NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA-NRC विरोध : देश भर में 40, दिल्ली में 11 जगहों पर 24*7 धरना जारी
ये सभी आंदोलन नेताविहीन, स्व-अनुशासित और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हैं, जिसका नेतृत्व देश की महिलाएं कर रही हैं। हम आपके लिए देश भर में चौबीसों घंटे हो रहे विरोध प्रदर्शनों की जगहों की सूची पेश कर रहे हैं।
मुकुंद झा, रौनक छाबड़ा
21 Jan 2020
CAA protest

"बाग़ी आग, शाहीन बाग़" दक्षिण दिल्ली का एक इलाक़ा, जो आज विरोध का प्रतीक बना हुआ है। यह भी कह सकते हैं कि शाहीन बाग़ ने पिछले एक महीने से विद्रोह की आग जला रखी है। इस आग ने आस पास की महिलाओं के साथ ही देश के अन्य हिस्सों में भी लोगों को इस विद्रोह में शामिल होने को प्रेरित किया है।

यहाँ, हज़ारों की संख्या में महिलाएं हर रोज़ प्रतिरोध का संदेश लेकर चौबीसों घंटे धरना दे रही हैं। प्रतिरोध हाल ही में विवादित नागरिकता संशोधन क़ानून और प्रस्तावित नागरिकों के राष्ट्रीय रजिस्टर के ख़िलाफ़ है। यह सभी शांतिपूर्ण आंदोलन सरकारों को कड़ा संदेश दे रहे हैं।

0.JPG

रविवार की शाम शाहीन बाग़ की तस्वीर। साभार : फ़ेसबुक

शाहीन बाग़ से उठी यह प्रतिरोध कि लौ अब देश भर में फैल रही है। पूरे देश में विवादित नागरिकता संशोधन अधिनियम और संभावित एनआरसी के ख़िलाफ़ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। देश में कई शहरों में शाहीन बाग़ बन गए है, या कहें कि शहर-शहर शाहीन बाग़ बन रहे हैं। सिर्फ़ दिल्ली की बात करें तो कम से कम 11  इलाक़ों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। इन सभी जगहों पर भी महिलाओं ने 24*7 धरना शुरू कर दिया है। इसके अलावा कई जगह छोटे-बड़े प्रदर्शन चल रहे हैं। इसके साथ ही देश में कम से कम 41 जगहों पर शाहीन बाग़ से प्रेरित 24*7 धरना प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

हम आपके लिए देश भर में चौबीसों घंटे हो रहे विरोध प्रदर्शनों की जगहों की सूची पेश कर रहे हैं :

1. खुरेजी, दिल्ली

स्थानीय निवासियों, मुख्य रूप से महिलाओं के नेतृत्व में 13 जनवरी की रात को अनिश्चितकालीन धरने के लिए एकत्र हुए थे। अगले दिन, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के प्रयास में, कथित रूप से विरोध स्थल पर पुलिस द्वारा तोड़फोड़ भी की गई। विरोध अभी भी जारी है। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

1_16.JPG

2. तुर्कमान गेट, दिल्ली

विवादास्पद नागरिकता संशोधन अधिनियम के ख़िलाफ़ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए 14 जनवरी की शाम को सैकड़ों की संख्या में महिलाओं सहित पुरानी दिल्ली के निवासी सड़कों पर उतर आए। गुरुवार, 16 जनवरी की सुबह दिल्ली पुलिस ने कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। विरोध अभी भी जारी है। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

2_15.JPG

3 जाफ़राबाद-सीलमपुर, दिल्ली

बुधवार, 15 जनवरी की रात कुछ सौ लोगों से शुरू होकर, शुक्रवार शाम को जाफ़राबाद-सीलमपुर में स्थानीय लोगों की भागीदारी 2,000 तक पहुंच गई। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

3_10.JPG

4. कर्दम पुरी, नई दिल्ली

कर्दम पुरी में विरोध प्रदर्शन शनिवार, 18 जनवरी की शाम को शुरू हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या में शहरवासी एकत्रित हुए, जो शाहीन बाग़ की प्रदर्शनकारी महिलाओं से प्रेरित थे। 72 घंटे से अधिक समय से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी अभी भी मीडिया का इंतज़ार कर रहे हैं कि जिससे वो अपने आंदोलन के मायने बता सकें।

