NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
शिक्षा
भारत
राजनीति
सीबीएसई ने दसवीं के इंग्लिश पेपर में पूछे भद्दे, स्त्री विरोधी सवाल, विवाद के बाद मांगी माफ़ी
11 दिसम्बर को हुए दसवीं की इंग्लिश की बोर्ड परीक्षा में एक अनसीन पैसेज में स्त्रियों की स्वतंत्रता को सामाजिक और पारिवारिक समसायों का प्रमुख ज़िम्मेदार बताया गया। संसद में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी ने भी उठाया मुद्दा।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 Dec 2021
cbse
Image courtesy : India Today

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई ने स्त्री विरोधी, प्रतिगामी, पितृसत्तात्मक सोच का मुज़ाहेरा करते हुए शिक्षा के स्तर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा के इंग्लिश के प्रश्नपत्र में एक अनसीन पैसेज दिया गया जिसमें स्त्रियों की स्वतंत्रता, उनकी पहचान, और परिवार में उनके किरदार के बारे में कई घटिया बातें लिखी गई थीं।

अनसीन पैसेज एक गद्यान्श होता है, जिसे पढ़ कर नीचे दिये गए सवालों के जवाब देने होते हैं। प्रश्नपत्र में दिया गया यह पैसेज 3 हिस्सों में था जिससे जुड़े कम से कम 8 सवालों के जवाब बच्चों को देने थे। पैसेज के पहले हिस्से में युवा बच्चों के बीच अनुशासन की बात करते हुए सैकड़ों सालों पहले की प्रतिगामी और पित्रसत्तात्मक सोच का ज़िक्र किया गया है। लिखा गया है कि "पुरुष की ज़िम्मेदारी बाहर काम करने की होती थी मगर वह घर का मालिक था और उसके डर से बच्चों और नौकरों को सबक मिलता था।" इसी हिस्से में महिलाओं की ज़िम्मेदारी को घर में रहना बताया गया है।

image

वहीं दूसरे हिस्से की पहली पंक्ति में यह कहा गया है कि बीसवीं सदी में बच्चे अनुशासनहीन हो गए और इसकी सबसे बड़ी वजह 'नारीवादी आंदोलन' थी।

image

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इसका मुद्दा आज लोकसभा में उठाया। इस पैसेज को महिला विरोधी बताते हुए सोनिया ने बोर्ड और शिक्षा मंत्रालय से इस प्रश्नपत्र को तत्काल वापस लेने और इस विषय पर माफी की मांग की। सोनिया गांधी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा, ‘‘मैं सरकार का ध्यान 11 दिसंबर को सीबीएसई की दसवीं क्लास की परीक्षा के इंग्लिश प्रश्नपत्र में आए एक अप्रिय और प्रतिगामी सोच वाले अनसीन पैसेज को लेकर देशभर में उपजे आक्रोश की ओर दिलाना चाहती हूं।’’

कांग्रेस अध्यक्षा ने पैसेज में लिखे 2 वाक्यों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि, इसमें लिखा है, "महिलाओं को स्वतंत्रता मिलना अनेक तरह की सामाजिक और पारिवारिक समस्याओं का प्रमुख कारण है और पत्नियां अपने पतियों की बात नहीं सुनती हैं जिसके कारण बच्चे और नौकर अनुशासनहीन होते हैं।"

Will a student be awarded full marks for selecting option A for Question 2? pic.twitter.com/G8Se4mAWD8

— Sulochana (@Sulochana97) December 11, 2021

सोनिया गांधी के अलावा राहुल गांधी ने भी इस सवाल पर सीबीएसई पर निशाना साधा। सोशल मीडिया से ले कर संसद तक हुए इस विरोध के बाद सीबीएसई ने एक बयान जारी करते हुए इस पर माफी मांग ली है और यह प्रश्न हटा दिया है, साथ ही यह भी कहा है कि इस प्रश्न के हर किसी को पूरे नंबर दिये जाएंगे।

आपको बता दें कि यह दूसरी बार है जब बोर्ड परीक्षाओं के दौरान सीबीएसई पर सवाल उठे हैं। इससे पहले गुजरात दंगों से जुड़े एक सवाल पर सीबीएसई ने माफी मांगते हुए कहा था कि ये सवाल बोर्ड के दिशानिर्देशों के ख़िलाफ़ है। सवाल यह था कि मुस्लिम विरोधी गुजरात दंगे किस सरकार के राज में हुए थे?

