NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
अपराध
उत्पीड़न
भारत
राजनीति
हाथरस मामले में सीबीआई की चार्जशीट योगी सरकार और प्रशासन पर कई सवाल उठाती है!
गैंगरेप और हत्या के मामले को ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ से जोड़ने वाली योगी सरकार और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार गैंगरेप नहीं होने का दावा करने वाली यूपी पुलिस के रवैए पर सीबीआई चार्जशीट के बाद सवाल उठना तो लाज़मी है।
सोनिया यादव
19 Dec 2020
हाथरस
Image courtesy: Twitter

उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 वर्षीय दलित लड़की के साथ हुए गैंगरेप और हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई ने शुक्रवार, 18 दिसंबर को चार्जशीट दायर कर दी है। लड़की के साथ हुए अपराध के लिए सीबीआई के अधिकारियों ने चारों अभियुक्तों पर गैंगरेप और हत्या की धाराएं लगाई हैं। इसके अलावा आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए हैं।

हालांकि इससे पहले यूपी पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर दावा किया था कि पीड़िता के साथ गैंगरेप नहीं हुआ है। यूपी पुलिस के इस बयान के बाद कोर्ट ने यूपी पुलिस को फटकार भी लगाई थी।

क्या है सीबीआई के आरोप पत्र में?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई ने कोर्ट में 22 सितंबर को दिए लड़की के मृत्युपूर्व बयान को चार्जशीट का आधार बनाया है। इस बयान में पीड़िता ने चारों आरोपियों पर रेप और शारीरिक हिंसा करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा अलीगढ़ जेल में बंद चारो आरोपियों के कराए गए ब्रेन मैपिंग और पालिग्राफिक टेस्ट ने भी जांच में अहम भूमिका निभाई है।

बता दें कि सीबीआई इलाहाबाद हाईकोर्ट की निगरानी में मामले की जाँच कर रही थी और अधिकारियों ने पूरे मामले में अभियुक्त संदीप, लवकुश, रवि और रामू की भूमिका की जाँच की। सीबीआई की जाँच टीम ने जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से भी बात की थी। ये वही अस्पताल है जहाँ मृतका का इलाज हुआ था।

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अभियुक्तों के वकील ने बताया कि हाथरस की स्थानीय अदालत ने मामले का संज्ञान लिया है।

सीबीआई के अधिकारियों ने बताया कि चारों अभियुक्त फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। चारों का गुजरात के गांधीनगर स्थित फ़ॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी में अलग-अलग टेस्ट भी कराया गया था।

बता दें कि 19 साल की लड़की, जिसके साथ ये वारदात हुई वो दलित परिवार से थी जबकि चारों अभियुक्त तथाकथित ऊंची जाति से सम्बन्ध रखते हैं।

एक नज़र हाथरस मामले में अभी तक क्या-क्या हुआ?

* 14 सितंबर को 19 साल की एक दलित युवती के साथ सवर्ण जाति के चार युवकों के बर्बरतापूर्वक मारपीट करने और बलात्कार करने की खबर सामने आई। रीढ़ की हड्डी, गर्दन में गंभीर चोटें और जीभ काटने का भी आरोप लगा।

* बाद में पीड़िता के भाई की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप और हत्या के प्रयास के अलावा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारक अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस पर देर से मामला दर्ज करने के आरोप लगे।

* 29 सितंबर को पीड़िता ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पीड़िता को मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने में देरी का भी आरोप है।

* 29 सितंबर देर रात (बुधवार) करीब 2.45 पर पीड़िता का शव उसके गांव ले जाकर आनन-फानन में अंतिम संस्कार कर दिया। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और विपक्ष ने सरकार पर महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर हमला बोला, प्रदर्शन हुए।