4_7.JPG

5. (पुराना मुस्तफ़ाबाद), दिल्ली

उत्तर पूर्वी दिल्ली के बृजपुरी में सीएए और एनआरसी के विरोध में रविवार, 19 जनवरी की शाम को 10,000 से अधिक निवासी इकट्ठा हुए थे। यहाँ अनिश्चितकालीन धरना गुरुवार, 16 जनवरी की शाम से शुरू हो गया था।

5_5.JPG

6. चांद बाग़ (भजनपुरा), दिल्ली

उत्तर पूर्वी  दिल्ली के भजनपुरा  में महिलाओं द्वारा अनिश्चितकालीन धरना शनिवार शाम से शुरू हो गया। रविवार, 19 जनवरी की शाम को एक सिख समूह ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखते हुए लंगर शुरू किया।

6_1.JPG

7. श्री राम कॉलोनी (खजूरी ख़ास), दिल्ली

यह प्रदर्शन दिल्ली के उत्तर पूर्वी ज़िले में स्थित एक और इलाक़े में शाहीन बाग़ से प्रेरित महिलाओं द्वारा रविवार, 18 जनवरी की शाम शुरू किया गया था। पूरा धरना स्थल भारत के झंडों से सज़ा हुआ है और “आज़ादी” के नारों से  गूंज रहा है।

7_0.JPG

8. वज़ीराबाद, नई दिल्ली

इस आंदोलन में स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं की भारी भागीदारी देखी गई है। इसके साथ ही यहाँ मार्च और रैलियों का भी अआयोजन हुआ है।

8_2.JPG

9. जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली

प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय लोगों पर दिल्ली पुलिस द्वारा हिंसा भड़काने के बाद जामिया के केंद्रीय विश्वविद्यालय के गेट नंबर 7 के सामने भी दिन रात का प्रदर्शन शुरू हो गया है।

9.JPG

10. इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन

सीएए-एनपीआर-एनआरसी के विरोध में सैकड़ों महिलाओं ने रविवार, 18 जनवरी की शाम को इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के सामने अनिश्चितकालीन धरने शुरू किया है। यह मेट्रो स्टेशन रेड लाईन और ग्रीन लाइन को जोड़ता है।

10.JPG

11. पार्क सर्कस मैदान, कोलकाता

महिलाओं का एक समूह 7 जनवरी को कोलकाता के पार्क सर्कस मैदान में इकट्ठा हुआ और उन्होंने एंटी-सीएए और एनआरसी पोस्टर के साथ खुले में डेरा डाल दिया। जैसे ही यह खबर फैली, विरोध स्थल पर और भी  पुरुष और महिलाएं भी शामिल हो गए। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

11_2.JPG

12. शांति बाग़ (गया), बिहार

गया के शांति बाग़ के इस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों लोग, मुख्य रूप से महिलाएं और छात्र इकट्ठा हुए हैं। 29 दिसंबर से 24*7  धरना चल रहा है, लेकिन अब तक शायद ही किसी भी मीडिया का ध्यान इस ओर गया हो। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

12_3.JPG

13. सब्ज़ी बाग़ (पटना), बिहार

सीएए-एनआरसी के ख़िलाफ़ शांति और अहिंसा के गांधीवादी सिद्धांत से प्रेरित होकर, पटना के सब्ज़ी बाग़ में धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया है। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें

13_0.JPG

14. फुलवारी शरीफ़ (पटना) बिहार

बिहार की राजधानी में शाहीन बाग़ के प्रतिरोध से प्रेरित हो कर यह धरना शुरू किया गया है।

14_0.JPG

15. दीघा (पटना), बिहार

पटना के एक अन्य आवासीय शहर में शुक्रवार शाम को अनिश्चितकालीन धरना शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों को विभिन्न छात्रों के संगठनों द्वारा संबोधित किया जा रहा है।

