोमोबाइल प्लांट का बंद होना किसी देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन में दुर्घटना बनकर उसे बुरी तरह हिला सकता है। बड़ी धूम-धाम के साथ मेक-इन-इंडिया की घोषणा के 6 वर्षों के अंदर फोर्ड छठी…
  • norway
    उपेंद्र स्वामी
    दुनिया भर की: नॉर्वे में लेबर की अगुआई में मध्य-वाम गठजोड़ सत्ता में
    15 Sep 2021
    नॉर्व में चुनावी मुद्दे बाकी देशों जैसे नहीं रहे हैं। नॉर्वे की नाजुक पारिस्थितिकी का असर यह है कि जलवायु परिवर्तन भी वहां बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है, और साथ ही लोगों की आर्थिक सेहत के बीच बढ़ती खाई…
  • 1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    पीपल्स डिस्पैच
    1300 से अधिक फ़िलिस्तीनी क़ैदी इज़रायली जेलों में दुर्व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल करेंगे
    15 Sep 2021
    6 सितंबर को गिल्बोआ जेल से छह कैदियों के भागने के बाद इजरायल की जेलों और हिरासत केंद्रों के अंदर बढ़ी क्रूरता और दमन का विरोध
  • नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    पीपल्स डिस्पैच
    नार्वेः संसदीय चुनावों में वाम दलों ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की
    15 Sep 2021
    169 सीटों वाली नॉर्वे की संसद के आम चुनावों के नतीजे मंगलवार 14 सितंबर को घोषित कर दिए गए। परिणामों के अनुसार, सोमवार को हुए
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License