NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
ब्रिटिश गैस के कर्मचारियों की अनुबंधों में अनिश्चितता के ख़िलाफ़ हड़ताल
जीएमबी यूनियन के नेतृत्व में ब्रिटिश गैस के हज़ारों कर्मचारियों ने श्रमिकों के अनुबंधों को फिर से करने और कर्मचारियों को हटाने व नई बहाली करने के खतरों को लेकर प्रबंधन की योजना के ख़िलाफ़ 7 जनवरी से पांच दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Jan 2021
Gas workers

ब्रिटेन के प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ता ब्रिटिश गैस के कर्मचारियों ने गुरुवार 7 जनवरी से पांच दिनों का हड़ताल शुरू कर दिया है। ये कर्मचारियों के अनुबंधों के फिर से तैयार करने को लेकर प्रबंधन की योजना का विरोध कर रहे साथ ही साथ वे मौजूदा अनुबंधों को समाप्त करने के बाद कर्मचारियों के लाभ और अधिकारों में कटौती के लिए कर्मचारियों को 'हटाने और नई बहाली करने' के खतरे को लेकर इस योजना का विरोध कर रहे हैं।

इस हड़ताल का आह्वान जीएमबी यूनियन द्वारा किया गया था। पिछले महीने ब्रिटिश गैस में इसके 9,000 सदस्यों में से 89% ने इसके पक्ष में मतदान किया था। यह तब हुआ था जब प्रबंधन के साथ बातचीत विफल हो गई थी। हजारों इंजीनियर और ग्राहक सेवा कर्मचारी इस हड़ताल का हिस्सा हैं लेकिन ये प्रदर्शन COVID -19 संक्रमण में वृद्धि के मद्देनजर यूके भर में कुछ स्थानों तक सीमित हैं।

इन प्रदर्शनकारी श्रमिकों ने ब्रिटिश गैस प्रबंधन पर अपने20,000 कर्मचारियों को निम्न रोजगार अनुबंधों को स्वीकार करने या अपनी नौकरी खोने के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। श्रमिकों का कहना है कि प्रबंधन की असंवेदनशीलता ने उन्हें हड़ताल पर जाने और कंपनी की सेवाओं को बाधित करने के लिए मजबूर किया है। जीएमबी के राष्ट्रीय सचिव जस्टिन बाउडेन के अनुसार ब्रिटिश गैस के बॉस क्रिस ओ शी द्वारा श्रमिकों को उनके वेतन और नियम और शर्तों में कटौती को स्वीकार करने के प्रयासों ने ही ऐसा करने को मजबूर किया जिससे सर्दियों में ग्राहकों को भारी असुविधा हुई है। ओ शी सेंट्रिका के मुख्य कार्यकारी है। सेंट्रिका के पास ब्रिटिश गैस का मालिकाना हक है।

जीएमबी के अनुसार ब्रिटिश गैस ने हालिया उपलब्ध वार्षिक खातों में 901मिलियन पाउंड (1,225 मिलियन यूएसडी) के परिचालन लाभ की जानकारी दी है और फिर भी श्रमिकों को वेतन कटौती के लिए कह रही है।

लगभग 140 ब्रिटिश सांसदों के एक क्रॉस पार्टी समूह ने पिछले महीने ओ शी को लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर किए थे जिसमें ब्रिटिश गैस के कर्मचारियों को हटाने और नई बहाली करने की रणनीति पर अपनी आपत्ति को उजागर किया था। उन्होंने प्रबंधन को इस तरह की ब्लैकमेल करने की मजदूर-विरोधी रणनीति से परहेज करने को कहा था। इसी तरह की योजना पिछले साल ब्रिटिश एयर के प्रबंधन द्वारा पेश की गई थी और इसे भी ट्रेड यूनियनों के प्रतिरोध का सामना करना पड़ा था।

सोशलिस्ट पार्टी ने ब्रिटिश गैस के हड़ताल करने वाले कर्मचारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की है। रिपोर्ट के अनुसार, ये हड़ताल 1970 के दशक के बाद सबसे बड़ी गैस हड़ताल होने की संभावना है।

britain
UK
Gas workers
GMB Union
Workers Strike

Related Stories

लुधियाना: PRTC के संविदा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'

स्कीम वर्कर्स संसद मार्च: लड़ाई मूलभूत अधिकारों के लिए है

अर्बन कंपनी से जुड़ी महिला कर्मचारियों ने किया अपना धरना ख़त्म, कर्मचारियों ने कहा- संघर्ष रहेगा जारी!

