NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
स्वास्थ्य
विज्ञान
अंतरराष्ट्रीय
अमेरिका
COVID-19 : वैक्सीन का पहला क्लीनिकल ट्रॉयल अमेरिका में शुरू
अगर वैक्सीन सुरक्षा समीक्षा के चरणों को पास कर जाती है तो भी बड़े स्तर पर आपूर्ति में फ़िलहाल 12 से 18 महीने का वक़्त लग जाएगा।
संदीपन तालुकदार
18 Mar 2020
COVID-19

SARS-CoV-2 के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होने वाले एक प्रायोगिक वैक्सीन का ट्रॉयल सोमवार को अमेरिका में शुरू किया गया। बता दें SARS-CoV-2 ही COVID-19 को फैलाने वाला वायरस है। इस वैक्सीन के पहले चरण की ट्रॉयल सिआटेल के ''कैसर परमानेंटे वाशिंगटन हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट (KPWHRI)'' में हो चुकी है। इस ट्रॉयल में ''नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इनफ़ेक्शियस डिसीज़ (NIAID)'' ने पैसा लगाया है। यह अमेरिका स्थित एक प्रमुख संस्थान ''नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ (NIH)'' का हिस्सा है।

इस खुली ट्रॉयल में 45 स्वस्थ्य स्वंयसेवी हिस्सा ले रहे हैं। इन लोगों ने ख़ुद आगे आकर प्रक्रिया का हिस्सा बनने का फ़ैसला किया है। ट्रॉयल 6 हफ़्ते चलेगा। यह लोग 18 से 55 साल की उम्र के बीच के हैं। इस अध्ययन में हिस्सा लेने वाले सहभागियों को उनके हाथ के ऊपरी हिस्से से वैक्सीन की दो खुराक दी जाएंगी। दोनों खुराकों के बीच 28 दिन का अंतर होगा। NIH के मुताबिक़ हर व्यक्ति को दोनों खुराकों में 25 माइक्रोग्राम, 100 माइक्रोग्राम और 250 माइक्रोग्राम का वैक्सीन दिया जाएगा। शुरूआती चार लोगों को कम खुराक दी जाएगी। वहीं अगले चार को 100 माइक्रोग्राम की खुराक दी जाएंगी।

वैक्सीन के दूसरे इंजेक्शन से पहले, चिकित्सीय जांचकर्ता सुरक्षा जांच करेंगे। 25 और 100 माइक्रोग्राम समूह में बचे हुए लोगों को वैक्सीन लगाने के पहले भी ऐसा ही किया जाएगा। 250 माइक्रोग्राम की खुराक देने से पहले भी स्वयंसेवियों की सुरक्षा स्थिति की जांच की जाएगी। 

लेकिन बड़े स्तर पर इस वैक्सीन की आपूर्ति में फ़िलहाल 12 से 18 महीने लग जाएँगे। स्वंयसेवियों को वैक्सीन लगने के बाद क्लीनिक आकर जांच करानी होगी।

इस वैक्सीन का नाम mRNA-1273 रखा गया है। इसे NIAID के वैज्ञानिकों ने ''बॉयोटेक कंपनी मोडर्ना'' के साथ मिलकर विकसित किया है। मोडर्ना अमेरिका के मैसाचुसेट्स में स्थित एक बॉयोटेक कंपनी है। इस वैक्सीन का निर्माण जेनेटिक मटेरियल mRNA (मैसेंजर RNA) के आधार पर हुआ है। SARS-CoV-2 भी एक RNA वायरस है। वैज्ञानिकों ने वायरस RNA के एक हिस्से को निकालकर ख़ास तरह का प्रोटीन बनाया है। इस प्रोटीन से मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कुछ आमूलचूल बदलाव लाने की आशा लगाई जा रही है। कथित तौर पर इस वैक्सीन ने जानवरों में अपना प्रभाव दिखाया है।

mRNA कोई जीवंत वैक्सीन नहीं है। मतलब वैक्सीन के इंजेक्शन में सीधा जीवंत वायरस नहीं होगा, बल्कि RNA के रूप में वायरस का एक हिस्सा इंजेक्शन में होगा। जब इसे शरीर में डाला जाएगा, तो एक वायरल प्रोटीन पैदा होगा, जो कोरोनावायरस से लड़ने के लिए शरीर में प्रतिरोधक क्षमता विकसित करेगा। यह प्रक्रिया सामान्य तौर पर आधुनिक वैक्सीन को विकसित और इस्तेमाल करने के तरीक़ों से अलग है। आधुनिक वैक्सीन के बनाने के पारंपरिक तरीक़े में प्रोटीन बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले जेनेटिक मटेरियल या ख़ुद प्रोटीन को ही उत्प्रेरक के तौर पर उपयोग किया जाता है।