* परिजनों ने पुलिस पर बिना सहमति के शव का अंतिम संस्कार करने का आरोप लगाया। प्रशासन पर नज़रबंद करने और डराने-धमकाने के भी आरोप लगाए गए। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया।

image

* पीड़िता को न्याय दिलवाने के लिए नागरिक समाज और विपक्षी दलों ने 30 सितंबर को राष्ट्रीय प्रतिवाद दिवस (नेशनल प्रोटेस्ट डे) सितंबर मनाया। देश के कई इलाकों में जोरदार प्रदर्शन हुए।

* भारी विरोध के बीच 30 सितंबर को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना की जांच के लिए 3 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की, मुकदमे को फास्ट ट्रैक में चलाने के निर्देश दिए।

image

* इसी दिन राष्ट्रीय मानवधिकार आयोग ने योगी सरकार को नोटिस जारी करते हुए प्रदेश के डीजीपी से परिवार को सुरक्षा देने के लिए कहा। महिला आयोग ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस से जल्दबाजी में अंतिम संस्कार किए जाने पर जवाब मांगा।

*1 अक्टूबर को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पीड़िता के परिजनों से मिलने हाथरस के लिए निकले। लेकिन यमुना एक्सप्रेस वे पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इस दौरान पुलिस पर धक्का-मुक्की के भी आरोप लगे। जिसके बाद हाथरस प्रशासन ने गांव में धारा 144 लागू कर दी। मीडिया और नेताओं के गांव में जाने पर पाबंदी लगा दी गई।

image

* इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक को समन जारी कर सभी से 12 अक्टूबर को अदालत में पेश होने और मामले में स्पष्टीकरण देने को कहा।

* 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर बीएचयू के लंका गेट तक जोरदार प्रदर्शन हुआ। तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन और उनके सहयोगियों को यूपी पुलिस ने पीड़िता के गाँव नहीं जाने दिया। इस दौरान हाथरस की सीमा पर भी प्रदर्शन देखने को मिला। जिसके बाद देर शाम को प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई।

* 3 अक्टूबर को प्रशासन ने मीडिया की एंट्री पर लगी पाबंदी हटा दी। इससे पहले खुद बीजेपी नेता उमा भारती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मीडिया को गांव में जाने देने की अपील की थी।

* इस मामले पर नेशनल अलायंस ऑफ़ पीपल्स मूवमेंट यानी एनएपीएम 20 अक्टूबर को एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी की थी। इस रिपोर्ट में फैक्ट फाइंडिंग टीम ने कहा था कि इस मामले में राज्य सरकार के उत्पीड़न, पुलिस और अस्पताल अधिकारियों की लापरवाही देखी है। यह मामला क्रूर तरीके से पितृसत्तात्मक व्यवस्था का उदाहरण है जिसमें जाति व्यवस्था कैसे महिलाओं को दबाती है ये दिखाई पड़ता है।

* इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। दो महीने से सीबीआई इस मामले की जांच में जुटी थी।

हाथरस मामले में दिखा प्रशासन का दोहरा रवैया!

अपराधियों की बर्बरता के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन का दोहरा रवैया भी हाथरस गैंगरेप मामले में देखने को मिला। एक ओर पुलिस के द्वारा पीड़ित-प्रताड़ित के पक्ष में न्याय की गुहार लगाते तमाम नागरिक समाज, छात्र-महिलावादी संगठन, राजनेताओं पर पुलिस के लाठी भांजने के वीडियो वायरल हुए, तो वहीं दूसरी ओर आरोपियों के बचाव में स्वर्ण परिषद जैसे संगठन जो लगातार सक्रिय थे, उन पर किसी कार्रवाई की कोई खबर सामने नहीं आई। इतना ही नहीं कुछ गाँवों में अभियुक्तों के पक्ष में महापंचायत बुलाई गई, लड़की के गैंगरेप होने को लेकर भी सवाल उठाए गए।

image

हाथरस मामले में मृतक लड़की की मेडिकल रिपोर्ट पर भी बवाल मचा। सत्तापक्ष के कुछ नेता और पुलिस के बड़े अधिकारी बिना जांच पूरी हुए ही दुष्कर्म की बात को खारिज़ करते नज़र आए। बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने तो पीड़िता की पहचान तक उज़ागर कर दी।।

जिलाधिकारी की भूमिका पर सवाल!

