NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
लोकसभा की एक और विधानसभा की 56 सीटों पर 3 व 7 नवंबर को उपचुनाव
आयोग ने एक अलग बयान जारी घोषणा की कि केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल की कुल सात सीटों पर इस समय उप चुनाव नहीं कराया जाएगा।
भाषा
29 Sep 2020
लोकसभा की एक और विधानसभा की 56 सीटों पर 3 व 7 नवंबर को उपचुनाव

नयी दिल्ली: निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को घोषणा की है कि तीन और सात नवंबर को लोकसभा की एक सीट और विधानसभा की 56 सीटों के लिए उपचुनाव कराए जाएंगे।

इन सीटों पर मतों की गिनती 10 नवंबर को होगी।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि 54 विधानसभा सीटों के लिए तीन नवंबर को मतदान होगा जबकि सात नवंबर को बिहार की एक लोकसभा सीट और मणिपुर विधानसभा की दो सीटों के लिए मतदान कराया जाएगा।

इन सीटों पर उपचुनाव की घोषणा करने से पहले मंगलवार को ही निर्वाचन आयोग ने एक अलग बयान जारी घोषणा की कि केरल, तमिलनाडु, असम और पश्चिम बंगाल की कुल सात सीटों पर इस समय उप चुनाव नहीं कराया जाएगा। आयोग ने यह फैसला संबंधित राज्यों के अनुरोध के बाद किया।

बयान में आयोग ने कहा कि उसे असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनाव अधिकारियों और मुख्य सचिवों से इस संबंध में जानकारी दी गई है।

निर्वाचन आयोग ने कहा, ‘‘ उपरोक्त तथ्यों को देखते हुए आयोग ने इस समय असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल विधानसभा की खाली सात सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं करने का फैसला किया है।’’

lok sabha
By-elections
Assembly Eelections
Kerala
tamil nadu
Assam
West Bengal

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

प. बंगाल : अब राज्यपाल नहीं मुख्यमंत्री होंगे विश्वविद्यालयों के कुलपति

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

कोरोना अपडेट: केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली में फिर से बढ़ रहा कोरोना का ख़तरा

पश्चिम बंगालः वेतन वृद्धि की मांग को लेकर चाय बागान के कर्मचारी-श्रमिक तीन दिन करेंगे हड़ताल

तमिलनाडु : विकलांग मज़दूरों ने मनरेगा कार्ड वितरण में 'भेदभाव' के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया

असम में बाढ़ का कहर जारी, नियति बनती आपदा की क्या है वजह?

असम : विरोध के बीच हवाई अड्डे के निर्माण के लिए 3 मिलियन चाय के पौधे उखाड़ने का काम शुरू

मछली पालन करने वालों के सामने पश्चिम बंगाल में आजीविका छिनने का डर - AIFFWF

‘जलवायु परिवर्तन’ के चलते दुनियाभर में बढ़ रही प्रचंड गर्मी, भारत में भी बढ़ेगा तापमान


बाकी खबरें

  • महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    न्यूज़क्लिक टीम
    महंत की मौत और डेरों-मठों के अन्य रहस्यों पर पर्देदारी क्यों?
    22 Sep 2021
    देश में आर्थिक सुधार हो रहा है, कुछ प्रशासनिक सुधार भी किया गया है और अब सरकार कृषि में सुधार का दावा कर रही है. फिर सरकार लोकतांत्रिक धार्मिक सुधार की पहल क्यों नहीं करती? #AajKiBaat के नये एपिसोड…
  • /farmers-agitation-completes-300-days-compensation-families-deceased-sanitation-workers-and-more
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसान आंदोलन के 300 दिन पूरे, मृत सफाईकर्मियों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरें
    22 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी 300 दिन से जारी किसान आंदोलन, सेप्टिक टैंक में मरे मज़दूरों के परिवारों को मुआवज़ा और अन्य ख़बरों पर।
  • एम.ओबैद
    मासूम दलित के मंदिर में प्रवेश पर परिवार पर 25 हज़ार रूपये का जुर्माना!
    22 Sep 2021
    कर्नाटक के कोप्पल के मियापुरा गांव में दो साल का मासूम अपने जन्मदिन के मौके पर मंदिर के बाहर से पूजा करने के लिए पिता के साथ गया था, लेकिन वह मासूम मंदिर में प्रवेश कर गया।
  • haryana
    सत्यम श्रीवास्तव
    हरियाणा का नया भूमि अधिग्रहण कानून : किसानों पर एक और प्रहार
    22 Sep 2021
    हरियाणा में “भूमि अधिग्रहण, पुनर्स्थापन और पुनर्वास संशोधन कानून, 2021” पारित कर कथित विकास की परियोजनाओं के लिए किसानों से उनकी ज़मीनें हड़पने के लिए 2013 के केंद्रीय कानून की पूरी मंशा और प्रावधानों…
  • सोनिया यादव
    आख़िर क्यों सिर्फ़ कन्यादान, क्यों नहीं कन्यामान?
    22 Sep 2021
    मोहे के नए विज्ञापन में आलिया पितृसत्तात्मक समाज के रीति-रिवाजों और परंपराओं पर सवाल उठा रही हैं। और 'कन्यादान' की जगह 'कन्यामान' का नया आइडिया दे रही हैं, जो रूढ़िवाद की बेड़ियों को तोड़ने के साथ ही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License