NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया
स्वागत के लिए इकट्ठा हुए लोगों द्वारा अपना सहयोग देने के लिए मोरालेस ने उन्हें धन्यवाद दिया और बोलीविया के पुनर्निर्माण के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
पीपल्स डिस्पैच
10 Nov 2020
बोलिवियाई लोगों ने एक विशाल रैली में ईवो मोरालेस का स्वागत किया

बोलिविया के पूर्व राष्ट्रपति ईवो मोरालेस सोमवार 9 नवंबर को अपनी मातृभूमि लौट आए। लगभग 11 महीने तक अर्जेंटीना में एक राजनीतिक शरणार्थी के रूप में रहने के बाद मोरालेस का अर्जेंटीना के ला क्वियाका- बोलिविया सीमा के विल्लेजन पर एक विशाल रैली के साथ अपने देश लौटने पर स्वागत किया गया।

देश भर से कई स्वदेशी संगठनों, सोशल मूवमेंट्स और ट्रेड यूनियनों के हज़ारों सदस्य अपने नेता का स्वागत करने और उनकी वापसी का जश्न मनाने के लिए विल्लेजन पहुंचे। मोरालेस की पार्टी मूवमेंट टुवार्ड्स सोशलिज्म (एमएएस) के सदस्य भी उपस्थित थे। नागरिकों ने पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। उनकी वापसी के सम्मान में एक पारंपरिक समारोह भी आयोजित किए गए।

मोरालेस ने देश लौटने के कुछ ही समय बाद उन्हें बधाई देने के लिए इकट्ठा लोगों को संबोधित किया और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

मोरालेस ने कहा, "धैर्य के साथ और बिना हिंसा के हमने अपनी मातृभूमि को पुनः प्राप्त किया। तख्तापलट करने वालों ने कहा कि एमएएस सत्ता में वापस नहीं आ सकती और न ही बोलिविया में ईवो लौट सकते हैं। आज, एमएएस बोलिविया की सत्ता में है और ईवो बोलीविया में हैं। बोलिवियाई लोगों का धन्यवाद।”

इसी तरह मोरालेस ने एकता का आह्वान किया और संघर्ष जारी रखने के महत्व पर ज़ोर दिया।

क्वियाका-विल्लेज़न सीमा पर मोरालेस के साथ साथ चलने वाले अर्जेंटीना के राष्ट्रपति अल्बर्टो फर्नांडीज ने 9 नवंबर को "सभी के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन" बताया।

मोरालेस की वापसी ने एक साल पहले इनके खिलाफ किए गए अमेरिकी समर्थित नागरिक-सैन्य तख्तापलट की हार का संकेत देता है। अक्टूबर 2019 के आम चुनावों में किए गए चुनावी धोखाधड़ी के झूठे आरोपों के बाद, जिसमें मोरालेस और एमएएस ने फिर से चुनाव जीता तो ऑर्गनाइजेशन ऑफ अमेरिकी स्टेट के समर्थन के साथ बोलिविया की दक्षिणपंथी ताकतों ने उनके इस्तीफ़े की मांग करते हुए हिंसक लामबंदी शुरू कर दी।

नवंबर 2019 में मोरालेस और उपराष्ट्रपति अलवारो गार्सिया लिनेरा को अपने इस्तीफ़े की घोषणा करने के लिए मजबूर किया गया और उनके जान व माल की सुरक्षा के भारी ख़तरों के कारण देश छोड़ने के लिए मजबूर किया गया।

अब, नए चुनावों और एमएएस के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लुइस एर्से और डेविड चोकेहुआंसा की शानदार जीत के बाद मोरालेस अपने लोगों के साथ लड़ाई जारी रखने के लिए अपने देश लौट आए।

Evo Morales
bolivia
Álvaro García Linera

Related Stories

क्या चिली की प्रगतिशील सरकार बोलीविया की समुद्री पहुंच के रास्ते खोलेगी?

पत्रकारिता एवं जन-आंदोलनों के पक्ष में विकीलीक्स का अतुलनीय योगदान 

बोलिवियाई लोगों को तख्तापलट करने वाली नेता जीनिन आनेज़ के जेल से भागने की आशंका

बोलिविया के तख़्तापलट में शस्त्र मुहैया कराने के मामले में अर्जेंटीना ने जांच शुरू की

बोलीविया सरकार ने इक्वाडोर द्वारा तख़्तापलट सरकार को हथियारों की आपूर्ति की जांच की

बोलिविया में तख्तापलट का नेतृत्व करने के लिए जीनिन अनेज गिरफ़्तार

साकाबा नरसंहार के एक साल बाद बोलीविया ने पीड़ितों को याद किया और न्याय की मांग की

बोलिवियाः लुइस एर्से ने राष्ट्रपति और डेविड चोकेहुआंसा ने उपराष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया

बोलीवियाः एमएएस ने ला पाज़ में कैम्पेन हेडक्वार्टर के पास विस्फ़ोट की निंदा की

बोलीविया के चुनावी नतीजों के मायने!


बाकी खबरें

  • अभिलाषा, संघर्ष आप्टे
    महाराष्ट्र सरकार का एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम को लेकर नया प्रस्ताव : असमंजस में ज़मीनी कार्यकर्ता
    04 Apr 2022
    “हम इस बात की सराहना करते हैं कि सरकार जांच में देरी को लेकर चिंतित है, लेकिन केवल जांच के ढांचे में निचले रैंक के अधिकारियों को शामिल करने से समस्या का समाधान नहीं हो सकता”।
  • रवि शंकर दुबे
    भगवा ओढ़ने को तैयार हैं शिवपाल यादव? मोदी, योगी को ट्विटर पर फॉलो करने के क्या हैं मायने?
    04 Apr 2022
    ऐसा मालूम होता है कि शिवपाल यादव को अपनी राजनीतिक विरासत ख़तरे में दिख रही है। यही कारण है कि वो धीरे-धीरे ही सही लेकिन भाजपा की ओर नरम पड़ते नज़र आ रहे हैं। आने वाले वक़्त में वो सत्ता खेमे में जाते…
  • विजय विनीत
    पेपर लीक प्रकरणः ख़बर लिखने पर जेल भेजे गए पत्रकारों की रिहाई के लिए बलिया में जुलूस-प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट का घेराव
    04 Apr 2022
    पत्रकारों की रिहाई के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए संयुक्त पत्रकार संघर्ष मोर्चा का गठन किया है। जुलूस-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आंचलिक पत्रकार भी शामिल हुए। ख़ासतौर पर वे पत्रकार जिनसे अख़बार…
  • सोनिया यादव
    बीएचयू : सेंट्रल हिंदू स्कूल के दाख़िले में लॉटरी सिस्टम के ख़िलाफ़ छात्र, बड़े आंदोलन की दी चेतावनी
    04 Apr 2022
    बीएचयू में प्रशासन और छात्र एक बार फिर आमने-सामने हैं। सीएचएस में प्रवेश परीक्षा के बजाए लॉटरी सिस्टम के विरोध में अभिभावकों के बाद अब छात्रों और छात्र संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है।
  • टिकेंदर सिंह पंवार
    बेहतर नगरीय प्रशासन के लिए नई स्थानीय निकाय सूची का बनना ज़रूरी
    04 Apr 2022
    74वां संविधान संशोधन पूरे भारत में स्थानीय नगरीय निकायों को मज़बूत करने में नाकाम रहा है। आज जब शहरों की प्रवृत्तियां बदल रही हैं, तब हमें इस संशोधन से परे देखने की ज़रूरत है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License