NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
सीएम योगी ने ‘झूठी नौकरी’ का ट्वीट करके युवाओं को धोखा दिया है?
पहले से ही बेरोज़गारी के नाम पर घिरी योगी आदित्यनाथ सरकार ‘चार साल में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी’ देने की बात ट्वीट कर अब फिर विवादों में आ गई है। आनन-फानन में ट्वीट डिलीट करने के बाद भी विपक्ष और आम लोगों के सवाल सरकार से बरकरार हैं।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Mar 2021
yogi

आपने वो कहावत तो सुनी ही होगी कि झूठ की पोल खुलते देर नहीं लगती। बस कुछ यही हुआ है यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ‘चार साल में चार लाख युवाओं को सरकारी नौकरी’ देने के दावे का।

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ऑफिस के ट्विटर हैंडल से बीते दिनों एक ट्वीट हुआ। इसमें दावा था कि यूपी के महाराजगंज के दुर्गेश चौधरी नाम के एक शख्स को लेखपाल की नौकरी मिली है। नौकरी के लिए सरकार का धन्यवाद ज्ञापन भी किया गया। ट्वीट में एक वीडियो भी लगा था जिसमें खुद दुर्गेश चौधरी बताते दिखे कि किस तरह उन्हें सरकारी नौकरी मिली।

हालांकि इस सरकारी ‘झूठ’ की पोल जल्दी ही खुल गई और लोग वीडियो और ट्वीट पर सवाल उठाने लगे। सवाल ये कि साल 2015 के बाद से जब लेखपाल पद के लिए वैकेंसी ही नहीं निकली तब दुर्गेश चौधरी को नौकरी कैसे मिली। आखिर दुर्गेश चौधरी का सलेक्शन कब और कैसे हुआ। विवाद बढ़ा तो ट्वीट डिलीट कर दिया गया। लेकिन तब तक तीर कमान से निकल चुका था और विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया था, जो अभी भी जारी है।

क्या है पूरा मामला?

सत्ता गंवाने के बाद समाजवादी पार्टी बार-बार सत्ताधारी पार्टी बीजेपी पर आरोप लगाती रही है कि सीएम योगी पूर्व सीएम अखिलेश यादव द्वारा शुरू की गई परियोजनाओं का ही फ़ीता काट रहे हैं यानी क्रेडिट ले रहे हैं लेकिन इस ट्वीट के जरिए अब सीएम योगी ने खुद ही इस बात को साबित कर दिया है।

योगी आदित्यनाथ के ऑफिस की ओर से जो ट्वीट किया गया उसमें कहा गया था, “सरकारी नौकरी हेतु आयोजित परीक्षाओं के समयबद्ध परिणामों एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज को धन्यवाद ज्ञापित करते श्री दुर्गेश चौधरी जी। श्री दुर्गेश चौधरी जी की नियुक्ति राजस्व लेखपाल के पद पर पूर्ण पारदर्शिता के साथ हुई है।”

image

क्या अखिलेश यादव का क्रेडिट सीएम योगी ले रहे हैं?

दरअसल, प्रदेश में अंतिम जो लेखपाल भर्ती हुई है उसके लिए प्रक्रिया साल 2015 में शुरू हुई थी। उस वक्त यूपी में सपा की सरकार थी और अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे। इस भर्ती की प्रक्रिया साल 2016 में पूरी हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुर्गेश इसी साल लेखपाल बने थे। कई समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी ट्विटर पर दावा किया है कि दुर्गेश चौधरी की भर्ती समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में हुई थी।

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश में राजस्व लेखपालों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के जरिए होती है। यूपीएसएसएससी  की ओर से 2019 में चकबंदी लेखपाल पद के लिए 1364 वैकेंसी निकाली थीं जिनको बाद में रद्द कर दिया गया। साल 2020 में राजस्व परिषद की ओर से 7882 लेखपालों की भर्ती का प्रस्ताव यूपीएसएसएससी के पास लंबित है।

विपक्ष ने की सीएम योगी से मांफी की मांग

अब ध्यान देने वाली बात ये है कि यूपी में बीजेपी की सरकार साल 2017 में बनी थी। योगी आदित्यनाथ ने सीएम पद की शपथ 19 मार्च 2017 को ली थी। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर ये योगी सरकार को झूठी नौकरी का दावा करने की जरूरत ही क्यों पड़ी। ये पूरी बात सामने आते ही मुख्यमंत्री ऑफिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट को डिलीट कर दिया गया, लेकिन अब विपक्ष इस मामले में सरकार को घेर रहा है।

