NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
पर्यावरण
भारत
राजनीति
बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
‘सरकार इन जंगलों के समानांतर जंगल लगाकर दस साल बाद भी हीरे निकाल सकती है, मगर उनका मकसद पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि बिड़ला की तिजोरी भरना और इसमें से मुनाफे की हड्डियां चूसना है।'
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Aug 2021
बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बक्सवाहा जंगल की कटाई होने वाली है। इस निर्णय के खिलाफ कई गैर सरकारी संगठन और विपक्षी दल आवाज उठा रहे हैं और बक्सवाहा के जंगलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आपको बता दें कि बक्सवाहा जंगल में हीरा खनन परियोजना के लिए बड़ी संख्या में पेड़ों को काटने का प्रस्ताव है।

अब इसको लेकर वामपंथी पार्टी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मध्य प्रदेश की राज्य इकाई ने भी अपना विरोध जताया है। उन्होंने एक बयान जारी कर कहा कि भाजपा की दिल्ली और भोपाल की सरकारें सिर्फ बक्सवाहा का जंगल ही नहीं बल्कि पूरे पर्यावरण और मानवता को ही खत्म कर देना चाहती हैं। दुर्भाग्य से भाजपा यह बलि इस जंगल में छिपे हीरे को बिड़ला घराने की तिजोरी में पहुंचाने के लिए कर रही है।

माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह और मध्यप्रदेश किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष रामनारायण कुररिया ने संयुक्त रूप से उक्त बयान जारी करते हुए कहा है कि कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी और उससे हुई मौतों के बाद भी भाजपा सरकारों ने सबक नहीं सीखा है। सरकार का यह निर्णय बिड़ला की तिजोरियां तो भरेगा, मगर मानवता के लिये गंभीर खतरे पैदा करेगा।

दोनों नेताओं ने कहा है कि बकस्वाहा जंगल की कटाई से पर्यावरण पर तो असर होगा ही, वहां रहने वाले पक्षियों और अन्य वन्य प्राणियों के लिए भी खतरा पैदा हो जायेगा। भाजपा सरकार के वैकल्पिक जंगल लगाने के वादे पर चर्चा करते हुए नेताओं ने कहा है कि यह हीरे का खजाना तो सुरक्षित है, सरकार जंगल लगाकर दस साल बाद भी इस हीरे को निकाल सकती है, मगर उनका मकसद पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि बिड़ला की तिजोरी भरना और इसमें से मुनाफे की हड्डियां चूसना है।

दोनो नेताओं ने जंगल और पर्यावरण बचाने के लिए चल रहे आंदोलन के प्रति भी एकजुटता व्यक्त की है। इस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे है संगठनों का कहना है कि बक्सवाहा में 300 हेक्टेअर जंगल को उजाड़ कर हीरे के खनन का सपना देखा जा रहा है। हीरा निकलेगा या नहीं, यह तो समय बताएगा, परंतु बक्सवाहा का जंगल जरूर नष्ट हो जाएगा। वैसे बक्सवाहा में जमीन से हीरा निकालने के लिए 2 लाख, 15 हजार से अधिक पेड़ काटे जाने की चर्चा है। साथ ही कई किस्म की झाड़ियां व छोटे पेड़ भी नष्ट कर दिए जाएंगे। इससे पर्यावरण को काफी नुकसान पहुंचेगा। 

मध्यप्रदेश सरकार ने छतरपुर जिले में स्थित बक्सवाहा जंगल को हीरा खनन के लिए बिड़ला ग्रुप की एक्सल माइनिंग इंड्रस्ट्रीज को 50 साल के पट्टे पर दे दिया है। इसका क्षेत्रफल करीब 382.13 हेक्टेयर है। इतने बड़े स्तर पर जंगल की कटाई होने से पर्यावरण संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है।

Save Buxwaha forest
Buxwaha Forest
CPI-M
Madhya Pradesh

Related Stories

परिक्रमा वासियों की नज़र से नर्मदा

मध्यप्रदेशः सागर की एग्रो प्रोडक्ट कंपनी से कई गांव प्रभावित, बीमारी और ज़मीन बंजर होने की शिकायत

सामूहिक वन अधिकार देने पर MP सरकार ने की वादाख़िलाफ़ी, तो आदिवासियों ने ख़ुद तय की गांव की सीमा

जल संकटग्रस्त बुंदेलखंड को बंजर बनाने की तैयारी


बाकी खबरें

  • राज वाल्मीकि
    कैसे ख़त्म हो दलित-आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षण संस्थानों में होने वाला भेदभाव
    25 Mar 2022
    दलित-आदिवासी छात्र-छात्राओं के साथ होने वाले भेदभाव को ख़त्म करने के विषय पर नई दिल्ली में एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन  किया गया।
  • इरिका शेल्बी
    पुतिन को ‘दुष्ट' ठहराने के पश्चिमी दुराग्रह से किसी का भला नहीं होगा
    25 Mar 2022
    रूस की ओर उंगलियों उठाने से कुछ नहीं बदलेगा–दुनिया में स्थायी शांति के लिए यह रवैया बदलने की ज़रूरत है। 
  • ज़ो एलेक्जेंड्रा
    गिउलिअनो ब्रुनेटी: “नाटो के ख़िलाफ़ हमारा संघर्ष साम्राज्यवादी ताकतों के ख़िलाफ़ संघर्ष है”
    25 Mar 2022
    आक्रामक सैन्य गठबंधन हमेशा से ही यूक्रेन में चल रहे संघर्ष का केंद्र रहा है, जिसके चलते कई लोगों ने गठबंधन पर सवालिया निशान लगाकर पूछना शुरू कर दिया है कि इसका हिस्सा बने रहने का क्या मतलब है। पोटेरे…
  • भाषा
    दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश
    25 Mar 2022
    सरकार ने दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी दिल्ली नगर निगम (संशोधन) विधेयक, 2022 को शुक्रवार को विपक्षी दलों के सदस्यों के विरोध के बीच लोकसभा में पेश किया। विपक्षी दलों ने इसका विरोध…
  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    गणेश शंकर विद्यार्थी : वह क़लम अब खो गया है… छिन गया, गिरवी पड़ा है
    25 Mar 2022
    गोदी मीडिया के दौर में गणेश शंकर विद्यार्थी को याद करना एक अलग अनुभव, एक अलग चुनौती और एक अलग दायित्व है। आज़ादी के मतवाले क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत के दो दिन बाद 25 मार्च,…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License