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भारत
राजनीति
नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा: बघेल
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बघेल ने इस घटना के पीछे सूचना तंत्र के असफल होने से इंकार किया है, जबकि उनकी ही पार्टी के प्रमुख नेता कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सवाल किया है कि ‘‘अगर खुफिया नाकामी नहीं थी मतलब यह है कि इस अभियान की योजना को खराब ढंग से तैयार किया गया तथा अयोग्यतापूर्वक इसका क्रियान्वयन किया गया।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
05 Apr 2021
नक्सलियों के ख़िलाफ़ अभियान जारी रहेगा: बघेल
छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 22 जवान शहीद। फोटो साभार : hindinewslatest

छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में नक्सली हमले में 22 जवानों के शहीद होने की घटना पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि जवानों का मनोबल ऊंचा है तथा नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इस बीच गृह मंत्री अमित शाह आज बस्तर दौरे पर हैं।

मुख्यमंत्री बघेल ने इस घटना के पीछे सूचना तंत्र के असफल होने से इंकार किया और कहा,‘‘ यह पुलिस शिविर पर हमला नहीं है। हम उस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में थे।” जबकि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस घटना पर ग़हरी नाराज़गी जाहिर करते हुए कहा, ‘‘अगर खुफिया नाकामी नहीं थी तो फिर 1:1 के अनुपात में मौत का मतलब यह है कि इस अभियान की योजना को खराब ढंग से तैयार किया गया तथा अयोग्यतापूर्वक इसका क्रियान्वयन किया गया।’’

चुनाव दौरे से लौटे बघेल

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को असम से रायपुर लौटने के बाद स्वामी विवेकानंद विमानतल में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान कहा कि माओवादी अपनी अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं जल्द ही उन्हें समाप्त कर दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पिछले कुछ दिनों से असम के दौरे पर थे, वह विधानसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में प्रचार कर रहे थे।

बघेल ने कहा कि हमारे सुरक्षा बल बुलंद हौसलों के साथ नक्सलियों से उनकी मांद में घुसकर लड़ाई लड़ रहे हैं। बीजापुर में सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई इस लड़ाई में नक्सलियों को काफी नुकसान हुआ है।

बघेल ने कहा,‘‘ जिस स्थान पर मुठभेड़ हुई है उसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। हमने वहां सुरक्षा बलों के लिए शिविर स्थापित करने की योजना बनाई थी जिससे माओवादी बौखलाए हुए हैं।’’ उन्होंने कहा ‘‘यह केवल मुठभेड़ नहीं थी। बल्कि इसे युद्ध कहा जा सकता है जो लगभग चार घंटे तक चला।’’ बघेल ने कहा,‘‘ दोनों ओर से भारी गोलीबारी हुई। हथगोला और रॉकेट लांचर का भी उपयोग किया गया। हमारे जवान शहीद हुए लेकिन उन्होंने बहादुरी के साथ लड़ाई की। साथ ही उन्होंने घायल और शहीद जवान के शवों को वहां से निकालने का भी काम किया।’’ मुख्यमंत्री ने कहा,‘‘ हमें जानकारी मिली है कि नक्सली चार ट्रैक्टर में भरकर घटना स्थल से मृत और घायल नक्सलियों को ले गए हैं। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि सुरक्षा बलों ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया है।’’

मुख्यमंत्री ने इस घटना में सूचना तंत्र के असफल होने से इंकार किया और कहा,‘‘ यह पुलिस शिविर पर हमला नहीं है। हम उस क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान में थे। हम सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा की तरफ से बढ़ते जा रहे हैं तथा शिविर की स्थापना कर रहे हैं। नक्सली अब 40 गुणा 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में सिमट कर रह गए हैं। यह उनकी बौखलाहट है। हम उस क्षेत्र में शिविर स्थापित करने वाले थे उसे स्थापित करेंगे। यह वह क्षेत्र है जहां शिविर खुलने के बाद नक्सली गतिविधि में विराम लगेगा। यही कारण है कि वह बौखला गए हैं। हमारा अभियान नहीं रुकेगा। शिविर और सड़कों का निर्माण होता रहेगा। वहां के लोगों को संसाधन मुहैया कराएंगे। जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।’’

