NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलीविया : COVID-19 महामारी के बीच सुविधाओं की कमी के कारण क़ैदियों का उपद्रव
क़ैैदियों का मानना है कि उनके साथी की मौत नोवेल कोरोना वायरस के चलते हुई है। इस घटना के बाद जेल में उपद्रव मच गया है।
पीपल्स डिस्पैच
13 Apr 2020
bolivia

बोलिविया में ओरुओ विभाग में सैन पेड्रो जेल के कैदियों ने 12 अप्रैल को COVID-19 महामारी को लेकर बेहतर सुरक्षा उपायों और चिकित्सीय सुविधा देने की मांग करते हुए उपद्रव किया। एक कैदी की मौत के बाद ये बवाल मच गया। माना जाता है कि कैदी को नोवल कोरोनावायरस के लक्षण थे।

कैदियों के एक समूह ने कैदखाना के केंद्र के विभिन्न जगहों पर आग लगा दिया और बोलिविया की पुलिस के आदेश की अवहेलना करते हुए जेल की छत पर चढ़ गए। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रीय सरकार माफी प्रक्रिया में तेजी लाए जो हाल ही में 58 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए घोषणा की गई है। उन्होंने यह भी मांग की कि कोरोनोवायरस के संक्रमण से बचने के लिए जेल के सभी कैदियों की जांच हो।

एक कैदी ने कहा, "कई साथी हैं जिनमें कोरोनोवायरस के लक्षण हैं। जो दवाएं वे हमें देते हैं, वे साल 2018 में ही समाप्त हो चुकी हैं। हम माफी कानून का लाभ उठाना चाहते हैं।"

कई घंटों बाद बोलीविया की पुलिस ने बताया कि उन्होंने रासायनिक पदार्थों का इस्तेमाल करके जेल पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।

तख्तापलट करने वाली सरकार के मंत्री अर्तुरो मुरिलो ने स्पष्ट किया कि कैदी की मौत जिगर (पैनक्रिया) की समस्या के कारण हुई थी न कि COVID -19 के चलते। उन्होंने बताया कि सही जानकारी की कमी के कारण कैदियों ने समझा कि उनके साथी कैदी की मौत कोरोनोवायरस से हुई है।

साभार : पीपल्स डिस्पैच

bolivia
Bolivia Prisoners
Coronavirus
COVID-19
Evo Morales

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा


बाकी खबरें

  • UMAR KHALID
    तारिक अनवर
    दिल्ली हिंसा: उमर ख़ालिद के परिवार ने कहा ज़मानत नहीं मिलने पर हैरानी नहीं, यही सरकार की मर्ज़ी है
    25 Mar 2022
    उमर ख़ालिद के पिता ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अभियोजन पक्ष के आरोपों को साबित कर पाने में पूरी तरह नाकाम होने के बावजूद अदालत ने "मनगढ़ंत साज़िश के सिद्धांत" पर यक़ीन किया।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,685 नए मामले, 83 मरीज़ों की मौत
    25 Mar 2022
    देश में अब तक कोरोना से पीड़ित 98.75 फ़ीसदी यानी 4 करोड़ 24 लाख 78 हज़ार 87 मरीज़ों को ठीक किया जा चुका है।
  • एम. के. भद्रकुमार
    बाइडेन ने फैलाए यूक्रेन की सीमा की ओर अपने पंख
    25 Mar 2022
    यदि बाइडेन यूक्रेन में नाटो के हस्तक्षेप के अपने प्रस्ताव के लिए यूरोप का समर्थन पाने में सफल हो जाते हैं, तो युद्ध नाटकीय रूप से परमाणु हथियारों से जुड़े विश्व युद्ध में तब्दील हो सकता है।
  • पीपल्स डिस्पैच
    यमन के लिए यूएन का सहायता सम्मेलन अकाल और मौतों की चेतावनियों के बीच अपर्याप्त साबित हुआ
    24 Mar 2022
    यूएन के यमन के लिए किए गए प्लेजिंग कांफ्रेंस में सऊदी अरब और यूएई जैसे खाड़ी देश कोई सहायता प्रदान करने में असफल हुए हैं।
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    भाजपा सरकार के प्रचार का जरिया बना बॉलीवुड
    24 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद हैँ तेरे के आज एक एपिसोड में वरिष्ठ पत्रकार अभिसार बॉलीवुड की चर्चा कर रहें हैँ औऱ साथ ही सवाल कर रहे हैँ की क्या ऐसी फ़िल्में बननी चाहिए जो किसी राजनैतिक पार्टी के एजेंडे को बढ़ावा…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License