NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
अर्थव्यवस्था
बजट 2020 : हेल्थ सेक्टर और महिलाओं को क्या मिला?
आधी आबादी यानी देश की महिलाओं के कई बड़े मुद्दे इस बजट से नदारद दिखे हैं।
सोनिया यादव
01 Feb 2020
budget
Image courtesy:The Logical Indian

केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फ़रवरी, शनिवार को मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। इस दौरान निर्मला सीतारमण ने तमिल कवि तिरुवल्लुवर का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा एक अच्छे देश के लिए 5 ज़रूरी चीज़ें हैं; बीमार न हों, समृद्धि हो, अच्छी फसल हो, जीना आसान हो और सुरक्षा हो। लेकिन सीतारमण के इस बजट में रोगमुक्त और सुरक्षित भारत के लिए वाक़ई क्या मिला है, ये समझना होगा।

संसद में बजट पेश करते हुए हेल्थ सेक्टर के लिए कई बड़े ऐलान किए। देश के हर ज़िले में आयुष्मान भारत के तहत अस्पतालों की बात हुई, मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाया गया, जन औषधि केंद्र और फ़िट इंडिया मूवमेंट से लेकर स्वच्छ भारत तक तमाम बातें कही गईं।

देश को बीमारियों से दूर रखने और स्वस्थ्य भारत के निर्माण के लिए इस बजट में 69 हज़ार करोड़ रुपये हेल्थ सेक्टर को आवंटित किए गए हैं। इसमें पीएम जन आरोग्य योजना का 6 हज़ार 400 करोड़ रुपया भी शामिल है। वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के ज़रिये हर ज़िला अस्पताल के साथ मेडिकल कॉलेजों को अटैच करने का प्रस्ताव रखा गया है।

हेल्थ सेक्टर के लिए बड़े ऐलान

-मिशन इंद्रधनुष का दायरा बढ़ाकर बीमारियों की संख्या 12 कर दी गई है। इसमें पांच नए वैक्सीन भी जोड़े गए हैं।

- आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के इलाज के लिए पीएम जन आरोग्य योजना से 20 हज़ार से ज़्यादा अस्पताल जुड़े हैं। पीपीपी मोड से टियर 2 और टियर 3 शहरों में और अस्पतालों बनाए जाएंगे। पहले चरण में 112 आकांक्षी ज़िलों से इसकी शुरुआत होगी। इनमें भी जिन ज़िलों में एक भी अस्पताल पैनल में नहीं है, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इससे बड़ी संख्या में रोज़गार मिलेगा।

-मेडिकल उपकरणों पर टैक्स से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल जन आरोग्य योजना के तहत बनने वाले अस्पतालों में किया जाएगा।

-जन औषधि केंद्र को 2024 तक हर ज़िले में लाया जाएगा। इनमें 2 हज़ार दवाइयाँ और 3 हज़ार सर्जिकल्स उपलब्ध होंगे।

-फ़िट इंडिया मूवमेंट और स्वच्छ भारत मिशन जारी रहेगा। इस वर्ष 2020-21 में स्वच्छ भारत अभियान के लिए 12,300 करोड़ रुपए निर्धारित किए गए हैं।

-'टीबी हारेगा, देश जीतेगा' अभियान से 2025 तक टीवी की बीमारी को भारत से ख़त्म किया जाएगा।

-'ओडीएफ़ प्लस' ताकि साफ़-सफ़ाई को लेकर जागरुकता बढ़ाई जाए। सॉलिड वेस्ट कलेक्शन पर फ़ोकस करेगा।

-हर घर तक पाइप से पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन के लिए 3.6 लाख करोड़ रुपए आवंटित। 10 लाख से ज़्यादा आबादी वाले शहरों में ये स्कीम इसी साल तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

बता दें कि पिछले साल के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 62,398 करोड़ रूपये का आवंटन हुआ था। साल 2020-2021 के बजट से पहले चिकित्सक लगातार विशेष पैकेज और सुरक्षा को लेकर मांग कर रहे थे। जिसका बजट में कहीं उल्लेख नहीं हुआ। इसके साथ ही आयुषमान कार्ड धारकों की समस्या का समाधान भी कहीं दिखाई नहीं देता है साथ ही नए अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थानों पर भी कोई टिप्पणी नहीं हुई।

महिलाओं के लिए क्या खास है इस बजट में

-महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए 10 करोड़ परिवारों के न्यूट्रिशन की घोषणा।

-लड़कियों के मां बनने की उम्र को बढ़ाने को लेकर एक टास्क फ़ोर्स का गठन होगा जो 6 महीने में इस मुद्दे पर रिपोर्ट तैयार करेगी।