बघेल ने कहा,‘‘ पिछली घटनाओं में भी नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ था। इस घटना में भी नक्सलियों को हुए नुकसान के आंकड़े आ जाएंगे। केंद्र और राज्य का बल मिलकर लड़ाई लड़ रहे हैं। नक्सली अब अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं जल्द ही उनका सफाया हो जाएगा।’’ राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि असम से रायपुर वापस लौटने के बाद बघेल ने विमानतल पर राज्य के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों से बीजापुर में पुलिस-नक्सल मुठभेड़ की घटना के संबंध में जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि बाद में मुख्यमंत्री ने शहर के रामकृष्ण केयर अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों से मुलाकात की तथा उनके इलाज के संबंध में जानकारी ली।

उन्होंने बताया कि बघेल ने घायल जवानों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया। उन्होंने जवानों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

इधर राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार पर गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

विधानसभा में विपक्ष के नेता धरमलाल कौशिक ने बयान जारी कर कहा है कि नक्सली हिंसा से पूरा प्रदेश शोकग्रस्त है और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल असम में उत्सव में थे।

कौशिक ने कहा है कि जब बड़ी संख्या में नक्सलियों के मौजूद होने की सूचना पहले से ही थी तब पूरी कार्रवाई में कहां चूक हुई है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

उन्होंने कहा,‘‘ बड़ी संख्या में जवानों की शहादत ने सबको व्याकुल कर दिया है। इस समय चुनाव से ज्यादा हमारे सामने नक्सलवाद की चुनौती है। राज्य सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये ने साबित कर दिया है कि प्रदेश की जनता से उनको कोई सरोकार नहीं है।’’

अमित शाह का बस्तर दौरा

दिल्ली/जगदलपुर: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह नक्सल प्रभावित क्षेत्र का दौरा करेंगे तथा शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देंगे।

केंद्रीय गृह मंत्री के रूप में शाह का यह पहली बार बस्तर क्षेत्र का दौरा है।

अधिकारियों ने बताया कि हमले में शहीद 14 जवानों को जगदलपुर में तथा अन्य जवानों को बीजापुर जिला मुख्यालय में श्रद्धांजलि दी जाएगी।

उन्होंने बताया कि शाह जगदलपुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे तथा राज्य में नक्सलवाद की स्थिति की समीक्षा करेंगे।

अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री हेलीकॉप्टर से नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के बासागुड़ा में स्थित सीआरपीएफ के शिविर के लिए रवाना होंगे। शाह यहां सीआरपीएफ और पुलिस के जवानों के साथ बातचीत करेंगे तथा भोजन करेंगे।

उन्होंने बताया कि शाह बस्तर क्षेत्र का दौरा करने के बाद राजधानी रायपुर पहुंचेंगे तथा यहां घायल जवानों से मिलेंगे। बाद में वह दिल्ली के लिए रवाना होंगे।

राष्ट्रपति ने शोक जताया

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने नक्सली घटना में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी है। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा है कि छत्तीसगढ़ में माओवाद से लड़ते हुए शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों की मौत से उन्हें गहरी पीड़ा पहुंची है।

उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि राष्ट्र उनके इस बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।

छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की योजना सही ढंग से नहीं बनाई गई: राहुल

नयी दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान की सही तरीके से तैयारी नहीं की गई और इसका क्रियान्वयन भी ‘ अयोग्यतापूर्वक ’ किया गया।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘हमारे जवानों को जब चाहे तब शहीद होने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता।’

राहुल गांधी ने सीआरपीएफ के महानिदेश कुलदीप सिंह के एक बयान से जुड़ी खबर का हवाला देते हुए कहा, ‘‘अगर खुफिया नाकामी नहीं थी तो फिर 1:1 के अनुपात में मौत का मतलब यह है कि इस अभियान की योजना को खराब ढंग से तैयार किया गया तथा अयोग्यतापूर्वक इसका क्रियान्वयन किया गया।’’

सोनिया गांधी ने नक्सली हमले में जवानों के शहीद होने पर दुख जताया

नयी दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि नक्सलवाद से निपटने के संकल्प में सभी एकजुट हैं और छत्तीसगढ़ में उनकी पार्टी की सरकार इस समस्या से निपटने में अर्धसैनिक बलों को हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।