15.JPG

16. बडवाली चौक (इंदौर), मध्य प्रदेश

"इंदौर के शाहीन बाग़" के रूप में चर्चित बडवाली चौक की जामा मस्जिद के मैदान पर धरना प्रदर्शन बुधवार, 15 जनवरी की शाम से शुरू हुआ है।

16.JPG

17. माणिक बाग़ (इंदौर), मध्य प्रदेश

ब्रुक बॉन्ड कॉलोनी पब्लिक पार्क में स्थानीय युवकों ने सीएएए के ख़िलाफ़ मंगलवार शाम लगभग आधी रात से विरोध शुरू किया। फ़्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट यहाँ देखें।

18. इक़बाल मैदान (भोपाल), मध्य प्रदेश

शाहीन बाग़ ने भोपाल में भी एक बड़े विरोध प्रदर्शन को प्रेरित किया जिसमें स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं की भारी भागीदारी देखी जा रही है।

18.JPG

19. घंटा घर (लखनऊ), उत्तर प्रदेश

बच्चों के साथ लगभग 5000 महिलाओं ने शनिवार, 18 जनवरी की शाम को लखनऊ के पुराने क्वार्टर में घंटा घर के पास बैठकर संशोधित नागरिकता क़ानून और एनआरसी का विरोध किया। उसी रात, उत्तर प्रदेश पुलिस ने उनके कंबल, पानी की बोतलें और खाने का समान छीन लिया था। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

19.JPG

20. मंसूर अली पार्क (प्रयागराज), उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (अब प्रयागराज) के अली पार्क में हज़ार से अधिक लोग, मुख्यतः महिलाएं, उत्तर भारत में शीत लहर के बावजूद देर रात प्रदर्शन में बैठ रही हैं। इसमें छात्र नेताओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी जुड़ रहे हैं। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।

20.JPG

21. मोहम्मद अली पार्क, कानपुर, उत्तर प्रदेश

सुबह से शाम तक, ठंड में कानपुर के मोहम्मद अली पार्क में हजारों लोग, मुख्य रूप से महिलाएं, दिन रात  के विरोध में भाग ले रही हैं। न्यूज़क्लिक की रिपोर्ट यहाँ पढ़ें ।

21_1.png

22. राखीयाल (अहमदाबाद), गुजरात

द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ 700 से अधिक परिवारों ने मंगलवार देर रात से धरना शुरू किया है।  इसमें अधिकतर मुस्लिम परिवार हैं। ये सभी अजीत मिल के परिसर में बैठे हुए हैं।

22_1.JPG

23. कोंढवा (पुणे), महाराष्ट्र

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एक हफ़्ते से अधिक समय से, महिलाओं के एक बड़े समूह और  छात्र संगठन, जमात-ए-तन्ज़ीम के बैनर तले, कोंढवा में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं।

23.JPG

24. किशोरपुरा (कोटा), राजस्थान

दैनिक भास्कर के अनुसार, सीएए और एनआरसी का विरोध करने के लिए कोटा के किशोरपुरा में महिलाओं ने भारी ठंड में भी धरना दिया हुआ है।

25. अल्बर्ट हॉल (जयपुर), राजस्थान

 

26. टोलीचोकी (हैदराबाद), तेलंगाना

 

27. कलेक्टर कार्यालय (नांदेड़), महाराष्ट्र

 

28.संविधान चौक (नागपुर), महाराष्ट्र

 

29. औरंगाबाद, महाराष्ट्र

 

30. ईदगाह मैदान (देवबंद) उत्तर प्रदेश

 

31. इस्लामिया कॉलेज (बरेली), उत्तर प्रदेश

 

32. किशनगंज, बिहार

 

33. मोतीहारी, बिहार

 

34. गोपालगंज, बिहार

 

35. सीवान, बिहार

 

36. मलमल (मधुबनी), बिहार

 

37. केंद्रीय पुस्तकालय (भोपाल), मध्य प्रदेश

 

38. खजराना (इंदौर), मध्य प्रदेश

 

