NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
COVID-19 वैक्सीन: भारत के पास क्या-क्या संभावनाएं है?
जिन दो वैक्सीन विकल्पों ने 90% से अधिक की सफलता दर का दावा किया है वे इस देश की पहुंच से बाहर हो सकती हैं।
संदीपन तालुकदार
19 Nov 2020
कोरोना वायरस

मंगलवार, 17 नवंबर को नेशनल टास्क फोर्स फॉर सीओवीआईडी-19 के प्रमुख डॉ. वी.के. पॉल ने टिप्पणी की कि फाइजर वैक्सीन जल्द ही भारत नहीं पहुंचने वाली थी। उन्होंने यह भी कहा कि वैक्सीन के भंडारण और वितरण की बड़ी चुनौतियां हैं। इसे लगभग -70 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर स्टोर करने की आवश्यकता होती है। इसके आकलन पर निर्भर इसके ख़रीद के साथ समीक्षा की जा रही है। मॉडर्न इंक के वैक्सीन के मामले में भी यही स्थिति है जिसे -20 डिग्री सेल्सियस पर भी स्टोर किए जाने की आवश्यकता है।

यह सत्य है कि 90% से अधिक प्रभावकारिता दिखाने का दावा करने वाले ये टीके भारत के लिए सबसे अच्छे विकल्प नहीं हैं। न केवल कोल्ड स्टोरेज और इसके वितरण को लेकर विवाद हैं बल्कि इन टीकों की लागत को लेकर भी विवाद है। इसलिए, यह संभावना है कि ये टीके बहुत जल्द भारत नहीं पहुंचेंगे।

फिर भी, देश में अन्य वैक्सीन विकल्प विकसित किए जा रहे हैं। भारत के स्वदेशी वैक्सीन विकल्प जिसे भारत बायोटेक द्वारा विकसित किया गया है वह पहले ही क्लिनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में प्रवेश कर चुका है। भारत बायोटेक के अनुसार चरण III में 26,000 वालंटियरों की आवश्यकता होगी और आईसीएमआर के साथ साझेदारी में पूरे भारत में ट्रायल किया जाएगा।

हालांकि कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. कृष्णा एल्ला के अनुसार भारत बायोटेक की उत्पादन क्षमता सीमित है। कंपनी ने कथित तौर पर कहा है कि वह नाक में डालने वाले ड्रॉप को विकसित करके वैक्सीन की आपूर्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इस देश को वैक्सीन की प्रभावशीलता और उपलब्धता का आकलन करने के लिए परीक्षणों के परिणामों की प्रतीक्षा करनी होगी।

यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि किसी भी टीका विकल्प को भंडारण के लिए अपेक्षाकृत कम तापमान की आवश्यकता होगी।

विकसित किया जा रहा अन्य टीका ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राजेनेका विकल्प है। सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) वैक्सीन विकसित कर रहा है जो क्लिनिकल ट्रायल के चरण II / III में है। एसआईआई ने कहा है कि वह दिसंबर तक 100 मिलियन खुराक का उत्पादन करना चाहता है। हालांकि, ये वैक्सीन केवल भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में सफल साबित होने के बाद ही उपलब्ध होगी।

रूस में गेमालेया नेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा विकसित रूसी वैक्सीन- स्पुतनिक वी- विकसित किया गया जिसका भारत में परीक्षण किया जाएगा। यह वैक्सीन भारत में दूसरे / तीसरे चरण से गुजरेंगे।

यह निर्णय ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) द्वारा डॉ. रेड्डी को परीक्षण करने की मंजूरी देने के बाद आया है। टीके के पहले बैच का परीक्षण गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज कानपुर में किया जाएगा।

एक अन्य वैक्सीन जो क्लिनिकल ट्रायल में प्रवेश कर चुका है उसे यूएस स्थित बेयलर कॉलेज ऑफ मेडिसिन द्वारा विकसित किया जा रहा है। यह वैक्सीन विकल्प भारत में हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता बायोलॉजिकल ई लिमिटेड द्वारा क्लिनिकल ट्रायल के चरण I और II के लिए परीक्षण किया जाएगा। शुरुआती परीक्षणों के परिणाम अगले साल फरवरी तक उपलब्ध होने की उम्मीद है।

