NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
उच्च न्यायालय ने पूछा, भाजपा सांसद ने 'चुपके' से रेमडेसिविर कैसे खरीदी?
अदालत ने कहा, ' हम केवल यह जानना चाहते हैं कि विखे पाटिल ने कैसे अनाधिकारिक एवं चुपके से रेमडेसिविर टीके की शीशियां खरीदीं?'
भाषा
30 Apr 2021
उच्च न्यायालय ने पूछा, भाजपा सांसद ने 'चुपके' से रेमडेसिविर कैसे खरीदी?

मुंबई : बई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को भाजपा सांसद सुजय विखे पाटिल द्वारा कथित तौर पर नई दिल्ली से अनाधिकारिक एवं 'चुपके' से रेमडेसिविर टीके खरीदने को लेकर आपत्ति जताई।

साथ ही उल्लेख किया कि कोविड-19 रोधी इस दवा को जरूरतमंदों के बीच समान अनुपात में वितरित किया जाना चाहिए।

सुजय विखे पाटिल पश्चिमी महाराष्ट्र की अहमदनगर सीट से लोकसभा सांसद हैं।

उच्च न्यायालय की औरंगाबाद पीठ ने कहा कि विखे पाटिल का यह कदम शायद गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों की जान बचा सकता है लेकिन उन्होंने जो रास्ता चुना, वो गलत था और 'यह रॉबिनहुड जैसी परिस्थिति भी नहीं हो सकती।'

अदालत ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच किए जाने की आवश्यकता है। हालांकि, अदालत इस चरण में ऐसा करने से बच रही है क्योंकि उसने सांसद को क्लीनचिट देने के लिए अहमदनगर के जिलाधिकारी को तलब किया है।

न्यायमूर्ति रविंद्र घुगे की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, ' एक गलत रास्ते को अपनाना अंतत: अनुचित करार दिया जाता है। रेमडेसिविर टीके का उपयोग एवं वितरण सभी के बीच समान अनुपात में किया जाना चाहिए, ना कि इस तरह।'

अदालत ने कहा, ' हम केवल यह जानना चाहते हैं कि विखे पाटिल ने कैसे अनाधिकारिक एवं चुपके से रेमडेसिविर टीके की शीशियां खरीदीं?'

पीठ चार कृषि विशेषज्ञों द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दिल्ली से अवैध तरीके से रेमडेसिविर टीके की 10,000 शीशियां खरीदने और अहमदनगर में वितरित किए जाने के आरोप में पाटिल के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई का अनुरोध किया था।

remdesivir
BJP
Bombay High Court

Related Stories

यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी

क्या सरकार की पीएम मोदी के जन्मदिन पर ढाई करोड़ लोगों के टीकाकरण की बात 'झूठ' थी?

मोदी जी, शहरों में नौकरियों का क्या?

बिहार में पूर्ण टीकाकरण सूची में शामिल हैं मोदी, शाह और प्रियंका चोपड़ा के नाम 

बनारस घाट के नाविकों को अब भी कोविड-19 की तबाही से उबरना बाक़ी

यूपी: कोविड-19 के असली आंकड़े छुपाकर, नंबर-1 दिखने का प्रचार करती योगी सरकार  

कोविड में स्कूलों से दूर हुए गरीब बच्चे, सरकार का ध्यान केवल ख़ास वर्ग पर

आज भी न्याय में देरी का मतलब न्याय न मिलना ही है

क्या केरल कोविड-19 संक्रमण संभालने में विफल रहा? आंकड़ों से जानिए सच!

कई प्रणाली से किए गए अध्ययनों का निष्कर्ष :  कोविड-19 मौतों की गणना अधूरी; सरकार का इनकार 


बाकी खबरें

  • ukraine russia
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन पर रूसी हमला जारी, क्या निकलेगी शांति की राह, चिली-कोलंबिया ने ली लाल करवट
    15 Mar 2022
    'पड़ताल दुनिया भर की' में, वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने यूक्रेन पर रूसी हमले के 20वें दिन शांति के आसार को टटोला न्यूज़क्लिक के प्रधान संपादक प्रबीर पुरकायस्थ के साथ। इसके अलावा, चर्चा की दो लातिन…
  • citu
    न्यूज़क्लिक टीम
    स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है
    15 Mar 2022
    CITU के आह्वान पर आज सैकड़ों की संख्या में स्कीम वर्कर्स ने संसद मार्च किया और स्मृति ईरानी से मुलाकात की. आखिर क्या है उनकी मांग? क्यों आंदोलनरत हैं स्कीम वर्कर्स ? पेश है न्यूज़क्लिक की ग्राउंड…
  • yogi
    रवि शंकर दुबे
    चुनाव तो जीत गई, मगर क्या पिछले वादे निभाएगी भाजपा?
    15 Mar 2022
    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भले ही भाजपा ने जीत लिया हो लेकिन मुद्दे जस के तस खड़े हैं। ऐसे में भाजपा की नई सरकार के सामने लोकसभा 2024 के लिए तमाम चुनौतियां होने वाली हैं।
  • मुकुल सरल
    कश्मीर फाइल्स: आपके आंसू सेलेक्टिव हैं संघी महाराज, कभी बहते हैं, और अक्सर नहीं बहते
    15 Mar 2022
    क्या आप कश्मीर में पंडितों के नरसंहार के लिए, उनके पलायन के लिए मुसलमानों को ज़िम्मेदार नहीं मानते—पड़ोसी ने गोली की तरह सवाल दागा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहारः खेग्रामस व मनरेगा मज़दूर सभा का मांगों को लेकर पटना में प्रदर्शन
    15 Mar 2022
    "बिहार में मनरेगा मजदूरी मार्केट दर से काफी कम है। मनरेगा में सौ दिनों के काम की बात है और सम्मानजनक पैसा भी नहीं मिलता है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License