-हाशिए पर मौजूद तबक़े के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा।

-बजट में 28600 करोड़ रुपए सिर्फ़ महिलाओं पर आधारित विशिष्ट कार्यक्रमों पर ख़र्च किए जाएंगे।

-बजट में यह भी घोषणा की गई है कि 6 लाख से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफ़ोन को दिए जाएंगे।

-स्वयं सहायता समूहों ख़ासकर महिला स्वयं सहायता समूह योजना के ज़रिये ग्रामीण स्टोरेज को बढ़ावा दिया जाएगा। वे बीजों का संग्रह करेंगी और गांवों में किसानों को ज़रूरत पड़ने पर उन्हें बीज दे सकेंगी।

हालांकि महिलाओं को इस बजट से बहुत उम्मीदें थी क्योंकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ख़ुद एक महिला हैं लेकिन इस बार बजट में महिलाओं के लिए कुछ ख़ास नहीं नज़र आया। महिला सुरक्षा के मुद्दे पर कोई ठोस क़दम नहीं दिखाई दिया साथ ही महिलाओं के आर्थिक बजट यानी किचन के सामान पर भी निराशा ही हाथ लगी। दिसंबर 2019 में खुदरा महंगाई बढ़कर 7.35 फ़ीसदी हो गई है, जबकि नवंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 फ़ीसदी थी। इस वजह से सब्‍ज़ियों से लेकर रोज़मर्रा की चीज़ें तक महंगी हो गई हैं, जिसके कारण महिलाओं के लिए घर के बजट पर क़ाबू रख पाना मुश्किल होता जा रहा है। 

आधी आबादी यानी देश की महिलाओं के कई बड़े मुद्दे इस बजट से नदारद दिखे।

Union Budget 2020-21
Nirmala Sitharaman
Health Sector
Women
modi sarkar
Narendra modi
BJP
Rising inflation

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति


बाकी खबरें

  • BJP Manifesto
    रवि शंकर दुबे
    भाजपा ने जारी किया ‘संकल्प पत्र’: पुराने वादे भुलाकर नए वादों की लिस्ट पकड़ाई
    08 Feb 2022
    पहले दौर के मतदान से दो दिन पहले भाजपा ने यूपी में अपना संकल्प पत्र जारी कर दिया है। साल 2017 में जारी अपने घोषणा पत्र में किए हुए ज्यादातर वादों को पार्टी धरातल पर नहीं उतार सकी, जिनमें कुछ वादे तो…
  • postal ballot
    लाल बहादुर सिंह
    यूपी चुनाव: बिगड़ते राजनीतिक मौसम को भाजपा पोस्टल बैलट से संभालने के जुगाड़ में
    08 Feb 2022
    इस चुनाव में पोस्टल बैलट में बड़े पैमाने के हेर फेर को लेकर लोग आशंकित हैं। बताते हैं नजदीकी लड़ाई वाली बिहार की कई सीटों पर पोस्टल बैलट के बहाने फैसला बदल दिया गया था और अंततः NDA सरकार बनने में उसकी…
  • bonda tribe
    श्याम सुंदर
    स्पेशल रिपोर्ट: पहाड़ी बोंडा; ज़िंदगी और पहचान का द्वंद्व
    08 Feb 2022
    पहाड़ी बोंडाओं की संस्कृति, भाषा और पहचान को बचाने की चिंता में डूबे लोगों को इतिहास और अनुभव से सीखने की ज़रूरत है। भाषा वही बचती है जिसे बोलने वाले लोग बचते हैं। यह बेहद ज़रूरी है कि अगर पहाड़ी…
  • Russia China
    एम. के. भद्रकुमार
    रूस के लिए गेम चेंजर है चीन का समर्थन 
    08 Feb 2022
    वास्तव में मॉस्को के लिए जो सबसे ज्यादा मायने रखता है, वह यह कि पेइचिंग उसके विरुद्ध लगने वाले पश्चिम के कठोर प्रतिबंधों के दुष्प्रभावों को कई तरीकों से कम कर सकता है। 
  • Bihar Medicine
    एम.ओबैद
    बिहार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाः मुंगेर सदर अस्पताल से 50 लाख की दवाईयां सड़ी-गली हालत में मिली
    08 Feb 2022
    मुंगेर के सदर अस्पताल में एक्सपायर दवाईयों को लेकर घोर लापरवाही सामने आई है, जहां अस्पताल परिसर के बगल में स्थित स्टोर रूम में करीब 50 लाख रूपये से अधिक की कीमत की दवा फेंकी हुई पाई गई है, जो सड़ी-…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License