NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
सीआरपीएफ जवान ने अपने साथियों की जान ली, चार की मौत, तीन घायल
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आपसी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में पिछले लगभग तीन वर्ष के दौरान 15 जवानों की मौत हो चुकी है। 
भाषा
08 Nov 2021
CRPF
'प्रतीकात्मक फ़ोटो' साभार: सोशल मीडिया

सुकमा: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शिविर में जवान ने अपने साथियों पर गोलीबारी की है। इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई तथा तीन अन्य घायल हो गए हैं। 

राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आपसी विवाद के बाद हुई गोलीबारी में पिछले लगभग तीन वर्ष के दौरान 15 जवानों की मौत हो चुकी है। 
 
राज्य के बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने सोमवार को बताया कि सुकमा जिले के मरईगुड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत लिंगनपल्ली गांव में सीआरपीएफ की 50वीं बटालियन के शिविर में जवान रितेश रंजन ने अपने साथियों पर गोलीबारी की। उन्होंने बताया कि इस घटना में चार जवानों धनजी, राजीब मंडल, राजमणी कुमार यादव और धर्मेंद्र कुमार की मौत हो गई और तीन अन्य जवान धनंजय कुमार सिंह, धरमात्मा कुमार और मलय रंजन महाराणा घायल हो गए हैं। 
    
सुंदरराज ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि आज तड़के लगभग 3.15 बजे जवान रितेश ने अपनी एके-47 राइफल से अन्य जवानों पर गोलीबारी की। इस घटना में सात जवान घायल हो गए। 
    
उन्होंने बताया कि घटना के बाद अन्य जवानों तथा अधिकारियों ने आरोपी जवान को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं घायल जवानों को तेलंगाना के भद्राचलम जिले के अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने चार जवानों को मृत घोषित कर दिया जबकि तीन जवानों का इलाज किया जा रहा है। 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस आरोपी जवान से पूछताछ कर रही है। उससे पूछताछ के बाद घटना के कारणों के बारे में सही जानकारी मिल सकेगी। 
   
सुकमा जिले के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि जवान जब अपनी बैरक में सो रहे थे कि इसी दौरान रंजन ने कथित तौर पर उन पर गोलीबारी की।     
    
शर्मा ने बताया कि जब रंजन ने बैरक में गोलीबारी की तब वहां करीब 45 जवान सो रहे थे। उन्होंने बताया कि रंजन तब तक गोलियां चलाता रहा जब तक उसकी राइफल में गोली खत्म नहीं हो गई। बाद में वहां मौजूद जवानों ने रंजन पर काबू पाया।
    
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में जानकारी मिली है कि रंजन और अन्य जवान पिछले दो-तीन दिनों से एक-दूसरे का मजाक उड़ा रहे थे और एक-दूसरे को चिढ़ा रहे थे। उन्होंने बताया कि ऐसी आशंका है कि रंजन ने इससे नाराज होकर यह कदम उठाया है। हालांकि घटना के कारणों के बारे में सही जानकारी जांच के बाद ही मिल सकेगी। 
    
शर्मा ने बताया कि घायल जवानों को बेहतर इलाज के लिए रायपुर ले जाया जा रहा है। 
    
राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुकमा जिले के लिंगनपल्ली स्थित सीआरपीएफ शिविर में गोलीबारी की घटना में चार जवानों की मौत होने की घटना पर दुख जताया है। बघेल ने पुलिस अधिकारियों से कहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो इसके लिए सभी आवश्यक उपाय किए जाएं। 
    
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस घटना में घायल जवानों के बेहतर इलाज का निर्देश दिया है। 
    
छत्तीसगढ़ में पिछले लगभग तीन वर्ष के दौरान आपसी विवाद के बाद अलग-अलग घटनाओं में सुरक्षा बल के 15 जवानों की मौत हो चुकी है।  
    
वर्ष 2019 के जून में बस्तर क्षेत्र के बीजापुर जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के शिविर में गोलीबारी के दौरान दो जवानों की मौत हो गई थी। वहीं 2019 में ही दिसंबर में नारायणपुर जिले में जवानों के बीच हुई गोलीबारी में भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के छह जवानों की मौत हो गई थी। 
    