निर्माण मज़दूरों की 2 -3 दिसम्बर को देशव्यापी हड़ताल,यूनियन ने कहा- करोड़ों मज़दूर होंगे शामिल

दिल्ली में मज़दूरों ने अपनी मांगों को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार के ख़िलाफ़ हड़ताल की

एमएसआरटीसी हड़ताल 27वें दिन भी जारी, कर्मचारियों की मांग निगम का राज्य सरकार में हो विलय!

ट्रेड यूनियनों के मुताबिक दिल्ली सरकार की न्यूनतम वेतन वृद्धि ‘पर्याप्त नहीं’

ओएफबी: केंद्र के ‘कड़े’ अध्यादेश के ख़िलाफ़ रक्षा महासंघों ने अखिल भारतीय काला दिवस मनाने का फ़ैसला किया


बाकी खबरें

  • स्वामीनाथन आयोग के आधार पर किसानों को नहीं मिली एमएसपी, सरकार कर रही है भ्रमित
    अजय कुमार
    स्वामीनाथन आयोग के आधार पर किसानों को नहीं मिली एमएसपी, सरकार कर रही है भ्रमित
    13 Sep 2021
    किसानों का कहना है कि कृषि उपज की लागत को स्वामीनाथन आयोग के फार्मूला के तहत ( C 2) निर्धारित किया जाए, ( A2+F L) वाले फार्मूला के तहत नहीं है। कंप्रिहेंसिव कॉस्ट के तहत खेती करने में लगी पूरी लागत…
  • cartoon
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: काम किसी का, नाम किसी का!
    13 Sep 2021
    यूपी की योगी सरकार विज्ञापन के जरिये अपनी छवि चमकाना चाहती है, लेकिन यह दांव उसपर उल्टा पड़ गया है। कार्टूनिस्ट इरफ़ान के मुताबिक अब तो शायद यूपी सरकार को हर विज्ञापन के साथ यह सूचना छापनी पड़े- “…
  • तालिबान ने झंडा फहराया, क्या हैं इसके मायने?
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान ने झंडा फहराया, क्या हैं इसके मायने?
    13 Sep 2021
    इसमें कोई शक नहीं कि अफ़ग़ानिस्तान में झंडा फहराना तालिबान का उस सत्ता पर दावा है जिस दावे के ज़रिए उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने के 20 साल बाद वे सत्ताधारी अभिजात वर्ग के रूप में वापस लौट आए हैं, और यह एक…
  • भूपेंद्र पटेल
    अनिल सिन्हा
    गुजरातः ‘हिंदुत्व की प्रयोगशाला’ बचाने में जुटे हैं मोदी-आरएसएस 
    13 Sep 2021
    भूपेंद्र पटेल पहली बार के विधायक हैं। उन्हें कोई प्रशासनिक अनुभव नहीं है। उनकी एक ही ख़ासियत है कि वह पटेल समुदाय से आते हैं और अगले साल हो रहे विधानसभा चुनावों के लिए जाति-समीकरण साधने में काम आएंगे।
  • जतिन दास
    हर्षवर्धन
    जतिन दास से फादर स्टेन स्वामी तक: राजनैतिक क़ैदियों की दुर्दशा
    13 Sep 2021
    जतिन दास की शहादत आज से 92 साल पहले लाहौर जेल में राजनैतिक बंदियों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए हुई थी। निर्मम ब्रिटिश सरकार ने कपट से जतिन दास की हिरासत को मौत की सज़ा में बदल दिया था। आज़ाद भारत की…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License