वैक्सीन विकल्प के लिए बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को लागत के साथ-साथ विचार किया जाना चाहिए। आईसीएमआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. एन.के. गांगुली के अनुसार ये वैक्सीन विकल्प इस समय "पहुंच से बाहर" है लेकिन भारत एक समझौते को करने में सक्षम हो सकता है क्योंकि इसके लिए बड़ी मात्रा में टीकों की आवश्यकता होगी।

डॉ. गांगुली ने जो दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया वह था देश में वयस्क टीकाकरण। हालांकि, प्रसवपूर्व टीकाकरण काफी उत्साहजनक तरीके से किया गया है, लेकिन इस देश ने वयस्क टीकाकरण के क्षेत्र में कुछ भी अनुभव नहीं किया है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि वयस्क, विशेष रूप से बुजुर्ग, COVID-19 के सबसे कमज़ोर वर्गों में से एक हैं। इसलिए, भारत को इस चुनौती से निपटने के लिए एक व्यापक योजना की आवश्यकता होगी।

अंग्रेजी में प्रकाशित मूल लेख पढ़ने  के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

COVID-19 Vaccine: What can India Fall Back on?

Sputnik V
Covaxin
AstraZeneca
Pfizer
Moderna Inc
Vaccines in India

Related Stories

डब्ल्यूएचओ द्वारा कोवैक्सिन का निलंबन भारत के टीका कार्यक्रम के लिए अवरोधक बन सकता है

फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है

नहीं पूरा हुआ वयस्कों के पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य, केवल 63% को लगा कोरोना टीका

"क्यूबा की सोबराना वैक्सीन कोई चमत्कार नहीं, बल्कि राजनीतिक निर्णयों का नतीजा है"

आँखों देखी रिपोर्ट : क्यूबा के वैज्ञानिकों, स्वास्थ्यकर्मियों ने कोविड के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज़ किया

डेल्टा वेरिएंट के ट्रांसमिशन को टीके कब तक रोक सकते हैं? नए अध्ययन मिले-जुले परिणाम दिखाते हैं

क्या ग़रीब देश अपनी आबादी के टीकाकरण में सफल हो सकते हैं?

कोविशील्ड, कोवैक्सीन की एक-एक खुराक से बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता हो सकती है विकसित: अध्ययन

कोविड-19: क्या टीकाकरण के बाद भी अंग-प्रत्यारोपित कराए मरीज़ों के दोबारा संक्रमित होने का ख़तरा सबसे अधिक है?

बिहार: कोविड-19 के ख़िलाफ़ लड़ाई में आड़े आते लोगों का डर और वैक्सीन का अभाव


बाकी खबरें

  • putin
    एपी
    रूस-यूक्रेन युद्ध; अहम घटनाक्रम: रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश 
    28 Feb 2022
    एक तरफ पुतिन ने रूसी परमाणु बलों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने का आदेश दिया है, तो वहीं यूक्रेन में युद्ध से अभी तक 352 लोगों की मौत हो चुकी है।
  • mayawati
    सुबोध वर्मा
    यूपी चुनाव: दलितों पर बढ़ते अत्याचार और आर्थिक संकट ने सामान्य दलित समीकरणों को फिर से बदल दिया है
    28 Feb 2022
    एसपी-आरएलडी-एसबीएसपी गठबंधन के प्रति बढ़ते दलितों के समर्थन के कारण भाजपा और बसपा दोनों के लिए समुदाय का समर्थन कम हो सकता है।
  • covid
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में 8,013 नए मामले, 119 मरीज़ों की मौत
    28 Feb 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 1 लाख 2 हज़ार 601 हो गयी है।
  • Itihas Ke Panne
    न्यूज़क्लिक टीम
    रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी: आज़ादी की आखिरी जंग
    28 Feb 2022
    19 फरवरी 1946 में हुई रॉयल इंडियन नेवल म्युटिनी को ज़्यादातर लोग भूल ही चुके हैं. 'इतिहास के पन्ने मेरी नज़र से' के इस अंग में इसी खास म्युटिनी को ले कर नीलांजन चर्चा करते हैं प्रमोद कपूर से.
  • bhasha singh
    न्यूज़क्लिक टीम
    मणिपुर में भाजपा AFSPA हटाने से मुकरी, धनबल-प्रचार पर भरोसा
    27 Feb 2022
    मणिपुर की राजधानी इंफाल में ग्राउंड रिपोर्ट करने पहुंचीं वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह। ज़मीनी मुद्दों पर संघर्षशील एक्टीविस्ट और मतदाताओं से बात करके जाना चुनावी समर में परदे के पीछे चल रहे सियासी खेल…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License