गांधी ने एक बयान में कहा कि पूरा देश छत्तीसगढ़ के बीजापुर में एक भीषण नक्सली हमले में 22 जवानों की शहादत पर सिर झुकाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं जीवन का बलिदान करने वाले इन जवानों को श्रद्धांजलि देती हूं और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं। राष्ट्र उनके प्रति हमेशा कृतज्ञ रहेगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमारे लापता जवानों की वापसी की उम्मीद करती हूं और घायलों के पूरी तरह से ठीक होने की प्रार्थना करती हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम नक्सलवाद से लड़ने के अपने संकल्प में एकजुट हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार पूरी मजबूती के साथ नक्सलवाद से लड़ने में हमारे केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को हरसंभव सहायता प्रदान करती रहेगी।’’

पटनायक ने छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को 'कायराना' हरकत करार दिया

भुवनेश्वर: ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को छत्तीसगढ़ में हुए नक्सली हमले को कायराना हरकत करार दिया।

वहीं, राज्य के पुलिस निदेशक अभय ने ओडिशा में माओवादियों के खिलाफ अभियान में तेजी लाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बयान जारी कर हमले में शहीद हुए जवानों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। साथ ही, घायल हुए जवानों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।

कोरापुट जिले के सुनाबेड़ा के दौरे पर डीजीपी ने नक्सली हमले की निंदा की और कहा कि ओडिशा पुलिस सीआरपीएफ के साथ मिलकर नक्सल-रोधी अभियान को तेज करेगी।

नक्सली हमले में शहीद यूपी के जवानों के परिजनों को सरकार देगी 50-50 लाख रुपये

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद हुए सुरक्षा बलों के जवानों की शहादत को नमन करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

रविवार को जारी एक सरकारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने हमले में शहीद हुए अयोध्या के राजकुमार यादव तथा चन्दौली जिले के धर्मदेव कुमार को श्रद्धांजलि अर्पित की।

योगी ने प्रदेश के दोनों शहीद जवानों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा की है, साथ ही परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने तथा जिलों की एक सड़क का नामकरण शहीद जवान के नाम पर करने की घोषणा की है।

नीतीश ने शोक संवेदना व्यक्त की

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जवानों की शहादत को देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने घायल जवानों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

हल्की मशीन गन से लैस थे नक्सली, सुरक्षा बलों के हथियार लूटे

नयी दिल्ली/रायपुर: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किये गए नक्सली हमले में करीब 400 नक्सली शामिल थे जिसमें कम से कम 22 जवान शहीद हो गए। इन नक्सलियों ने उस इलाके में सुरक्षा बलों को तीन ओर से घेरकर उन पर कई घंटे तक मशीन गन और आईईडी से हमला किया। यह जानकारी अधिकारियों ने रविवार को दी।

सुरक्षा बलों के करीब 1,500 जवानों की एक टुकड़ी ने बीजापुर-सुकमा जिले की सीमा के आसपास के क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना पर तलाशी और उन्हें नष्ट करने का अभियान शुरू किया था। इस टुकड़ी में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष इकाई ‘कोबरा’ के जवान, इसकी नियमित बटालियनों की कुछ टीमें, इसकी बस्तरिया बटालियन की एक इकाई, छत्तीसगढ़ पुलिस से संबद्ध जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और अन्य जवान शामिल थे।

अधिकारियों ने बताया कि इस गुप्त सूचना पर शनिवार तड़के करीब 790 जवान जगरगुंडा-जोंगागुड़ा-तर्रेम क्षेत्र में रवाना हुए कि नक्सली अपना एक आक्रामक अभियान शुरू कर रहे हैं।

एक अधिकारी ने कहा कि सबसे वांछित माओवादी कमांडर एवं तथाकथित 'पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन नंबर 1 के नेता ‘हिडमा’ और उसकी सहयोगी सुजाता के नेतृत्व में कम से कम 400 नक्सलियों ने उस क्षेत्र में सुरक्षा बलों पर घात लगाकर हमला किया जिसे दुर्गम, घने जंगल और सुरक्षा बलों के शिविरों की कम संख्या के चलते नक्सलियों का गढ़ माना जाता है।

अधिकारियों ने बताया कि इस मुठभेड़ में शहीद हुए 22 जवानों में सीआरपीएफ के आठ जवान शामिल हैं, जिसमें से सात कोबरा कमांडो से जबकि एक जवान बस्तरिया बटालियन से है। बाकी डीआरजी और विशेष कार्यबल के जवान हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा कि नक्सलियों ने सुरक्षाकर्मियों पर घात लगाकर हमला किया और उन्हें तीन तरफ से घेर लिया और उन भारी गोलाबारी की।

उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने इस हमले में हल्की मशीन गन (एलएमजी) से गोलियों की बौछार की और कम तीव्रता वाले आईईडी का इस्तेमाल किया और यह हमला कई घंटे जारी रहा।

अधिकारी ने बताया कि घायल कर्मियों को वहां से निकालने के लिए हेलीकॉप्टर की सेवा मांगी गई लेकिन पहला हेलीकाप्टर शाम पांच बजे के बाद ही वहां उतर सका जब गोलीबारी रुक गई।

उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने बड़े पेड़ों की आड़ ली और तब तक गोलीबारी जारी रखी जब तक उनके पास गोलियां समाप्त नहीं हो गईं।

उन्होंने कहा कि एक स्थान पर सुरक्षा बलों के सात शव मिले और वहां पेड़ पर गोली लगने के निशान थे।

बताया जाता है कि नक्सली शहीद हुए जवानों के लगभग दो दर्जन अत्याधुनिक हथियार भी लूट ले गए। वहीं, सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि क्षेत्र में तलाशी अभियान अभी भी जारी है और जमीनी स्तर से विवरण एकत्र किये जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि नक्सली इस मुठभेड़ में मारे गए अपने करीब 10-12 साथियों के शव ट्रैक्टर ट्रॉलियों पर अपने साथ ले गए।

छत्तीसगढ़ में तैनात एक अन्य अधिकारी ने कहा कि बस्तर के जगदलपुर से राज्य पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के दो महानिरीक्षक (आईजी) रैंक के अधिकारी इस अभियान की निगरानी कर रहे थे।

अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बलों के अधिकतर जवान गोली लगने से शहीद हुए जबकि एक के बारे में संदेह है कि वह बेहोश हो गया और बाद में पानी की कमी होने के चलते उसकी मृत्यु हो गई।

अधिकारी ने कहा, ‘‘सुरक्षा बलों के जवानों, विशेष रूप से कोबरा कमांडो ने बहुत बहादुरी से मुकाबला किया और सुनिश्चित किया कि नक्सली अनुकूल परिस्थिति में होने के बावजूद इस मुठभेड में अधिक समय तक टिके नहीं रह पायें।’’

सुरक्षा शिविर स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लायी जाएगी: सीआरपीएफ महानिदेशक

रायपुर: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किये गए हमले में सुरक्षा बलों के 22 जवानों के शहीद होने के बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक कुलदीप सिंह ने रविवार को यहां कहा कि नक्सली ‘‘हताश’’ हैं क्योंकि सुरक्षा बलों के शिविर राज्य के दूरदराज के इलाकों में स्थापित किये गए हैं और इस प्रक्रिया से उनके खिलाफ और अधिक गंभीर अभियान शुरू करने में तेज़ी आएगी।

सीआरपीएफ प्रमुख शनिवार को बीजापुर में नक्सलियों द्वारा घात लगाकर हमला किये जाने के बाद छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे थे। इस हमले में 30 से अधिक जवानों के घायल होने की भी सूचना है। उन्होंने कहा कि हर घटना से ‘‘सबक सीखा जाता है’’ और वे देखेंगे और विश्लेषण करेंगे ‘‘नक्सलियों द्वारा क्या परिवर्तन लाया गया है’’ ताकि उनका प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।

सिंह ने कहा कि हाल ही में राज्य के बस्तर क्षेत्र में पांच नई बटालियनें शामिल किये जाने और बसागुड़ा, सिल्गर, जगरगुंडा और मिनपा जैसे दूरदराज के इलाकों में नये आधार शिविरों के निर्माण के कारण माओवादी हताश और परेशान हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे (नक्सली) सोचते हैं कि यदि वे हमें अधिक नुकसान पहुंचाएंगे तो वे हमें रोक सकते हैं और हम नए शिविर स्थापित नहीं करेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन ऐसा नहीं होता है ... अतीत में भी काफी संख्या में जवान हताहत हुए हैं ... और सरकार की नीति के अनुसार बल आगे बढ़ते रहते हैं।’’