(भाषा से इनपुट के साथ)

CBSE
CBSE EXAMS
Class X English paper

Related Stories

तिरछी नज़र: प्रश्न पूछो, पर ज़रा ढंग से तो पूछो

सीबीएसई की 10वीं कक्षा के परिणाम घोषित, 99.04 प्रतिशत छात्र उत्तीर्ण

राहत और बेचैनी दोनों साथ लेकर आया है बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव

सीबीएसई की 10वीं की परीक्षा रद्द, 12वीं की परीक्षा स्थगित, कई विपक्षी नेताओं ने उठाई थी मांग

भोपाल के एक मिशनरी स्कूल ने छात्रों के पढ़ने की इच्छा के बावजूद उर्दू को सिलेबस से हटाया

कोरोना से संक्रमित छात्रों के लिए फिर से आयोजित की जाएंगी प्रायोगिक परीक्षाएं: सीबीएसई

नीति से अधिक नीयत पर निर्भर है भारतीय शिक्षा का भविष्य

हाथ में कैंची लिए आरएसएस एक बार फिर से पाठ्यपुस्तकों की कतर-ब्योंत में लगा है

सीबीएसई 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित, लड़कियों ने फिर मारी बाज़ी

लॉकडाउन में ‘इंडिया’ तो ऑनलाइन पढ़ लेगा लेकिन ‘भारत’ का क्या होगा?


बाकी खबरें

  • अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस
    भाषा
    अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीन को आतंकवाद का स्रोत नहीं बनना चाहिए : भारत, फ्रांस
    17 Nov 2021
    पेरिस में आतंकवाद से मुकाबला करने के विषय पर भारत-फ्रांस संयुक्त कार्य समूह की बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा पार आतंकवादी गतिविधियों सहित आतंकवाद के सभी स्वरूपों की निंदा की और इस बुराई के ख़िलाफ़…
  • pollution
    भाषा
    टेलीविजन पर होने वाली परिचर्चाएं दूसरी चीजों से कहीं अधिक प्रदूषण फैला रही हैं: न्यायालय
    17 Nov 2021
    पीठ ने कहा, ‘‘आप (वादकारियों) किसी मुद्दे का इस्तेमाल करना चाहते हैं, हमसे टिप्पणी कराना चाहते हैं और फिर उसे विवादास्पद बनाते हैं, इसके बाद सिर्फ आरोप प्रत्यारोप ही होता है...।’’
  • sc
    भाषा
    त्रिपुरा हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को बलपूर्वक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया
    17 Nov 2021
    कोर्ट ने वकील मुकेश और अनसारुल हक़ और पत्रकार श्याम मीरा सिंह की याचिका पर अगरतला पुलिस को नोटिस जारी किया है।
  • Hindutva
    अजय गुदावर्ती
    हिंदुत्व हिंदू धर्म का प्रतिरूप है या इसके एकदम उलट?
    17 Nov 2021
    हिंदुत्व हिंदू धर्म के भेदभाव वाले पहलुओं को मजबूत बनाकर इसके समायोजित और समावेशी पहलुओं को ध्वस्त कर देता है। यह बदलाव नहीं, बल्कि एक ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था की स्थापना का आग्रह करता है।
  • mannu
    किरण सिंह
    मन्नू भंडारी; सादगी का गहरा आकर्षण: वो जो खो गया
    17 Nov 2021
    मन्नू भंडारी नई कहानी के मशाल धावकों में से थीं। कहानी-उपन्यास के साथ साहित्य की अन्य विधाओं के लिए भी मन्नू भंडारी के योगदान को याद रखा जाएगा।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License