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कार्टून क्लिक: काश! इतना ध्यान दिल्ली के दरवाज़े पर बैठे किसानों पर दिया गया होता...
फिलहाल भाजपा ‘टीएमसी तोड़ो’ अभियान और मुख्यमंत्री ममता ‘टीएमसी बचाओ’ अभियान में जुटी हुई हैं, काश…!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
18 Dec 2020
कार्टून क्लिक: काश! इतना ध्यान दिल्ली के दरवाज़े पर बैठे किसानों पर दिया गया होता...

चुनाव और सत्ता आज का सच सिर्फ़ इतना ही रह गया है। यही वजह है कि चुनाव से ऐन पहले पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान मचा हुआ है। फिलहाल भाजपा ‘टीएमसी तोड़ो’ अभियान और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ‘टीएमसी बचाओ’ अभियान में जुटी हुई हैं। कहने वाले कहते हैं कि जितनी शिद्दत से ये काम चल रहा है उसे देखकर लगता है कि अगर मोदी-शाह किसान आंदोलन पर और ममता अपने राज्य पर देतीं तो सबका भला हो जाता।

कोलकाता से ख़बर है कि तृणमूल कांग्रेस के विधायक शुभेंदु अधिकारी का इस्तीफा प्रक्रियागत खामियों के कारण स्वीकार नहीं किया गया है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार पश्चिम बंगाल के विधानसभाध्यक्ष बिमान बनर्जी ने यह जानकारी दी। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को कहा कि बैरकपुर से विधायक शीलभद्र दत्ता को इस्तीफा देने से पहले अपनी शिकायतों को लेकर पार्टी नेतृत्व से मिलना चाहिए था।

संवाददाताओं से बातचीत में पार्टी के नेता और मंत्री फिरहाद हकीम ने कहा कि दत्ता के इस्तीफे से वह सकते में हैं। हकीम ने कहा, ‘‘वरिष्ठ नेता होने के नाते दत्ता को अपनी शिकायतों को लेकर पहले शीर्ष नेतृत्व से मिलना चाहिए था। जहां तक मुझे पता है, दत्ता को पार्टी के स्थानीय नेताओं के एक समूह से कुछ दिक्कत थी। मौजूदा हालात में सभी संबंध तोड़ने के लिए क्या यह पर्याप्त कारण है?’’

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि आत्मसम्मान से भरा हुआ कोई भी नेता अब डूबते हुए जहाज तृणमूल कांग्रेस में नहीं रूकना चाहेगा।

घोष ने कहा कि दत्ता और पूर्व मंत्री शुवेंदु अधिकारी सहित तृणमूल का साथ छोड़ने वाले अन्य नेताओं का भाजपा में स्वागत है, वह पार्टी में शामिल हो सकते हैं।

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West Bengal
West Bengal Elections
Delhi
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