NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
CAA विरोध: दिल्ली में येचुरी, राजा सहित वामदलों के अन्य वरिष्ठ नेता हिरासत में लिए गए
संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे वामपंथी नेता डी राजा, सीताराम येचुरी, निलोत्पल बसु, वृंदा करात सहित कई अन्य को मंडी हाउस में हिरासत में लिया गया।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
19 Dec 2019
left protest

नई दिल्ली:संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) के विरोध में वामदलों के बृहस्पतिवार को देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और भाकपा के महासचिव डी राजा सहित अन्य वामदलों के नेताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया है।

वामदलों की ओर से मंडी हाउस से शहीदी पार्क तक आयोजित शांतिमार्च शुरु होने से पहले ही पुलिस ने येचुरी और राजा के अलावा वरिष्ठ माकपा नेता बृंदा करात और नीलोत्पल बसु सहित लगभग 200 लोगों को हिरासत में ले लिया है।

डी राजा ने बताया कि वाम दलों के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से जनसभा कर पैदल मार्च के लिये आगे बढ़े ही थे कि पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि सभी वामदलों के वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया है।

आपको बता दें कि संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में और जामिया मिल्लिया इस्लामिया तथा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के विरोध में छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता दो बड़ी रैलियां कर रहे हैं वहीं इन्हें रोकने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में अनेक स्थानों पर निषेधाज्ञा लागू की गई है।

संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में सैकड़ों की संख्या में जामिया, जेएनयू और दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने लाल किले के आसपास लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए वहीं से मार्च शुरू किया। वहीं वाम पार्टियां दोपहर में मंडी हाउस से संयुक्त मार्च निकालने वाली थी। पुलिस ने हालांकि किसी भी समूह को मार्च निकाले की इजाजत नहीं दी है। ज्यादातर बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है।

पुलिस ने बताया कि कानून व्यवस्था और यातायात संबंधी कारणों से मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी गई है। वहीं डीएमआरसी ने 18 मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं।

अखिल भारतीय छात्र संगठन (एआईएसए) के एक पदाधिकारी ने कहा कि उनका संगठन रुकेगा नहीं। समाज के सभी वर्ग के लोग इस मार्च के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं और कई तो अपना स्टेटस अपडेट कर बता रहे हैं कि वे मार्च में शामिल होने के लिए रास्ते में हैं।छात्रों का मार्च और वाम प्रदर्शनकारी आईटीओ के पास शहीद पार्क में मिलेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली में लाल किला क्षेत्र के आसपास लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करते हुए बृहस्पतिवार को सैकड़ों लोगों ने संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोध में मार्च निकालने की कोशिश की जिसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि स्वराज अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव को भी हिरासत में लिया गया। मार्च निकालने की कोशिश कर रहे छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को बसों में भरकर ले जाया गया। हाथों में तख्तियां लिए हुए और नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने खुद को बसों में ले जाने दिया।

इससे पहले बेंगलुरु के टाउन हॉल में नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर प्रख्यात इतिहासकार रामचन्द्र गुहा सहित अन्य लोगों को पुलिस ने धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में गुरुवार को हिरासत में लिया।

पुलिसकर्मी गुहा को अपने साथ पास में ही खड़े वाहन तक ले कर गए। पुलिस का कहना है कि इन लोगों ने शहर में प्रदर्शनों के खिलाफ लगी निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया।

खुद को हिरासत में लिए जाने पर गुहा ने कहा कि यह ‘बिल्कुल अलोकतांत्रिक है’कि पुलिस शांतिपूर्ण तरीके से भी प्रदर्शन नहीं करने दे रही है, जबकि यह नागरिकों का मौलिक अधिकार है। भाकपा ने भी शहर में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन किया।

