NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: आह लोकतंत्र!, वाह लोकतंत्र!
हमारे गृह मंत्री से अच्छा लोकतंत्र का पाठ कौन पढ़ा सकता है। नहीं...नहीं...ये कोई व्यंग्य नहीं है, यक़ीन न हो तो लोकतंत्र को लेकर दिल्ली में आयोजित तीन दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भाषण सुन लीजिए।
आज का कार्टून
27 Oct 2021
Cartoon Click: Ah Democracy!, Wow Democracy!

हमारे गृह मंत्री से अच्छा लोकतंत्र का पाठ कौन पढ़ा सकता है। नहीं...नहीं...ये कोई व्यंग्य नहीं है, यक़ीन न हो तो लोकतंत्र को लेकर दिल्ली में आयोजित तीन दिन के राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भाषण सुन लीजिए। अमित शाह जी का कहना है साल 2014 आते-आते देश में राम-राज की परिकल्पना ध्वस्त हो चुकी थी। जनता के मन में ये आशंका थी कि कहीं हमारी बहुपक्षीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था फेल तो नहीं हो गई। लेकिन हमारी सरकार ने उनके मन में उम्मीद जगाई है।

इस उम्मीद को लेकर अगर अब भी आपको शक हो तो उनसे सवाल पूछकर देखिए कि क्या वजह है कि ये कैसा लोकतंत्र या लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था है जिसमें विपक्ष और किसान दोनों से पूछे बिना खेती के बारे में तीन कानून बना दिए जाते हैं। मज़दूरों और विपक्ष से चर्चा किए बिना श्रम कोड पारित कर दिए जाते हैं। विपक्ष के तमाम पूछने के बाद भी पेगासस मामले में कोई जवाब नहीं दिया जाता। रफ़ाल सौदे की जांच नहीं कराई जाती। बिना किसी को विश्वास में लिए जम्मू-कश्मीर का बंटवारा कर दिया जाता है। अनुच्छेद 370 हटा दिया जाता है। और बिना किसी सहमति के यूएपीए (UAPA) जैसा कानून में संशोधन कर दिया जाता है, आदि...आदि।

तो आप सवाल पूछिए और जवाब मिले तो हमें भी बताइए।

 

Amit Shah
Jammu and Kashmir
Indian democracy
UAPA

Related Stories

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

कश्मीर में हिंसा का नया दौर, शासकीय नीति की विफलता

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

कश्मीरी पंडितों के लिए पीएम जॉब पैकेज में कोई सुरक्षित आवास, पदोन्नति नहीं 

यासीन मलिक को उम्रक़ैद : कश्मीरियों का अलगाव और बढ़ेगा

भारत में संसदीय लोकतंत्र का लगातार पतन

विशेष: कौन लौटाएगा अब्दुल सुब्हान के आठ साल, कौन लौटाएगा वो पहली सी ज़िंदगी


बाकी खबरें

  • पेगासस
    अजय कुमार
    पहले की जासूसी से भले सरकारें गिरी हों, लेकिन पेगासस की जासूसी के पास है लोकतंत्र को तबाह करने की ताक़त 
    22 Jul 2021
    ऐसा नहीं है कि पहली बार सरकार अपने नागरिकों की चोरी-छिपे छानबीन करवा रही हो। अब तक का इतिहास तो यही बताता है कि सरकारों ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए वह सब किया है जो वह कर सकती थीं, इसमें चोरी-छिपे…
  • दिल्ली में संसद के पास किसानों ने लगाई अपनी किसान संसद, पास किए कई प्रस्ताव
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    दिल्ली में संसद के पास किसानों ने लगाई अपनी किसान संसद, पास किए कई प्रस्ताव
    22 Jul 2021
    संसद भवन के निकट ऐतिहासिक किसान संसद के मानसून सत्र की जोर-शोर से शुरुआत - किसान-विरोधी एपीएमसी बाइपास अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत और अनुशासित बहस हुई। दिल्ली पुलिस द्वारा मीडिया को किसान…
  • किसानों ने दिल्ली में लड़ते-भिड़ते बैठाई अपनी संसद
    न्यूज़क्लिक टीम
    किसानों ने दिल्ली में लड़ते-भिड़ते बैठाई अपनी संसद
    22 Jul 2021
    ग्राउंड रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह पहुंची जंतर-मंतर, जहां किसानों ने भारी पुलिस बैरिकेडिंग के बीच शुरू की किसान संसद, तीनो कृषि कानूनों को वापस कराने के अपने आंदोलन को और तेज करने की रणनीति…
  • Modi and Shah
    बादल सरोज
    मखौल बनाना काफ़ी नहीं, झूठ के सांड़ को सींग से पकड़ना होगा!
    22 Jul 2021
    असल मुद्दा इस झूठ की मारकता और उसके असर की सांघातिकता है। इसे महज़ मज़ाक बनाकर या कुछ समझदारों के बीच बैठ, झूठ बोलने वाले की खिल्ली उड़ाकर या उसकी लफ़्फ़ाज़ी और थेथरई पर अपना सर पीटकर, अनदेखा नहीं किया जा…
  • विकलांग स्त्रियों पर जबरन नसबंदी थोपना गैरकानूनी है!
    अल्मास शेख
    विकलांग स्त्रियों पर जबरन नसबंदी थोपना गैरकानूनी है!
    22 Jul 2021
    तमाम कानूनों के बावजूद भारत में विकलांग महिलाओं एवं लड़कियों पर जबरन नसबंदी के कई उदाहरण हैं और ऐसा करने के पीछे की वजह के तौर पर मासिक-धर्म स्वच्छता प्रबंधन और बलात्कार की वजह से गर्भावस्था के भय को…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License