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जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की गहरी साजिश होती है जो भाईचारे के दुश्मन हैं।

न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 May 2022
जोधपुर की घटना पर माकपा ने जताई चिंता, गहलोत सरकार से सख़्त कार्रवाई की मांग
image courtesy:BBC

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सचिवमंडल ने  जोधपुर के जालौरी गेट पर ईद के मौके पर जानबूझकर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कड़ी निंदा की है और इस घटना के जिम्मेदार दंगाइयों और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि राज्य में ऐसी साम्प्रदायिक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
 

राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गृह जिला जोधपुर में सोमवार रात जालोरी गेट चौराहा पर झंडा लगाने और चौराहे के सर्किल पर ईद से जुड़े बैनर लगाने को लेकर शुरू हुआ यह विवाद नमाज और लाउडस्पीकर तक पहुंच गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग वहां इकट्ठा हो गए। लोगों ने नारेबाजी करते हुए झंडे-बैनर हटा दिए। जिसका जमकर विरोध हुआ। जिसके बाद से ही पूरे इलाक़े में तनाव बना हुआ है। पुलिस ने स्थिति को काबू करने के लिए लाठीचार्च किया और 4 मई की रात तक इस इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी हैं।

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी माकपा के राज्य सचिव अमराराम ने इसे भाजपा-आरएसएस द्वारा साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करार देते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं अनायास नहीं होती बल्कि इनके पीछे धार्मिक कट्टरपंथी क्षुद्र शरारती तत्वों की गहरी साजिश होती है जो भाईचारे के दुश्मन हैं।

 

उन्होंने कहा कि भाजपा अपने अनुसंगी संगठनों के जरिये पूरे देश को नफरती ज्वार में तपाने के दुष्कृत्यों में रत है और भेदभावकारी नारों के जरिये समाज के एक हिस्से में नफरत फैलाने के लिए नियोजित ढंग से जगह-जगह ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देने और उकसाने के काम कर एक धर्म विशेष को निशाना बना रही है। मेले और बाज़ारों से बेइज्जती कर बाहर निकलने के कृत्यों को अंजाम दे रही है। ठीक एक महीने पहले प्रदेश के भाईचारे को बिगाड़ने के लिए करौली की घटना अंजाम दी गई थी। यह चिंता और जांच का विषय है कि थोड़ी सी कहासुनी पर उपद्रव करने वाले चाहे किसी धर्म के हों, उन्हें उपद्रवियों की संज्ञा दी जानी चाहिए और उसी के अनुसार उन पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

माकपा ने  क्षेत्र की आम जनता से भी अपील करते हुए कहा  कि वह उपद्रवियों को चिह्नित करने में पुलिस की सहायता करे और सभी धर्मों के लोग भाईचारे को बनाये रखकर अपने उत्सवों को संजीदगी से मनाये।

आगे उन्होंने कहा कि हम सरकार से पुन मांग करते हैं कि उपद्रवियों पर कठोर कार्रवाई की जाये और ऐसे हालात पैदा करने वाले जिम्मेदारों को त्वरित और निष्पक्ष जांच कार्रवाई के जरिये बेनकाब किया जाकर उन्हें सख्त सजा दी जाए। 

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