NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
अंतरराष्ट्रीय
ब्राज़ील : बोल्सनारो ने कोरोना वायरस संकट को अनदेखा करते हुए टीवी पर की 'सामान्य' रहने की अपील
राष्ट्रपति ने अकेले रहने को मना किया, मीडिया को डर फैलाने के लिए ज़िम्मेदार बताया और कहा कि कोरोना वायरस को 'स्वस्थ' लोगों को हुआ मामूली 'ज़ुकाम' है।
पीपल्स डिस्पैच
25 Mar 2020
बोल्सनारो

जायर बोल्सनारो ने कोरोना वायरस के दौरान ब्राज़ील के विभिन्न राज्यों के गवर्नरों द्वारा सामाजिक अलगाव(सोशल आइसोलेशन) की योजनाओं की निंदा की और कहा कि मीडिया कोरोना वायरस पर रिपोर्टिंग करने के दौरान ब्राज़ील की जनता में तनाव और दहशत का माहौल पैदा कर रहा है।

उनके अनुसार, राज्य और म्यूनिसिपल अधिकारियों को अब स्थिति सामान्य कर देनी चाहिए। उन्होंने स्कूलों के बंद होने पर सवाल उठाया चूंकि ख़तरा 60 साल से ऊपर के लोगों को है, और फिर से कहा कि इस संकट के दौरान ब्राज़ील को नौकरियाँ सुनिश्चित करनी चाहिए।

उन्होंने यह बातें 24 मार्च को टीवी और रेडियो पर देश को संबोधित करते हुए कहीं। इस भाषण के दौरान बोल्सनारो ने यह भी कहा कि इटली में मीडिया ने ही इस महामारी के बारे में बढ़ा-चढ़ा कर बात की जिसकी वजह से मामले इतने बढ़ गए।

उन्होंने कहा, "मीडिया ने इटली में पीड़ितों की संख्या का ऐलान कर के डर का माहौल पैदा कर दिया था। इटली में वृद्ध आबादी ज़्यादा है, और हमारे यहाँ से एकदम अलग वातावरण है।"

बोल्सनारो ने कहा कि भगवान वैज्ञानिकों को कोरोना का इलाज ढूँढने की शक्ति देगा। उन्होंने फिर से कहा कि यह महामारी "बस सर्दी-ज़ुकाम" है, और 90% संक्रमित लोगों में लक्षण नज़र नहीं आएंगे। आगे राष्ट्रपति ने कह दिया कि चूंकि वो एथलीट रहे हैं इसलिए उन्हें कुछ नहीं होगा।

राष्ट्रपति ने Chloroquine नाम की दवा पर भरोसा जताते हुए उसे कोविड-19 का इलाज करने में सक्षम बताया, जबकि ये अभी तक प्रूव नहीं हुआ है। ये दवाई बाज़ार से ख़त्म हो गई है क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि इस दवाई से कथित तौर पर कोरोना का इलाज हो रहा है।

सोमवार 23 मार्च को अमेरिका के पति-पत्नी ने यह दवाई ली थी, जिसके आधे घंटे बाद वह बीमार हो गए। नेशनल पब्लिक रेडियो के अनुसार, पुरुष की मौत हो गई और महिला को हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा।

कोरोना वायरस महामारी की वजह से दुनिया भर में अभी तक 17 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है और 3 लाख 80 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं। ब्राज़ील में अभी तक कोरोना के 2201 मामले सामने आ चुके हैं और 46 लोगों की मौत हो गई है।

राष्ट्रपति की घोषणा के समय, 20:30 बजे, बोल्सेनारो के विरोध में कई शहरों में ताजे केसरोलज़ोस किए गए थे। सामाजिक संकट और सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट पर बोलसनारो की प्रतिक्रिया के विरोध में प्रदर्शन का यह लगातार आठवां दिन है।

साभार :पीपल्स डिस्पैच 

Brazil
novel coronavirus
COVID-19
Bolsanaro

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 2,685 नए मामले दर्ज

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,710 नए मामले, 14 लोगों की मौत

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

कोरोना अपडेट: देश में आज फिर कोरोना के मामलों में क़रीब 27 फीसदी की बढ़ोतरी


बाकी खबरें

  • Modi
    शंभूनाथ शुक्ल
    प्रधानमंत्री की कानपुर यात्रा: “बुढ़ापा हमका चापर किहिस!”
    01 Jan 2022
    कानपुर रैली में उनके भाषण को देख कर लगा कि जैसे उन्हें कानपुर से चिढ़ हो। शायद इसलिए कि कानपुर शहर का मिज़ाज थोड़ा भिन्न है। कानपुर लम्बे समय तक कम्युनिस्ट पार्टी का गढ़ रहा है।
  • kisan andolan
    लाल बहादुर सिंह
    किसानों ने 2021 में जो उम्मीद जगाई है, आशा है 2022 में वे इसे नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे
    01 Jan 2022
    कारपोरेट-फासीवादी आक्रामकता के कैसे ख़ौफ़नाक दौर में हम  फंसे हैं, यह किसान-आंदोलन के स्थगन के 15 दिन के अंदर के घटनाक्रम से ही साफ हो गया है।
  • 2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    सुबोध वर्मा
    2021 : जन प्रतिरोध और जीत का साल
    01 Jan 2022
    पूरे साल के दौरान, औद्योगिक श्रमिकों, कर्मचारियों, किसानों, स्वरोज़गार श्रमिकों, बेरोज़गारों, पुरुष-महिलाओं, युवा-बूढ़ों – यानी कामकाजी लोगों के सभी तबक़ों ने साथ मिलकर अपनी आजीविका पर लगातार हो रहे…
  • Missionaries of Charity's
    कुमुदिनी पति
    मिश्नरीज़ ऑफ चैरिटी के FCRA रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन क्यों ख़ारिज हुआ?
    01 Jan 2022
    मिशनरीज ऑफ चैरिटी क्या है? यह क्या काम करता है कि इसका एफसीआरए रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण का आवेदन ख़ारिज किया गया। 
  • calendar of IIT Kharagpur
    सोनिया यादव
    क्या हिंदुत्व के प्रचार-प्रसार के लिए आईआईटी खड़गपुर का कैलेंडर तैयार किया गया है?
    01 Jan 2022
    कैलेंडर विवाद में जहां संस्थान और इस कैलेंडर को तैयार करने वाले इसमें कुछ भी गलत नहीं होने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कई शिक्षाविद् और संस्थान के पूर्व छात्र इसके खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License