इस संबंध में समाजवादी पार्टी के नेता आईपी सिंह ने ट्वीट कर कहा, “समाजवादी पार्टी की सरकार में हुई लेखपाल भर्ती से दुर्गेश चौधरी का वीडियो बनवा कर योगी जी को धन्यवाद दिलवाना कोई मानवीय भूल नहीं एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है। मुख्यमंत्री जी छात्रों को भ्रमित करने के लिए माफी मांगें।”

समाजवादी पार्टी की सरकार में हुई लेखपाल भर्ती से दुर्गेश चौधरी का वीडियो बनवा कर योगी जी को धन्यवाद दिलवाना कोई मानवीय भूल नहीं एक सोची समझी साजिश का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री जी छात्रों को भ्रमित करने के लिए माफी माँगें।

जो सिर्फ करें झूठा प्रचार, उखाड़ फेंको ऐसी सरकार। pic.twitter.com/EztDvlTMPM

— I.P. Singh (@IPSinghSp) March 11, 2021

प्रियंका गांधी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक तस्वीर शेयर करते हुए कहा है कि यूपी के युवाओं से 70 लाख नौकरियों का वादा था, मगर लाखों भर्तियां अभी भी खाली पड़ी हैं।

ट्वीट में प्रियंकी ने लिखा, 'विज्ञापन की सरकार, झूठा सारा प्रचार, ट्विटर पर बांटे नौकरी, युवा को किया दरकिनार। योगीजी, ये जो पब्लिक है, सब जानती है। यूपी के युवाओं से 70 लाख नौकरियों का वादा था मगर लाखों भर्तियां खाली पड़ी हैं। युवा भर्तियों, परिणामों व ज्वाइनिंग का इंतजार करते-करते परेशान हैं।

विज्ञापन की सरकार
झूठा सारा प्रचार
ट्विटर पर बांटे नौकरी
युवा को किया दरकिनार

योगीजी, ये जो पब्लिक है, सब जानती है।

यूपी के युवाओं से 70 लाख नौकरियों का वादा था मगर लाखों भर्तियां खाली पड़ी हैं।

युवा भर्तियों, परिणामों व ज्वाइनिंग का इंतजार करते-करते परेशान हैं। #जॉब_दो pic.twitter.com/RB14JzoTgD

— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 12, 2021

कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने ट्विटर पर लिखा, “मुख्यमंत्री जी के आधिकारिक अकाउंट से दुर्गेश चौधरी नामक व्यक्ति का वीडियो डाला गया जिसमें उसने लेखपाल की पारदर्शी भर्ती के लिए योगी जो को धन्यवाद दिया। अब पता चला है 5 साल से लेखपाल की कोई भर्ती ही नहीं आयी है, पोल खुलते ही ट्वीट डिलीट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री जी के आधिकारिक अकाउंट से दुर्गेश चौधरी नामक व्यक्ति का वीडियो डाला गया जिसमें उसने लेखपाल की पारदर्शी भर्ती के लिए योगी जो को धन्यवाद दिया।

अब पता चला है 5 साल से लेखपाल की कोई भर्ती ही नहीं आयी है, पोल खुलते ही ट्वीट डिलीट कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री का यह स्तर? pic.twitter.com/T8G5DanLq0

— Pawan Khera (@Pawankhera) March 11, 2021

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने यूपी सरकार पर निशाना साधते हुए ट्वीट में लिखा, “भाजपा में ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने वालों का जमावड़ा है। अब आदित्यनाथ जी को ही देख लीजिये एक नौजवान का फ़र्ज़ी वीडियो डाल दिया नौकरी देने का धन्यवाद भी ले लिया चारों तरफ थू-थू हुई तो वीडियो Delete करना पड़ा। क्या BJP को अब अपना नाम बदलकर “भारतीय झूठ्ठा पार्टी” रख लेना चाहिए?”

भाजपा में ऊपर से लेकर नीचे तक झूठ बोलने वालों का जमावड़ा है। अब आदित्यनाथ जी को ही देख लीजिये एक नौजवान का फ़र्ज़ी विडीओ डाल दिया नौकरी देने का धन्यवाद भी ले लिया चारों तरफ थू-थू हुई तो विडीओ Delete करना पड़ा।
क्या BJP को अब अपना नाम बदलकर “भारतीय झूठ्ठा पार्टी” रख लेना चाहिये? pic.twitter.com/j9K6ZMWbNl

— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) March 11, 2021

यूपी कांग्रेस ने एक के बाद एक दो ट्वीट किए और सीएम योगी पर निशाना साधा। कांग्रेस ने अपने पहले ट्वीट में लिखा, “झूठ पकड़ा गया तो ट्वीट डिलीट कर दिया गया। जैसे ट्वीट डिलीट हुआ, वैसे ही झूठ की बुनियाद पर टिकी सरकार भी डिलीट होगी।”

झूठ पकड़ा गया तो ट्वीट डिलीट कर दिया गया।

जैसे ट्वीट डिलीट हुआ, वैसे ही झूठ की बुनियाद पर टिकी सरकार भी डिलीट होगी।

— UP Congress (@INCUttarPradesh) March 11, 2021

एक अन्य ट्वीट में यूपी कांग्रेस ने लिखा, “बेरोजगार युवाओं को बिना भर्ती निकले नौकरी पाना हो तो उत्तर प्रदेश में पधारिये।”

युवाओं की बार-बार गुहार के बाद भी रोज़गार क्यों नहीं दे रही सरकार

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले ही ट्विटर पर देश के युवाओं ने रोज़गार को लेकर पीएम मोदी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी से नौजवान पहले से ही नौकरियों की गुहार लगा रहे हैं, कई बार सड़क पर प्रदर्शन तो कई बार सोशल मीडिया पर रोजगार दो ट्रेंड़ करवा चुके हैं। लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की राजनीति एक अलग ही रोमांच पर है। एक ओर कानून व्यवस्था ‘भगवान भरोसे’ है तो वहीं दूसरी ओर ‘युवा बेरोज़गार’ सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। लेकिन सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को इससे शायद ही कोई फर्क पड़ता है। पार्टी राज्य में ‘सब चंगा सी’ के मिशन के साथ ‘अच्छे दिन’ के प्रचार-प्रसार में मस्त है।

Uttar pradesh
Yogi Adityanath
yogi government
unemployment
Jobs in UP
Yogi Adityanath's Tweet
BJP
Congress
SP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

डरावना आर्थिक संकट: न तो ख़रीदने की ताक़त, न कोई नौकरी, और उस पर बढ़ती कीमतें

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक डेस्क
    इतवार की कविता: किस चीज़ से डरते हैं वे?
    09 Jan 2022
    गोरख पाण्डेय ने 43 साल पहले देश के हाकिमों से पूछा था कि “किस चीज़ से डरते हैं वे/तमाम धन-दौलत/ गोला-बारूद पुलिस-फ़ौज के बावजूद?”, आज भी ये सवाल मौज़ू है और साथ ही उसका जवाब भी।
  • UP
    असद रिज़वी
    यूपी चुनाव हलचल: गठबंधन के सहारे नैया पार लगाने की कोशिश करतीं सपा-भाजपा
    09 Jan 2022
    यूपी में चुनावों का ऐलान हो चुका है, सबकी नज़र सपा और भाजपा पर है, बसपा, रालोद और कांग्रेस भी चुनावी गणित में अपना अपना हिस्सा लेने की आस लगाए बैठी हैं। आइए गठबंधनों के लिए अंदर ही अंदर चल रही हलचल…
  • omicron
    डॉ. द्रोण कुमार शर्मा
    तिरछी नज़र: ओमीक्रॉन आला रे...
    09 Jan 2022
    हम तो हर मेहमान का स्वागत करते हैं। आखिर 'अतिथि देवो भव', यही हमारी सभ्यता है। और अगर मेहमान विदेशी हो तो कहना ही क्या! विदेशी अतिथि तो हमें बहुत ही पसंद हैं। क्या पता, निवेश करने ही आया हो।
  • पीएम सुरक्षा चूक पर धुंध, चन्नी की चमक और सूबाई चुनाव
    न्यूज़क्लिक प्रोडक्शन
    पीएम सुरक्षा चूक पर धुंध, चन्नी की चमक और सूबाई चुनाव
    08 Jan 2022
    पंजाब और पंजाबियत के बचाव में पुरजोर ढंग से बोलकर क्या मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने सूबे में अपनी हैसियत मजबूत कर ली है? #HafteKiBaat के नये एपिसोड में इन सवालों के अलावा पांच राज्यों में चुनाव की…
  • संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संभावित लॉकडाउन के ख़तरे के बीच बिहार-यूपी लौटने लगे प्रवासी श्रमिक !
    08 Jan 2022
    घर लौटने को लेकर मुंबई में अफरातफरी का माहौल सामने आया है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर इन श्रमिकों की भीड़ देखी गई। घर पहुंचने के लिए बिहार-उत्तरप्रदेश के इन श्रमिकों को ट्रेन में जगह नहीं मिल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License