इस पूरे मामले में जिलाधिकारी की भूमिका पर भी कई सवाल खड़े हुए। कई मीडिया रिपोर्ट्स और वीडियो में डीएम को पीड़ित परिवार को धमकाते हुए भी सुना गया। पीड़ित पक्ष ने डीएम पर कई आरोप लगाए लेकिन बावजूद इसके डीएम पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

युवती के परिवार ने आरोप लगाया था कि स्थानीय पुलिस ने आनन-फानन में अंतिम संस्कार करने के लिए उन पर दबाव डाला था। हालांकि, स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि अंत्येष्टि परिवार की इच्छा के अनुसार की गई थी।

इस बीच यूपी सरकार ने यह भी दावा किया था कि राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए मामले का इस्तेमाल किया जा रहा था और यह एक ‘अंतरराष्ट्रीय साजिश’ थी। यूपी पुलिस ने रिपोर्ट करने के लिए हाथरस जा रहे केरल के पत्रकार सिद्दीक कप्पन को इस मामले के तहत आरोपी बनाया है।

इस मामले में यूपी सरकार ने पीड़िता के परिजनों का नार्को टेस्ट कराने की बात कही थी जिसे लेकर भी काफ़ी विवाद हुआ था क्योंकि आम तौर पर नार्को टेस्ट अभियुक्त पक्ष का होता है।

विपक्ष ने कहा, बिना मांगे बीजेपी से कुछ नहीं मिलता, सत्यमेव जयते!

सीबीआई की चार्जशीट के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी की योगी सरकार पर निशाना साधा है। सीबीआई द्वारा एससी-एसटी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने सत्य की जीत बताया है।

एक तरफ सरकार सरंक्षित अन्याय था।
दूसरी तरफ परिवार की न्याय की आस थी।

पीड़िता का शव जबरदस्ती जला दिया गया। पीड़िता को बदनाम करने की कोशिशें हुईं। परिवार को धमकाया गया।

लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई।

सत्यमेव जयते#HathrasCase pic.twitter.com/X4qD0BVjjs

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 18, 2020

प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया “एक तरफ सरकार सरंक्षित अन्याय था। दूसरी तरफ परिवार की न्याय की आस थी। पीड़िता का शव जबरदस्ती जला दिया गया। पीड़िता को बदनाम करने की कोशिशें हुईं। परिवार को धमकाया गया। लेकिन अंततः सत्य की जीत हुई। सत्यमेव जयते।”

प्रियंका गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी राज्य की योगी सरकार को हाथरस मामले में घेरा और कहा कि बीजेपी सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता न इंसाफ, न हक।

‘हाथरस कांड’ में उप्र की भाजपा सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जनता, विपक्ष व सच्चे मीडिया के दबाव से सीबीआई जांच बैठानी ही पड़ी. अब पीड़िता के अंतिम बयान के आधार पर चारों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दाखिल हुई है.

भाजपा सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता न इंसाफ़, न हक़.

— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) December 18, 2020

अखिलेश यादव ने ट्वीट में कहा, “हाथरस कांड’ में उप्र की भाजपा सरकार की लाख कोशिशों के बाद भी जनता, विपक्ष व सच्चे मीडिया के दबाव से सीबीआई जांच बैठानी ही पड़ी। अब पीड़िता के अंतिम बयान के आधार पर चारों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है। भाजपा सरकार से बिना लड़े कुछ भी नहीं मिलता न इंसाफ, न हक।”

पीड़ित को प्रताड़ित करने की कोशिश

गौरतलब है कि हाथरस मामले को लेकर सड़क से सोशल मीडिया तक भारी जन आक्रोश देखने को मिला था। इसे 2012 दिल्ली निर्भया कांड से जोड़ कर देखा जाने लगा था। हालांकि यूपी सरकार और प्रशासन मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश करती नज़र आ रही थी। पीड़िता के लिए इंसाफ मांगने वालों को डर था कि कहीं पूरा मामला ही न पलट दिया जाए, पीड़ित को ही दोषी और प्रताड़ित करने वाला न घोषित कर दिया जाए। ऐसे में अब जब सीबीआई चार्जशीट में गैंगरेप और हत्या की बात सामने आ रही है तो प्रशासन और सरकार के रवैए पर सवाल उठना लाज़मी है।