पिछले वर्ष इसी तरह की घटना में नारायणपुर जिले में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के असिस्टेंट प्लाटून कमांडर ने विवाद के बाद अपने सहकर्मियों पर गोलीबारी कर दी थी। इस घटना में दो जवान मारे गए थे। इस वर्ष जनवरी में बस्तर जिले में सीआरपीएफ के जवानों के बीच हुई गोलीबारी में एक जवान की मौत हो गई थी तथा एक अन्य घायल हो गया था। 
    
राज्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस ने पिछले वर्ष जून में सुरक्षाकर्मियों को मानसिक तनाव और अवसाद से बचाने के लिए 'स्पंदन' कार्यक्रम की शुरुआत की थी।

Chhattisgarh
CRPF
crpf jawan

Related Stories

छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

भारत में तंबाकू से जुड़ी बीमारियों से हर साल 1.3 मिलियन लोगों की मौत

छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी

लोकसभा और विधानसभा उपचुनावों में औंधे मुंह गिरी भाजपा

छत्तीसगढ़: खैरागढ़ विधानसभा सीट के लिए मंगलवार को मतदान, तैयारी पूरी

जवानों की बढ़ती आत्महत्या का असल ज़िम्मेदार कौन?

छत्तीसगढ़: आदिवासियों के फ़र्ज़ी एनकाउंटर वाले एड़समेटा कांड को 9 साल पूरे, माकपा ने कहा दोषियों पर दर्ज हो हत्या का मामला 

छत्तीसगढ़: भूपेश सरकार से नाराज़ विस्थापित किसानों का सत्याग्रह, कांग्रेस-भाजपा दोनों से नहीं मिला न्याय

बार-बार धरने-प्रदर्शन के बावजूद उपेक्षा का शिकार SSC GD के उम्मीदवार


बाकी खबरें

  • sc
    भाषा
    स्थानीय चुनावों में ओबीसी आरक्षण: न्यायालय में समीक्षा याचिका दायर करने पर विचार कर रहा केंद्र
    21 Dec 2021
    महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सरकारों द्वारा स्थानीय निकायों में ओबीसी के लिए तय किए गए 27 प्रतिशत आरक्षण को खत्म करने के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद केन्द्र ने यह बात कही।
  • J&K delimitation
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    जम्मू-कश्मीर परिसीमन : जम्मू में 6, कश्मीर में 1 विधानसभा सीट बढ़ाने के मसौदे पर राजनीतिक दलों का विरोध
    21 Dec 2021
    विपक्षी दलों ने आयोग पर आरोप लगाया कि वो बीजेपी के राजनीतिक एजेंडे को उसकी सिफ़ारिशों के तहत तय करने की अनुमति दे रहा है।
  • data protection
    विकास भदौरिया
    डेटा संरक्षण विधेयक की ख़ामियां और जेपीसी रिपोर्ट की भ्रांतियां
    21 Dec 2021
    विधेयक और संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशें कई समस्याओं से घिरी हुई हैं, और उनमें से कुछ सिफारिशें तो राज्य को निगरानी शक्ति के साथ  लैस कर रही हैं, जो गंभीर चिंताओं को विषय है।
  • sansad march
    भाषा
    गृह राज्यमंत्री टेनी की बर्ख़ास्तगी की मांग : विपक्ष ने निकाला मार्च 
    21 Dec 2021
    विपक्षी दलों के नेताओं एवं सांसदों ने यहां संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने से मार्च शुरू किया और विजय चौक तक गए। इस मार्च में राहुल गांधी, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन…
  • Growing economic inequality in India
    डॉ. राजू पाण्डेय
    भारत में बढ़ती आर्थिक असमानता : जाति और लैंगिक आधार पर भी समझने की ज़रूरत
    21 Dec 2021
    जहाँ तक भारत का संबंध है यहाँ आर्थिक गैरबराबरी के लिए केवल वितरण की असमानता को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता। जाति प्रथा और अस्पृश्यता जैसी सामाजिक कुरीतियां तथा श्रम बाजार में जातिगत भेदभाव वे कारक…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License