NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
घटना-दुर्घटना
भारत
राजनीति
CAA -NRC प्रदर्शन: जामिया में फिर एकबार गोलीबारी ,मामला दर्ज
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर रविवार रात दो बदमाशों के कथित गोलीबारी करने की घटना में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।जामिया नगर में इस एक ही सप्ताह में गोलीबारी की यह तीसरी घटना है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
03 Feb 2020
JAMIA

दिल्ली: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के बाहर रविवार रात दो बदमाशों के कथित गोलीबारी करने की घटना में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। घटना में कोई हताहत नहीं हुआ । संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए बनाए गए विश्वविद्यालय के छात्रों और पूर्व छात्रों के समूह ‘जामिया समन्वय समिति’ (जेसीसी) के एक बयान के अनुसार हमलावर लाल रंग की मोटरसाइकिल पर आए थे। बयान में कहा गया है कि एक बदमाश ने लाल रंग की जैकेट पहन रखी थी।

इस पूरी घटना को लेकर जामिया समन्वय समिति के सदस्य साहिल अहमद ने न्यूज़क्लिक से बात करते हुए रविवार रात की घटना के साथ ही शाहीन बाग में हुई फायरिंग और इससे पहले जामिया  में हुए गोलीकांड के बारे में बातचीत की। सुनिए वो क्या कह रहे हैं।

एक छात्र ने कहा, ‘‘ हमने गोली की आवाज सुनी। जब हम बाहर आए तो दो लोगों को स्कूटी पर जाते देखा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ हमने वाहन का नंबर तुरन्त लिख लिया और पुलिस को फोन किया। ’’
 
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में रात 11:30 बजे के आसपास 2 अज्ञात लोगों ने गोलियां चलाईं और भाग गए। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय के बाहर एकत्रित हुए और विरोध दर्ज कराया और सतह ही प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ जामिया नगर पुलिस स्टेशन के बाहर भी पहुंची।  ये सभी लोगो दिल्ली पुलिस के रैवये को लेकर गुस्सा थे।  ये सभी लोगो अपरधियों पर तुरत और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे है। 

इसके बाद छात्रों में भारी आक्रोश दिखा जामिया की महिला छात्रों ने कर्फ्यू तोड़ और अपने छात्रावासों से बाहर निकलीं ताकि जामिया मिलिया इस्लामिया में गोलीबारी का विरोध किया जा सके।

JAMIA G.PNG

"जेएंडके हॉस्टल हॉस्टल की वार्डन शुरुआत में लड़कियों को हॉस्टल से बाहर जाने की अनुमति देने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन बाद में  हॉस्टल के छात्रों ने आकर नारेबाजी शुरू कर दी,   इसके बाद वार्डन ने आकर हॉस्टल का गेट खोल दिया था।",  

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय दंड संहिता और सशस्त्र अधिनियम की प्रासंगिक धाराओं के तहत हत्या की कोशिश का एक मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है।

जामिया नगर में इस एक ही सप्ताह में गोलीबारी की यह तीसरी घटना है। गौरतलब है कि शाहीन बाग इलाके में सीएए के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के दौरान शनिवार को 25 वर्षीय एक युवक ने हवा में गोली चलाई थी। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
इससे पहले गत गुरुवार को एक व्यक्ति ने सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई थी जिसमें जामिया मिल्लिया इस्लामिया का एक छात्र घायल हो गया था।

छात्रसंगठन एसएफआई के दिल्ली राज्य अध्यक्ष सुमित कटरिया ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि जामिया विश्वविद्यालय में आज मध्यरात्रि को चली एक बार फिर गोलियां भाजपा के नफ़रत की राजनीती का परिणाम हैं। भाजपा सरकार एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा दे रही है जिससे पूरे देश में सिर्फ खून ही खून होगा। ये लोग एक कुर्सी के चक्कर में पूरे देश का सत्यानाश कर रहे है।  

(समाचार एजेंसी इनपुट भाषा के साथ)

Jamia Shooting
Jamia Milia Islamia
Protest against CAA
Delhi
delhi police

Related Stories

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

दिल्ली : फ़िलिस्तीनी पत्रकार शिरीन की हत्या के ख़िलाफ़ ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडेरिटी ऑर्गेनाइज़ेशन का प्रदर्शन

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

महानगरों में बढ़ती ईंधन की क़ीमतों के ख़िलाफ़ ऑटो और कैब चालक दूसरे दिन भी हड़ताल पर

मुस्लिम विरोधी हिंसा के ख़िलाफ़ अमन का संदेश देने के लिए एकजुट हुए दिल्ली के नागरिक

दिल्ली: बर्ख़ास्त किए गए आंगनवाड़ी कर्मियों की बहाली के लिए सीटू की यूनियन ने किया प्रदर्शन

देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में दिखा व्यापक असर

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़


बाकी खबरें

  • अन्ना आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: जेपी से लेकर अन्ना तक... भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों की पड़ताल
    14 Aug 2021
    राष्ट्रीय गौरव के ऐतिहासिक क्षण में हमारा गणतंत्र अपने जीवन की सबसे कठिन चुनौती का सामना कर रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से सरकारें तो बदलीं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन का नारा छलावा ही रहा।
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ के जंगल सदियों से हाथियों का घर रहे हैं। हालांकि, बढ़ती खनन गतिविधियों और अन्य विकास परियोजनाओं ने उन्हें मानव आवास में आने के लिए मजबूर कर दिया है।
    विष्णुकांत तिवारी
    छत्तीसगढ़ : हाथी रिज़र्व प्रोजेक्ट में सरकार कर रही देरी, 3 साल में 45 हाथियों और 204 नागरिकों की गई जान
    14 Aug 2021
    सरकार लेमरू हाथी परियोजना को लगातार टाल रही है और उत्तरी छत्तीसगढ़ में वन्यजीव और मानव के बीच होते संघर्षों की वजह से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
  • बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    14 Aug 2021
    ‘सरकार इन जंगलों के समानांतर जंगल लगाकर दस साल बाद भी हीरे निकाल सकती है, मगर उनका मकसद पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि बिड़ला की तिजोरी भरना और इसमें से मुनाफे की हड्डियां चूसना है।'
  • देहरादून में अपनी मांगों को लेकर रैली निकालती आशाएं, फोटो- सत्यम कुमार 
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड में धरने पर क्यों बैठी हुई हैं आशा कार्यकर्ता? सरकार से कहां तक पहुंची बातचीत!
    14 Aug 2021
    2 अगस्त से ही सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर आशा कार्यकर्ता धरने पर बैठी हुई हैं। मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य सचिव तथा स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, परंतु इन सभी वार्ताओं का…
  • तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    14 Aug 2021
    क्या अशरफ़ गनी द्वारा देरी से पेश किए गए तालिबान विरोधी 'संयुक्त मोर्चे' का प्रस्ताव काम करेगा? आखिर सभी जंगी सरदार कभी न कभी तो विदेशी ताकतों का प्रश्रय ले ही चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License