NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान
ख़ालिदा जर्रार की बेटी सुहा रविवार को क़ब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में रामल्ला के पास अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गई थीं।
पीपल्स डिस्पैच
12 Jul 2021
बेटी की मौत के बाद इज़रायली जेल से पीएफएलपी नेता ख़ालिदा जर्रार की रिहाई को लेकर अभियान

रविवार को 31 वर्षीय बेटी सुहा की मौत की खबर के बाद कई मानवाधिकार समूहों और हस्तियों ने इजरायल को पॉपुलर फ्रंट फॉर द लिबरेशन ऑफ पैलेस्टाइन (पीएफएलपी) नेता खालिदा जर्रार को जेल से रिहा करने के लिए मजबूर करने के लिए सोमवार 12 जुलाई को एक वैश्विक अभियान शुरू किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर शुरू किए गए इस अभियान में कहा गया है कि अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल होना खालिदा का मौलिक मानवाधिकार है और इजरायल को उन्हें जल्द से जल्द रिहा करना चाहिए।

खालिदा की बेटी सुहा जर्रार रविवार 11 जुलाई को कब्जे वाले वेस्ट बैंक के रामल्ला में फिलिस्तीनी मेडिकल कॉम्प्लेक्स के पास अपने अपार्टमेंट में मृत पाई गई थी। वह 31 साल की थी। शुरुआती रिपोर्ट्स में दिल का दौरा पड़ने से मौत होने की बात सामने आई है। सुहा अपनी मां की जेल से रिहाई के अभियान में सक्रिय रही हैं। वह एक प्रमुख कानूनी शोधकर्ता के रूप में फिलिस्तीनी मानवाधिकार समूह अल-हक के साथ भी काम कर रही थीं।

अल-हक ने सोमवार को एक शोक संदेश जारी किया और कहा कि अन्य समूहों और व्यक्तियों के सहयोग से "अपनी प्रिय बेटी की अंतिम संस्कार के लिए कब्जे वाले जेलों से उनकी रिहाई के लिए सहयोगी सुहा की मां खालिदा जर्रार के अधिकारों और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए सभी उपायों का पालन हो रहा है।"

खालिदा 2006 में हुए चुनावों में पैलेस्टिनियन लेजिस्लेटिव काउंसिल के लिए चुनी गई थीं और इसकी प्रिजनर्स कमेटी के प्रमुख के रूप में सेवा दिया। उन्हें अक्टूबर 2019 में चौथी बार गिरफ्तार किया गया था और वह "पीएफएलपी में पद संभालने के लिए इजरायल में दो साल की जेल की सजा काट रही है जो इजरायल में एक प्रतिबंधित संगठन है। पीएफएलपी 1967 में गठित एक मार्क्सवादी-लेनिनवादी संगठन है। यह फिलीस्तीनी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) में दूसरा सबसे बड़ा गुट है।

खालिदा को पहले भी कई बार गिरफ्तार किया जा चुका है और उन्हें इजरायली जेल में यातनाएं दी जा चुकी हैं। उन्हें 1989, 2014और 2017में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें 2019 में फरवरी में 20 महीने की कैद के बाद रिहा किया गया था। 1998से उन्हें देश के बाहर इजराइल द्वारा प्रतिबंधित भी किया गया है।

खालिदा की मौजूदा दो साल की सजा अगले दो महीने में खत्म होने वाली है। हालांकि, अभियान चलाने वाले मांग कर रहे हैं कि उन्हें जल्दी रिहा किया जाए ताकि वह अपनी बेटी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें।

Khalida Jarrar
Palestine
PFLP

Related Stories

फ़िनलैंड-स्वीडन का नेटो भर्ती का सपना हुआ फेल, फ़िलिस्तीनी पत्रकार शीरीन की शहादत के मायने

न नकबा कभी ख़त्म हुआ, न फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध

अल-जज़ीरा की वरिष्ठ पत्रकार शिरीन अबु अकलेह की क़ब्ज़े वाले फ़िलिस्तीन में इज़रायली सुरक्षाबलों ने हत्या की

इज़रायली सुरक्षाबलों ने अल-अक़्सा परिसर में प्रार्थना कर रहे लोगों पर किया हमला, 150 से ज़्यादा घायल

लैंड डे पर फ़िलिस्तीनियों ने रिफ़्यूजियों के वापसी के अधिकार के संघर्ष को तेज़ किया

शता ओदेह की गिरफ़्तारी फ़िलिस्तीनी नागरिक समाज पर इस्राइली हमले का प्रतीक बन गया है

141 दिनों की भूख हड़ताल के बाद हिशाम अबू हव्वाश की रिहाई के लिए इज़रायली अधिकारी तैयार

इज़राइल, फ़लस्तीन के बीच नए सिरे से हिंसा भड़कने की आशंका : संयुक्त राष्ट्र दूत

फ़िलिस्तीनी प्रशासनिक बंदी लोय अल-अश्क़र ने रिहाई पर हुए समझौते के बाद भूख हड़ताल ख़त्म की

फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ़ नई बसाहटों वाले इज़रायलियों द्वारा 451 हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया गया


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुस्लिम महिलाओं की 'नीलामी' का मामला, कोविड के तेज़ी से बढ़ते मामले और अन्य ख़बरें
    03 Jan 2022
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी मुस्लिम महिलाओं की ऑनलाइन 'नीलामी', कोविड के बढ़ते मामले और अन्य ख़बरों पर।
  • Bulli bai
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुस्लिम महिलाओं के अपमान पर पीएम मोदी खामोश क्यों ?
    03 Jan 2022
    न्यूज़चक्र में आज वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा मुद्दा उठा रहे है एक वेबसाइट के ज़रिए एक खास अल्पसंख्यक समाज की महिलाओं को किस तरह निशाना बनाया जा रहा है और कैसे यह उसी सांप्रदायिक माहौल का हिस्सा है…
  • Jaipal Singh Munda
    डॉ. जितेन्द्र मीना
    जयपाल सिंह मुंडा: आदिवासी समाज की राजनीति और विचारधारा की प्राणवायु
    03 Jan 2022
    मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा भारतीय इतिहास के एकमात्र ऐसे जन-बुद्धिजीवी और राष्ट्रीय राजनेता हैं जिन्होंने भारतीय और आदिवासी अस्मिता, हक-हुकूक पर अंग्रेजों के साथ-साथ गैर-आदिवासियों के हमलों से बचाने…
  • covid
    भाषा
    कोविड-19: देश में 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू
    03 Jan 2022
    केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने रविवार को कहा था कि 15 से 18 आयु समूह के किशोरों के टीकाकरण के दौरान कोविड-19 रोधी टीकों में घालमेल से बचने के लिए राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों को…
  • Enough is Enough
    असद रिज़वी
    बुलीबाई ऐप मामला: स्वतंत्र आवाज़ों को बनाया जा रहा है निशाना
    03 Jan 2022
    संगठित तौर से उन मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाया गया है जो राजनीति और पत्रकारिता आदि में सक्रिय हैं और समय-समय पर सरकार की नीतियों के विरुद्ध आवाज़ उठाती हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License