NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीटू, एसडब्ल्यूएफआई ने सरकार और प्रबंधन के ख़िलाफ़ सफल हड़ताल के लिए स्टील श्रमिकों को दी बधाई
"प्रबंधन और सरकार द्वारा विभिन्न उकसावे के बावजूद, स्टील श्रमिकों द्वारा ऐतिहासिक और साहसिक हड़ताल ने प्रदर्शित किया कि श्रमिकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है।"
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Jul 2021
सीटू, एसडब्ल्यूएफआई ने सरकार और प्रबंधन के ख़िलाफ़ सफल हड़ताल के लिए स्टील श्रमिकों को दी बधाई

कल यानि बुधवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) और स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसडब्ल्यूएफआई) ने प्रबंधन और मंत्रालय के "अहंकारी रवैये" के खिलाफ सफल हड़ताल के लिए स्टील कर्मचारियों को बधाई दी। हड़ताली कर्मचारियों ने कहा कि प्रबंधन उनकी मांगों की अनदेखी कर रहा  है।

29 जून को विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के कर्मचारियों ने  हड़ताल की। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के संयंत्रों, खदानों और प्रतिष्ठान के कर्मचारियों ने भी अगले दिन 30 जून हड़ताल की।

कर्मचारी बिना किसी शर्त के स्थायी और संविदा कर्मियों के वेतन संशोधन की मांग कर रहे हैं। इस 1.5 लाख से अधिक श्रमिकों ने विभिन्न इस्पात संयंत्रों, खानों और प्रतिष्ठानों में हड़ताल में भाग लिया जबकि 70% से 95% श्रमिक शरीरिक रूप से विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

सीटू और एसडब्ल्यूएफआई द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, "सरकार और प्रबंधन के अहंकार ,बेशर्मी और  मजदूर विरोधी रवैये के कारण, वेतन संशोधन में साढ़े चार साल से अधिक की देरी हुई।" इसमें आगे कहा गया है कि जब चार साल बाद नेशनल ज्वाइंट कमेटी फॉर स्टील (एनजेसीएस) में द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई, तो प्रबंधन ने बढ़ोतरी के बजाय वेतन में कटौती का प्रस्ताव रखा।

विज्ञप्ति के मुताबिक "हालांकि सभी यूनियनों ने  धैर्य  बनाए रखा और प्रबंधन के साथ बातचीत में भाग लिया। लेकिन छह महीने से अधिक (एनजेसीएस की विभिन्न बैठकों में) प्रबंधन के एक ही नकारात्मक अहंकार की निरंतरता के कारण, अंततः सार्वजनिक क्षेत्र के स्टील में सभी यूनियनें उद्योग जगत ने सामूहिक रूप से 30 जून (29 जून को विजाग में) हड़ताल पर जाने का फैसला किया।"

यूनियनों ने कहा कि स्टील कर्मचारी, अनुबंध के तहत और स्थायी दोनों, "अभी भी महामारी / तालाबंदी के बीच अपनी जान जोखिम में डालते हुए, स्टील प्लांट/खदानों को चालू रखते हैं।" इसमें कहा गया है कि 600 से अधिक श्रमिकों और अधिकारियों ने काम के दौरान कोरोना  में अपनी जान गंवा दी और अगर उनके परिवारों का हिसाब लगाया जाए तो यह संख्या एक हजार से अधिक लोगों तक पहुंच जाती है।

यूनियन ने अपने बयान में कहा "इसके बावजूद, प्रबंधन ने मुआवजे और अनुकंपा रोजगार के लिए यूनियनों की बार-बार की गई मांगों का जवाब देने का भी शिष्टाचार नहीं दिखाया। यह प्रबंधन का अहंकार है।"

