NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: काश! इतना ध्यान दिल्ली के दरवाज़े पर बैठे किसानों पर दिया गया होता...
फिलहाल भाजपा ‘टीएमसी तोड़ो’ अभियान और मुख्यमंत्री ममता ‘टीएमसी बचाओ’ अभियान में जुटी हुई हैं, काश…!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Dec 2020
कार्टून क्लिक: काश! इतना ध्यान दिल्ली के दरवाज़े पर बैठे किसानों पर दिया गया होता...

चुनाव और सत्ता आज का सच सिर्फ़ इतना ही रह गया है। यही वजह है कि चुनाव से ऐन पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। फिलहाल भाजपा ‘टीएमसी तोड़ो’ अभियान और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘टीएमसी बचाओ’ अभियान में जुटी हुई हैं। कहने वाले कहते हैं कि जितनी शिद्दत से ये काम चल रहा है उसे देखकर लगता है कि अगर मोदी-शाह किसान आंदोलन पर और ममता अपने राज्य पर देतीं तो सबका भला हो जाता।

कोलकाता से ख़बर है कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक शुभेंदु अधिकारी का इस्तीफा प्रक्रियागत खामियों के कारण स्वीकार नहीं किया गया है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार पश्चिम बंगाल के विधानसभाध्यक्ष बिमान बनर्जी ने यह जानकारी दी। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि बैरकपुर से विधायक शीलभद्र दत्ता को इस्तीफा देने से पहले अपनी शिकायतों को लेकर पार्टी नेतृत्व से मिलना चाहिए था।

संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी के नेता और मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि दत्ता के इस्तीफे से वह सकते में हैं। हकीम ने कहा, ‘‘वरिष्ठ नेता होने के नाते दत्ता को अपनी शिकायतों को लेकर पहले शीर्ष नेतृत्व से मिलना चाहिए था। जहां तक मुझे पता है, दत्ता को पार्टी के स्थानीय नेताओं के एक समूह से कुछ दिक्कत थी। मौजूदा हालात में सभी संबंध तोड़ने के लिए क्या यह पर्याप्त कारण है?’’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि आत्मसम्मान से भरा हुआ कोई भी नेता अब डूबते हुए जहाज तृणमूल कांग्रेस में नहीं रूकना चाहेगा।

घोष ने कहा कि दत्ता और पूर्व मंत्री शुवेंदु अधिकारी सहित तृणमूल का साथ छोड़ने वाले अन्य नेताओं का भाजपा में स्वागत है, वह पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

BJP
West Bengal
West Bengal Elections
Delhi
kisan andolan

Related Stories

राज्यपाल की जगह ममता होंगी राज्य संचालित विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति, पश्चिम बंगाल कैबिनेट ने पारित किया प्रस्ताव

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 

मुंडका अग्निकांड: 'दोषी मालिक, अधिकारियों को सजा दो'


बाकी खबरें

  • जितेन्द्र कुमार
    मुद्दा: बिखरती हुई सामाजिक न्याय की राजनीति
    11 Apr 2022
    कई टिप्पणीकारों के अनुसार राजनीति का यह ऐसा दौर है जिसमें राष्ट्रवाद, आर्थिकी और देश-समाज की बदहाली पर राज करेगा। लेकिन विभिन्न तरह की टिप्पणियों के बीच इतना तो तय है कि वर्तमान दौर की राजनीति ने…
  • एम.ओबैद
    नक्शे का पेचः भागलपुर कैंसर अस्पताल का सपना अब भी अधूरा, दूर जाने को मजबूर 13 ज़िलों के लोग
    11 Apr 2022
    बिहार के भागलपुर समेत पूर्वी बिहार और कोसी-सीमांचल के 13 ज़िलों के लोग आज भी कैंसर के इलाज के लिए मुज़फ़्फ़रपुर और प्रदेश की राजधानी पटना या देश की राजधानी दिल्ली समेत अन्य बड़े शहरों का चक्कर काट…
  • रवि शंकर दुबे
    दुर्भाग्य! रामनवमी और रमज़ान भी सियासत की ज़द में आ गए
    11 Apr 2022
    रामनवमी और रमज़ान जैसे पर्व को बदनाम करने के लिए अराजक तत्व अपनी पूरी ताक़त झोंक रहे हैं, सियासत के शह में पल रहे कुछ लोग गंगा-जमुनी तहज़ीब को पूरी तरह से ध्वस्त करने में लगे हैं।
  • सुबोध वर्मा
    अमृत काल: बेरोज़गारी और कम भत्ते से परेशान जनता
    11 Apr 2022
    सीएमआईए के मुताबिक़, श्रम भागीदारी में तेज़ गिरावट आई है, बेरोज़गारी दर भी 7 फ़ीसदी या इससे ज़्यादा ही बनी हुई है। साथ ही 2020-21 में औसत वार्षिक आय भी एक लाख सत्तर हजार रुपये के बेहद निचले स्तर पर…
  • JNU
    न्यूज़क्लिक टीम
    JNU: मांस परोसने को लेकर बवाल, ABVP कठघरे में !
    11 Apr 2022
    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में दो साल बाद फिर हिंसा देखने को मिली जब कथित तौर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से संबद्ध छात्रों ने राम नवमी के अवसर कैम्पस में मांसाहार परोसे जाने का विरोध किया. जब…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License