वहीं, टेलीकॉम कंपनी एयरटेल ने राजधानी के कुछ हिस्सों में वॉयस, एसएमएस और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। एयरटेल ने कहा, 'सरकार के आदेश पर दिल्ली के कुछ इलाकों में वॉयस, SMS और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं, जिन्हें सरकार के आदेश के बाद ही बहाल किया जाएगा।' एयरटेल ने ट्वीट कर यह जानकारी दी थी, हालांकि कुछ देर बाद यह ट्वीट डिलीट कर दिया गया।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ)

CAA
Protest against CAA
New Delhi
Left Parties Protest
Sitaram yechury
D.Raja
Nilotpal Basu
NRC
DMRC
internet ban

Related Stories

CAA आंदोलनकारियों को फिर निशाना बनाती यूपी सरकार, प्रदर्शनकारी बोले- बिना दोषी साबित हुए अपराधियों सा सुलूक किया जा रहा

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन

देश बड़े छात्र-युवा उभार और राष्ट्रीय आंदोलन की ओर बढ़ रहा है

डीजेबी: यूनियनों ने मीटर रीडर्स के ख़िलाफ़ कार्रवाई वापस लेने की मांग की, बिलिंग में गडबड़ियों के लिए आईटी कंपनी को दोषी ठहराया

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के ख़िलाफ़ बढ़ते हमलों के विरोध में सीपीआई(एम) का प्रदर्शन

दिल्ली: अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों के विरोध में माकपा का प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस की 2020 दंगों की जांच: बद से बदतर होती भ्रांतियां

त्रिपुरा में भाजपा द्वारा वाम मोर्चे और मीडिया संस्थानों पर बर्बर हिंसा के ख़िलाफ़ दिल्ली में माकपा का रोष प्रदर्शन

झारखण्ड  : फादर स्टैन स्वामी की हिरासत में हुई मौत के ख़िलाफ़ वाम दलों और सामाजिक जन संगठनों का राजभवन मार्च

सीएए : एक और केंद्रीय अधिसूचना द्वारा संविधान का फिर से उल्लंघन


बाकी खबरें

  • नीलांजन मुखोपाध्याय
    यूपी: योगी 2.0 में उच्च-जाति के मंत्रियों का दबदबा, दलितों-पिछड़ों और महिलाओं की जगह ख़ानापूर्ति..
    02 Apr 2022
    52 मंत्रियों में से 21 सवर्ण मंत्री हैं, जिनमें से 13 ब्राह्मण या राजपूत हैं।
  • अजय तोमर
    कर्नाटक: मलूर में दो-तरफा पलायन बन रही है मज़दूरों की बेबसी की वजह
    02 Apr 2022
    भारी संख्या में दिहाड़ी मज़दूरों का पलायन देश भर में श्रम के अवसरों की स्थिति को दर्शाता है।
  • प्रेम कुमार
    सीबीआई पर खड़े होते सवालों के लिए कौन ज़िम्मेदार? कैसे बचेगी CBI की साख? 
    02 Apr 2022
    सवाल यह है कि क्या खुद सीबीआई अपनी साख बचा सकती है? क्या सीबीआई की गिरती साख के लिए केवल सीबीआई ही जिम्मेदार है? संवैधानिक संस्था का कवच नहीं होने की वजह से सीबीआई काम नहीं कर पाती।
  • पीपल्स डिस्पैच
    लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया
    02 Apr 2022
    इज़रायल के क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में और विदेशों में रिफ़्यूजियों की तरह रहने वाले फ़िलिस्तीनी लोग लैंड डे मनाते हैं। यह दिन इज़रायली क़ब्ज़े के ख़िलाफ़ साझे संघर्ष और वापसी के अधिकार की ओर प्रतिबद्धता का…
  • मोहम्मद सज्जाद, मोहम्मद ज़ीशान अहमद
    भारत को अपने पहले मुस्लिम न्यायविद को क्यों याद करना चाहिए 
    02 Apr 2022
    औपनिवेशिक काल में एक उच्च न्यायालय के पहले मुस्लिम न्यायाधीश, सैयद महमूद का पेशेवराना सलूक आज की भारतीय न्यायपालिका में गिरते मानकों के लिए एक काउंटरपॉइंट देता है। 
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License