यूनियनों ने कहा "प्रबंधन और सरकार द्वारा विभिन्न उकसावे के बावजूद, स्टील श्रमिकों द्वारा ऐतिहासिक और साहसिक  हड़ताल ने प्रदर्शित किया कि श्रमिकों को हल्के में नहीं लिया जा सकता है। यह प्रबंधन के सत्तावादी और एकतरफा रुख को चुनौती देने के लिए पूरे इस्पात श्रमिकवर्ग  द्वारा एक संयुक्त हड़ताल की कार्रवाई बन गई है।"

सीटू ने आगे यूनियनों और श्रमिकों से "इस एकता को और मजबूत करने के लिए नियमित और ठेका श्रमिकों दोनों के लिए बिना किसी नकारात्मक पूर्व शर्त के सम्मानजनक वेतन समझौते के लिए लड़ने के लिए और निजीकरण के हमले के खिलाफ अपने संघर्ष” को मज़बूत करने को कहा।”

विशाखापत्तनम स्टील प्लांट की कॉरपोरेट इकाई राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) में  निजीकरण के खिलाफ इस साल फरवरी से ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं।

CITU
SWFI
steel workers
SAIL
RINL
Vishakhapatnam Steel Plant
Steel Authority of India
RMD
COVID-19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना ने फिर पकड़ी रफ़्तार, 24 घंटों में 4,518 दर्ज़ किए गए 

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 3,962 नए मामले, 26 लोगों की मौत

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

कोरोना अपडेट: देश में 84 दिन बाद 4 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'

मुंडका अग्निकांड: ट्रेड यूनियनों का दिल्ली में प्रदर्शन, CM केजरीवाल से की मुआवज़ा बढ़ाने की मांग

कोरोना अपडेट: देश में कोरोना के मामलों में 35 फ़ीसदी की बढ़ोतरी, 24 घंटों में दर्ज हुए 3,712 मामले 

झारखंड-बिहार : महंगाई के ख़िलाफ़ सभी वाम दलों ने शुरू किया अभियान

कोरोना अपडेट: देश में नए मामलों में करीब 16 फ़ीसदी की गिरावट

कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 2,706 नए मामले, 25 लोगों की मौत


बाकी खबरें

  • iran
    शिरीष खरे
    ईरान के नए जनसंख्या क़ानून पर क्यों हो रहा है विवाद, कैसे महिला अधिकारों को करेगा प्रभावित?
    21 Feb 2022
    ईरान का नया जनसंख्या कानून अपनी एक आधुनिक समस्या के कारण सुर्खियों में है, जिसके खिलाफ अब ईरान ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के कुछ मानवाधिकार संगठन आवाज उठा रहे हैं।
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 16,051 नए मामले, 206 मरीज़ों की मौत
    21 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.47 फ़ीसदी यानी 2 लाख 2 हज़ार 131 हो गयी है।
  • education
    निवेदिता सरकार, अनुनीता मित्रा
    शिक्षा बजट: डिजिटल डिवाइड से शिक्षा तक पहुँच, उसकी गुणवत्ता दूभर
    21 Feb 2022
    बहुत सारी योजनाएं हैं, लेकिन शिक्षा क्षेत्र के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता उसकी खुद की विरोधाभासी नीतियों और वित्तीय सहायता की कमी से बुरी तरह प्रभावित हैं।
  • Modi
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव : कैसे यूपी की 'डबल इंजन’ सरकार ने केंद्रीय योजनाओं को पटरी से उतारा 
    21 Feb 2022
    महामारी के वर्षों में भी, योगी आदित्यनाथ की सरकार प्रमुख केंद्रीय योजनाओं को पूरी तरह से लागू नहीं कर पाई। 
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    अयोध्या में कम्युनिस्ट... अरे, क्या कह रहे हैं भाईसाहब!
    21 Feb 2022
    यह बात किसी सामान्य व्यक्ति को भी हैरान कर सकती है कि भारतीय दक्षिणपंथ के तूफ़ान का एपीसेंटर बन चुके अयोध्या में वामपंथी कहां से आ गए ? लेकिन यह सच है…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License