महानिदेशक ने कहा कि नये शिविर ‘‘स्थापित किए जाएंगे और अब यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ायी जाएगी ताकि हम नक्सलियों के खिलाफ और अधिक गंभीर अभियान संचालित कर सकें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी रणनीति बदलते रहते हैं और यह एक उभरती प्रक्रिया है।’’

छह सुरक्षा शिविरों से लिये गए 1,500 कर्मियों के एक दल ने शनिवार को तड़के बीजापुर-सुकमा सीमा से लगे क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाया। नक्सलियों द्वारा घात लगाकर हमला उस दिन दोपहर के आसपास किया गया।

उन्होंने कहा, ‘‘नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के उस दल पर देश में बने अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर (यूबीजीएल) से गोले दागे जो एक अभियान के बाद जोगागुंडम से लौट रहा था।’’

सिंह ने यहां एक अस्पताल में भर्ती घायल कर्मियों से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘ये ग्रेनेड अचानक दागे गए। हालांकि, जल्द ही स्थिति को नियंत्रित किया गया और जवाब में ग्रेनेड दागे गए।’’

उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल के दल पर इस पहले हमले के दौरान लगभग 4-5 कर्मी घायल हो गए।

उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में मौजूद 'जन मिलिशिया' के सदस्यों ने फिर से घात लगाकर हमला करने की कोशिश की और जवानों को सकते में डाल दिया, जो घायलों को वहां से निकाल रहे थे ... और कुछ ही देर बाद हल्की मशीन गन (एलएमजी) से गोलीबारी की गई, जो कुछ दूर पर लगायी गई थीं।’’

सीआरपीएफ के महानिदेशक ने कहा, ‘‘हालांकि, सुरक्षा बलों का यह दल आखिरकार अपने आधार शिविर पर पहुंच गया और पाया गया कि 21 जवान लापता हैं। इसके बाद एक खोज शुरू की गई।’’

महानिदेशक ने कहा कि देश में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रमुख इकाई, उनका बल यह देखेगा और विश्लेषण करेगा कि ‘‘नक्सलियों द्वारा क्या बदलाव लाए गए हैं और हम उनका मुकाबला कैसे कर सकते हैं ताकि हम फिर से उन पर भारी पड़ सकें।’’

उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने ‘‘21 से कम जवानों’’ के हथियार लूटे हैं।

उन्होंने कहा कि हमले में शहीद हुए जवानों के कुछ हथियार हमले में जीवित बचे जवान वापस लाए हैं।

सीआरपीएफ प्रमुख ने अभियान के फील्ड कमांडर, 210 कोबरा बटालियन के सेकंड-इन-कमान रैंक अधिकारी संदीप द्विवेदी और डिप्टी कमांडेंट मनीष कुमार सहित अपने जवानों से मुलाकात की।

नक्सली हमले में शहीद होने वाले जवानों के नाम

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद होने वाले जवानों की सूची इस प्रकार है--

छत्तीसगढ़ पुलिस से संबद्ध जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के जवान

1. दीपक भारद्वाज, उप निरीक्षक

2. रमेश कुमार जुर्री, हेड कांस्टेबल

3. नारायण सोढी, हेड कांस्टेबल

4. रमेश कोरसा, कांस्टेबल

5. सुभाष नाइक, कांस्टेबल

6. किशोर अंदरिक, सहायक कांस्टेबल

7. संकुराम सोढी, सहायक कांस्टेबल

8. भोसाराम करतामी, सहायक कांस्टेबल

विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के जवान--

9. श्रवण कश्यप, हेड कांस्टेबल

10. रामदास कोर्राम, कांस्टेबल

11. जगतराम कंवर, कांस्टेबल

12. सुखसिंह फरास, कांस्टेबल

13. रामाशंकर पैकरा, कांस्टेबल

14. शंकरनाथ, कांस्टेबल

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की विशेष इकाई ‘कोबरा’ के जवान--

15. दिलीप कुमार दास, निरीक्षक

16. राजकुमार यादव, हेड कांस्टेबल

17. शंभू राय, कांस्टेबल

18. धर्मदेव कुमार, कांस्टेबल

19. एस एम कृष्णा, कांस्टेबल

20. आर जगदीश, कांस्टेबल

21. बबलू राधा, कांस्टेबल (बस्तरिया बटालियन)

22. समैया मरावी, कांस्टेबल

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