ट्रॉयल पर प्रतिक्रिया देते हुए NIAID के निदेशक एंथनी एस फ़ौजी ने कहा, ''SARS-CoV-2 को रोकने के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन का निर्माण करना फिलहाल एक आपात सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता है। पहले चरण का अध्ययन रिकॉर्ड तोड़ गति से शुरू किया गया। यह अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने की दिशा में एक अहम क़दम है।''

COVID-19 के वैश्विक महामारी बनने के बाद कई संस्थान और वैज्ञानिक इसका इलाज खोजने में लगे हैं, लेकिन अभी तक इन कोशिशों को सफलता नहीं मिल पाई है। यह नया ट्रायल अगर सुरक्षा समीक्षा पास कर जाता है, तो भविष्य के लिए एक नई आशा पैदा हो सकती है।

अंग्रेजी में लिखा मूल आलेख आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं।

COVID-19: First Clinical Trial of Vaccine in US

COVID Vaccine Trial in US
mRNA-1273
NIH
Moderna Inc

Related Stories

कोविड-19 वैक्सीन: फाइजर के बाद मॉडरना ने भी कर लिया सफल परीक्षण, कोवाक्सिन का तीसरा चरण शुरू

COVID-19 : संभावित वैक्सीन सैम्पल का इंसानों पर ट्रायल शुरू


बाकी खबरें

  • BIRBHUMI
    रबीन्द्र नाथ सिन्हा
    टीएमसी नेताओं ने माना कि रामपुरहाट की घटना ने पार्टी को दाग़दार बना दिया है
    30 Mar 2022
    शायद पहली बार टीएमसी नेताओं ने निजी चर्चा में स्वीकार किया कि बोगटुई की घटना से पार्टी की छवि को झटका लगा है और नरसंहार पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री के लिए बेहद शर्मनाक साबित हो रहा है।
  • Bharat Bandh
    न्यूज़क्लिक टीम
    देशव्यापी हड़ताल: दिल्ली में भी देखने को मिला व्यापक असर
    29 Mar 2022
    केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के द्वारा आवाह्न पर किए गए दो दिवसीय आम हड़ताल के दूसरे दिन 29 मार्च को देश भर में जहां औद्दोगिक क्षेत्रों में मज़दूरों की हड़ताल हुई, वहीं दिल्ली के सरकारी कर्मचारी और…
  • IPTA
    रवि शंकर दुबे
    देशव्यापी हड़ताल को मिला कलाकारों का समर्थन, इप्टा ने दिखाया सरकारी 'मकड़जाल'
    29 Mar 2022
    किसानों और मज़दूरों के संगठनों ने पूरे देश में दो दिवसीय हड़ताल की। जिसका मुद्दा मंगलवार को राज्यसभा में गूंजा। वहीं हड़ताल के समर्थन में कई नाटक मंडलियों ने नुक्कड़ नाटक खेलकर जनता को जागरुक किया।
  • विजय विनीत
    सार्वजनिक संपदा को बचाने के लिए पूर्वांचल में दूसरे दिन भी सड़क पर उतरे श्रमिक और बैंक-बीमा कर्मचारी
    29 Mar 2022
    "मोदी सरकार एलआईसी का बंटाधार करने पर उतारू है। वह इस वित्तीय संस्था को पूंजीपतियों के हवाले करना चाहती है। कारपोरेट घरानों को मुनाफा पहुंचाने के लिए अब एलआईसी में आईपीओ लाया जा रहा है, ताकि आसानी से…
  • एम. के. भद्रकुमार
    अमेरिका ने ईरान पर फिर लगाम लगाई
    29 Mar 2022
    इज़रायली विदेश मंत्री याइर लापिड द्वारा दक्षिणी नेगेव के रेगिस्तान में आयोजित अरब राजनयिकों का शिखर सम्मेलन एक ऐतिहासिक परिघटना है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License