39. आज़ादी चौक (कोचीन) केरल

 

40 आसनसोल, पश्चिम बंगाल  

ये सभी आंदोलन नेताविहीन, स्व-अनुशासित और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हैं, जिसका नेतृत्व देश की महिलाएं कर रही हैं। कलाकारों, कवियों और समाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस आंदोलन में शामिल होकर विरोध की आवाज़ों को बुलंद किया है। इन सब धरना स्थलों के अलावा प्रदर्शनकारियों ने अपना विरोध दर्ज करने के लिए फ़ुटबॉल, क्रिकेट मैच के दौरान भी नारे लगाए हैं, या विरोध की तख्तियाँ लेकर खड़े हुए हैं।

मोदी-शाह की जोड़ी इन सभी विरोधों की आवाज़ को अनसुना कर रही है। लेकिन सरकार ने जल्द ही इन आवाज़ों को नहीं सुना तो यह विरोध की आवाज़ें और भी बुलंद हो जाएंगी।

Shaheen Bagh
CAA
NRC
Protest
Modi government
Anti CAA Protests
BJP government
NPR
Sabzi Bagh
Delhi Protests
Protest in Bihar
Uttar pradesh
Shanti Bagh
Patna Protests
Jamia Millia Islamia

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

UPSI भर्ती: 15-15 लाख में दरोगा बनने की स्कीम का ऐसे हो गया पर्दाफ़ाश

मुंडका अग्निकांड के खिलाफ मुख्यमंत्री के समक्ष ऐक्टू का विरोध प्रदर्शन

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

शाहीन बाग से खरगोन : मुस्लिम महिलाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष !

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

विशाखापट्टनम इस्पात संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ़ श्रमिकों का संघर्ष जारी, 15 महीने से कर रहे प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • modi
    अनिल जैन
    खरी-खरी: मोदी बोलते वक्त भूल जाते हैं कि वे प्रधानमंत्री भी हैं!
    22 Feb 2022
    दरअसल प्रधानमंत्री के ये निम्न स्तरीय बयान एक तरह से उनकी बौखलाहट की झलक दिखा रहे हैं। उन्हें एहसास हो गया है कि पांचों राज्यों में जनता उनकी पार्टी को बुरी तरह नकार रही है।
  • Rajasthan
    सोनिया यादव
    राजस्थान: अलग कृषि बजट किसानों के संघर्ष की जीत है या फिर चुनावी हथियार?
    22 Feb 2022
    किसानों पर कर्ज़ का बढ़ता बोझ और उसकी वसूली के लिए बैंकों का नोटिस, जमीनों की नीलामी इस वक्त राज्य में एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है। ऐसे में गहलोत सरकार 2023 केे विधानसभा चुनावों को देखते हुए कोई जोखिम…
  • up elections
    रवि शंकर दुबे
    यूपी चुनाव, चौथा चरण: केंद्रीय मंत्री समेत दांव पर कई नेताओं की प्रतिष्ठा
    22 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश चुनाव के चौथे चरण में 624 प्रत्याशियों का भाग्य तय होगा, साथ ही भारतीय जनता पार्टी समेत समाजवादी पार्टी की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। एक ओर जहां भाजपा अपना पुराना प्रदर्शन दोहराना चाहेगी,…
  • uttar pradesh
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव : योगी काल में नहीं थमा 'इलाज के अभाव में मौत' का सिलसिला
    22 Feb 2022
    पिछले साल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि "वर्तमान में प्रदेश में चिकित्सा सुविधा बेहद नाज़ुक और कमज़ोर है। यह आम दिनों में भी जनता की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त…
  • covid
    टी ललिता
    महामारी के मद्देनजर कामगार वर्ग की ज़रूरतों के अनुरूप शहरों की योजना में बदलाव की आवश्यकता  
    22 Feb 2022
    दूसरे कोविड-19 लहर के दौरान सरकार के कुप्रबंधन ने शहरी नियोजन की खामियों को उजागर करके रख दिया है, जिसने हमेशा ही श्रमिकों की जरूरतों की अनदेखी की है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License