NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
भारत
राजनीति
'मेरे नाम पर नहीं'… न CAB, न NRC; जंतर-मंतर पर गूंजा नारा
दिल्ली में शनिवार शाम जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन किया गया, जिसमें संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ आवाज उठाई गई। 'नॉट इन माइ नेम' शीर्षक से हुए इस प्रदर्शन में हज़ारों लोग शामिल हुए।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
14 Dec 2019
jantar mantar protest

दिल्ली: 'नॉट इन माइ नेम'…'मेरे नाम पर नहीं', न औरतों पर हिंसा, न मॉबलिंचिंग, न CAB, न NRC… सिविल सोसाएटी के आंदोलन में एक के बाद एक विषय जुड़ते जा रहे हैं या कहिए देश में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं, और नागरिक समाज की ज़िम्मेदारी और चुनौतियां दोनों बढ़ती जा रही हैं।

इसी कड़ी में बुद्धिजीवियों, कलाकारों, लेखकों, छात्र संगठनों, नागरिक संस्थाओं ने संशोधित नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ शनिवार शाम को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। 'नॉट इन माइ नेम' शीर्षक से हुए इस प्रदर्शन में हजारों लोग शामिल हुए। नॉर्थ ईस्ट खासकर असम से आए लोगों ने 'संशोधित नागरिकता कानून वापस लो' जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शन में शामिल होने आए असम के गुवाहाटी के रहने वाले तिनसुंग ने न्यूज़क्लिक को बताया, 'संशोधित नागरिकता कानून असम के साथ गद्दारी है। यह असम समझौते का साफ साफ उल्लंघन है। यह हमारी पहचान को मिटाने वाला है। यह संविधान की आत्मा के खिलाफ है।

सिर्फ असम नहीं पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है। असम में हमारी दूसरी लड़ाई है लेकिन वह धार्मिक किसी भी कीमत पर नहीं है। यह कानून हमारे भारत की धर्मनिरपेक्ष छवि को भी चोट पहुंचाता है। ऐसे कानून को तत्काल खत्म कर देना चाहिए।'

वहीं, अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली अनु कहती हैं, 'मेरा प्रदेश इस कानून के दायरे से बाहर है लेकिन मैं असम और बाकी नार्थ ईस्ट के राज्यों के लोगों के समर्थन में जंतर मंतर आई हूं। असम में प्रदर्शन होने से हमारे राज्य पर भी असर पड़ रहा है। वहां जरूरी सामान की कमी होती जा रही है। इसके अलावा हमारी लड़ाई अपनी पहचान बनाए रखने की है। हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। मुझे लगता है इस कानून के लागू होने से मुस्लिम धर्म के साथ भेदभाव हो रहा है और मैं इसका विरोध करती हूं।'

आपको बता दें कि नागरिकता कानून के खिलाफ असम समेत पूर्वोत्तर भारत में विरोध जारी है। इसके चलते कई इलाकों में कर्फ्यू लगाना पड़ गया है।

शनिवार को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर, शायर गौहर रज़ा समेत तमाम बुद्धिजीवियों और गणमान्य लोगों ने संबोधित किया। इन सभी लोगों ने एक सुर में संशोधित नागरिकता कानून का विरोध किया।

प्रदर्शन में आए दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रोहित ने कहा, 'इस कानून के चलते देश के बड़े हिस्से में प्रदर्शन हो रहा है। इसके कारण भय का माहौल है। यह कानून अल्पसंख्यकों और गरीबों को डराने वाला है। नोटबंदी और जीएसटी के बाद सरकार अब नागरिकता के बहाने देश की जनता को परेशान करने वाली है।'

वहीं, डीयू की एक छात्रा रेशमा ने कहा, 'सरकार द्वारा लाया गया ये बिल नफरत फ़ैलाने का काम करेगा। देश के गृहमंत्री ने कहा है कि इससे डरने की जरूरत नहीं है लेकिन क्या आपको लगता है कि इससे नहीं डरना चाहिए। अभी इसकी सीधी चपेट में मुसलमान हैं। बाद में सभी गरीब आ जाएंगें, क्योंकि डॉक्यूमेंट उन्हीं के पास नहीं होते हैं।'

गौरतलब है कि इस कानून के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हो रहे हैं। जंतर-मंतर पर ही इस कानून के विरोध में अनशन भी जारी है।

IMG-20191214-WA0010.jpg

इसके अलावा शुक्रवार को दिल्ली के जामिया के छात्र-छात्राओं ने भी प्रदर्शन किया, जो शनिवार को भी जारी रहा। शुक्रवार के प्रदर्शन में छात्रों की पुलिस से झड़प भी हुई और पुलिस ने लाठियां और आंसू गैस के गोले चलाए। 

शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के सागरदीघी इलाके में महिषासुर स्टेशन पर तोड़फोड़ की खबर मिली। नागरिकता संशोधन कानून का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों ने पीएम मोदी और अमित शाह के पुतले भी फूंके। इसके अलावा हावड़ा में प्रदर्शनकारियों ने हाइवे को बंद कर दिया। इसके अलावा असम, त्रिपुरा, मेघालय समेत नार्थईस्ट के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहा है।

नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ मुंबई में भी जमकर प्रदर्शन किया जा रहा है। बड़ी संख्‍या में प्रदर्शनकारी मुंबई के आजाद मैदान में इकट्ठा हुए। प्रदर्शनकारियों में असम और नार्थ ईस्‍ट के काफी लोग शामिल थे। उन्होंने इस कानून को वापस लेने की मांग की।

मुंबई के अलावा उत्तर प्रदेश, केरल और बंगाल तक में सड़कों पर उतरकर लोगों ने इस नए कानून का विरोध किया है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी के अलीगढ़ में विरोध जारी है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महापौर को प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिली और शुक्रवार को पूरे जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं।

जिस तरह के आह्वान है उससे साफ है कि आने वाले दिनों में नागरिकता कानून और एनआरसी का विरोध और तेज़ होगा। वाम दलों समेत अन्य संगठनों ने 19 दिसंबर को देशव्यापी प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया है। 

जंतर-मंतर का नज़ारा

IMG-20191214-WA0007 (1)_0.jpg

IMG-20191214-WA0013.jpg

IMG-20191214-WA0015.jpg

IMG-20191214-WA0014.jpg

IMG-20191214-WA0009.jpg

IMG-20191214-WA0012.jpg

IMG-20191214-WA0011.jpg

IMG-20191214-WA0008.jpg

CAB
CAB-NRC Protest
protest on jantar mantar
CAB Protest In all over India
hindu-muslim
minorities
MINORITIES RIGHTS
social workers

Related Stories

यूपी: खुलेआम बलात्कार की धमकी देने वाला महंत, आख़िर अब तक गिरफ़्तार क्यों नहीं

दिल्ली दंगों के दो साल: इंसाफ़ के लिए भटकते पीड़ित, तारीख़ पर मिलती तारीख़

दिल्ली: एसएससी जीडी भर्ती 2018 के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन

अल्पसंख्यकों पर हमलों के ख़िलाफ़ 1 दिसंबर को माकपा का देशव्यापी प्रदर्शन

राहुल समेत कई विपक्षी नेताओं ने ‘किसान संसद’ पहुंचकर जताया समर्थन

दिल्ली बलात्कार कांड: जनसंगठनों का कई जगह आक्रोश प्रदर्शन; पीड़ित परिवार से मिले केजरीवाल, राहुल और वाम दल के नेता

महिला किसान संसद, CM येदियुरप्पा का इस्तीफ़ा और अन्य ख़बरें

किसान संसद: अब देश चलाना चाहती हैं महिला किसान

'देशभर में जलाई गई लेबर कोड्स की प्रतियां'

यूपी: हिरासत, गिरफ़्तारी, नज़रबंदी के बाद भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे


बाकी खबरें

  • Chhattisgarh
    रूबी सरकार
    छत्तीसगढ़: भूपेश सरकार से नाराज़ विस्थापित किसानों का सत्याग्रह, कांग्रेस-भाजपा दोनों से नहीं मिला न्याय
    16 Feb 2022
    ‘अपना हक़ लेके रहेंगे, अभी नहीं तो कभी नहीं’ नारे के साथ अन्नदाताओं का डेढ़ महीने से सत्याग्रह’ जारी है।
  • Bappi Lahiri
    आलोक शुक्ला
    बप्पी दा का जाना जैसे संगीत से सोने की चमक का जाना
    16 Feb 2022
    बप्पी लाहिड़ी भले ही खूब सारा सोना पहनने के कारण चर्चित रहे हैं पर सच ये भी है कि वे अपने हरफनमौला संगीत प्रतिभा के कारण संगीत में सोने की चमक जैसे थे जो आज उनके जाने से खत्म हो गई।
  • hum bharat ke log
    वसीम अकरम त्यागी
    हम भारत के लोग: समृद्धि ने बांटा मगर संकट ने किया एक
    16 Feb 2022
    जनवरी 2020 के बाद के कोरोना काल में मानवीय संवेदना और बंधुत्व की इन 5 मिसालों से आप “हम भारत के लोग” की परिभाषा को समझ पाएंगे, किस तरह सांप्रदायिक भाषणों पर ये मानवीय कहानियां भारी पड़ीं।
  • Hijab
    एजाज़ अशरफ़
    हिजाब के विलुप्त होने और असहमति के प्रतीक के रूप में फिर से उभरने की कहानी
    16 Feb 2022
    इस इस्लामिक स्कार्फ़ का कोई भी मतलब उतना स्थायी नहीं है, जितना कि इस लिहाज़ से कि महिलाओं को जब भी इसे पहनने या उतारने के लिए मजबूर किया जाता है, तब-तब वे भड़क उठती हैं।
  • health Department
    एम.ओबैद
    यूपी चुनाव: बीमार पड़ा है जालौन ज़िले का स्वास्थ्य विभाग
    16 Feb 2022
    "स्वास्थ्य सेवा की बात करें तो उत्तर प्रदेश में पिछले पांच सालों में सुधार के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ। प्रदेश के जालौन जिले की बात करें तो यहां के जिला अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक पिछले चार साल से…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License