Hathras Rape case
Hathras
CBI
Yogi Adityanath
Yogi Administration
UP police
UP Law And Order
Women safety and security
Rahul Gandhi
PRIYANKA GANDHI VADRA
BJP
Congress
AKHILESH YADAV
Casteism
Brahminism
caste politics

Related Stories

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

चंदौली पहुंचे अखिलेश, बोले- निशा यादव का क़त्ल करने वाले ख़ाकी वालों पर कब चलेगा बुलडोज़र?

यूपी : महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ती हिंसा के विरोध में एकजुट हुए महिला संगठन

चंदौली: कोतवाल पर युवती का क़त्ल कर सुसाइड केस बनाने का आरोप

प्रयागराज में फिर एक ही परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या, दो साल की बच्ची को भी मौत के घाट उतारा

रुड़की से ग्राउंड रिपोर्ट : डाडा जलालपुर में अभी भी तनाव, कई मुस्लिम परिवारों ने किया पलायन

हिमाचल प्रदेश के ऊना में 'धर्म संसद', यति नरसिंहानंद सहित हरिद्वार धर्म संसद के मुख्य आरोपी शामिल 

प्रयागराज: घर में सोते समय माता-पिता के साथ तीन बेटियों की निर्मम हत्या!

आज़म खान-शिवपाल का साथ छोड़ना! क्या उबर पाएंगे अखिलेश यादव?


बाकी खबरें

  • institutional_casteism
    सबरंग इंडिया
    क्या आप संस्थागत जातिवाद की भयावहता लगातार सुन सकते हैं?
    30 Sep 2021
    रिपोर्ट अपर्याप्त निवारण तंत्र को देखती है और हाशिए के समुदायों के लोगों के बारे में बात करती है, जिन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में इस तरह के भेदभाव का खुले तौर पर या गुप्त रूप से सामना किया है और यह उन…
  • Kerala: Muslim woman made a painting of Lord Krishna, got a special place in the temple
    भाषा
    केरल: मुस्लिम महिला ने भगवान कृष्ण की बनाई पेंटिंग, मिला मंदिर में  खास स्‍थान
    30 Sep 2021
    पथानमथिट्टा जिले के पांडलम के करीब स्थित उलानादु श्री कृष्णा स्वामी मंदिर ने कृष्ण के बालरूप की पेंटिंग के लिए जसना से औपचारिक तौर पर अनुरोध किया और रविवार को उन्हें आमंत्रित कर उनसे पेंटिंग ली जसना…
  • dhalpur
    सबरंग इंडिया
    ढालपुर से तस्वीरें: बेदखल परिवारों के संघर्षों को दर्शाता फोटो फीचर
    30 Sep 2021
    हमारी टीम आपके लिए उन लोगों की दिल दहला देने वाली तस्वीरें लेकर आई है, जो अपने जीवन को संगठित रखने के लिए संघर्ष करते हैं। प्रशासन ने उन स्थानों को समतल कर दिया जहां उनके मामूली घर कभी खड़े थे, अब एक…
  • covid
    अमिताभ रॉय चौधरी
    वैक्सीन को मान्यता देने में हो रही उलझन से वैश्विक हवाई यात्रा पर पड़ रहा असर
    30 Sep 2021
    अब जब वैश्विक स्तर पर कोविड-19 की स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में आती लग रही है, तब अंतरराष्ट्रीय हवाई परिवहन को धीरे-धीरे खोला जा रहा है। खासकर उन देशों में हवाई बाज़ार तेजी से खुल रहा है, जहां बड़े
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 23,529 नए मामले, 311 मरीज़ों की मौत
    30 Sep 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 37 लाख 39 हज़ार 980 हो गयी है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License