NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक:  दरअसल आपने किसानों को भारत में बंद कर दिया है!
किसान तो भारत बंद करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन हक़ीक़त ये है कि हमारी सरकार ने, हमारी व्यवस्था ने ही किसानों को भारत में बंद कर दिया है, बंधक बना लिया है।
आज का कार्टून
25 Sep 2020
cartoon click

किसान तो भारत बंद करने के लिए मजबूर हैं, लेकिन हक़ीक़त ये है कि हमारी सरकार, हमारी व्यवस्था ने ही किसानों को भारत में बंद कर दिया है, बंधक बना लिया है। वरना क्या वजह थी कि जो कृषि बिल किसानों के फ़ायदे के लिए लाए गए बताए जा रहे हैं उनके बारे में किसानों से, उनके संगठनों से एक लाइन बात नहीं की गई। किसानों को वो दिया जा रहा है जो उन्होंने मांगा भी नहीं था। वे तो बरसों बरस से स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक अपनी उपज का उचित दाम और सभी के लिए एमएसपी पर ख़रीद की अनिवार्यता की मांग कर रहा है। लेकिन नहीं उन्हें जबर्दस्ती की आज़ादी दी जा रही है जो उन्हें ग़ुलामी की ओर धकेल देगी। यही मज़दूरों के साथ हो रहा है। श्रम सुधार के नाम पर उनके और शोषण की व्यवस्था की जा रही है। दरअसल सच ये है कि आज हर बात, हर शब्द के मायने बदल दिए गए हैं। ‘अच्छे दिन’ बुरे में बदल गए हैं, विकास का नाम ‘विनाश’ हो गया है। इसी स्थिति को लेकर मुकुल सरल ने कहा कि  

आज़ादी-ओ-इंसाफ़, तरक़्क़ी, बराबरी

हैं लफ़्ज़ वही आज भी मतलब बदल गए

 

बदला नहीं है आज भी हुक्काम का चलन

बस नाम के ही रहनुमा-ओ-रब बदल गए

लेकिन ये हालात तब तक नहीं बदलने वाले जब तक ग़रीब, मेहनतकश एकजुट नहीं होगा। जब तक किसान, मज़दूर, कर्मचारी, छात्र-युवा ऊंच-नीच, जात-पात और धर्म-मज़हब में बंटे हैं तब तक राजनेता उन्हें इसी तरह बांटते, छांटते और शोषित करते रहेंगे।

है काम एक मेहनत, ग़ुरबत भी एक है

फिर क्या हुआ, किस बात पे मज़हब बदल गए

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
Farm Bills
Bharat band
farmers protest
BJP
Narendra modi

Related Stories

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"

मूसेवाला की हत्या को लेकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, कांग्रेस ने इसे ‘राजनीतिक हत्या’ बताया

दलितों पर बढ़ते अत्याचार, मोदी सरकार का न्यू नॉर्मल!

बिहार : नीतीश सरकार के ‘बुलडोज़र राज’ के खिलाफ गरीबों ने खोला मोर्चा!   

आशा कार्यकर्ताओं को मिला 'ग्लोबल हेल्थ लीडर्स अवार्ड’  लेकिन उचित वेतन कब मिलेगा?

दिल्ली : पांच महीने से वेतन व पेंशन न मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षकों ने किया प्रदर्शन

राम सेना और बजरंग दल को आतंकी संगठन घोषित करने की किसान संगठनों की मांग

आईपीओ लॉन्च के विरोध में एलआईसी कर्मचारियों ने की हड़ताल

जहाँगीरपुरी हिंसा : "हिंदुस्तान के भाईचारे पर बुलडोज़र" के ख़िलाफ़ वाम दलों का प्रदर्शन


बाकी खबरें

  • Hijab Verdict
    न्यूज़क्लिक टीम
    मुसलमानों को अलग थलग करता है Hijab Verdict
    17 Mar 2022
  • fb
    न्यूज़क्लिक टीम
    बीजेपी के चुनावी अभियान में नियमों को अनदेखा कर जमकर हुआ फेसबुक का इस्तेमाल
    17 Mar 2022
    गैर लाभकारी मीडिया संगठन टीआरसी के कुमार संभव, श्रीगिरीश जलिहाल और एड.वॉच की नयनतारा रंगनाथन ने यह जांच की है कि फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म का गलत इस्तेमाल होने दिया। मामला यह है किसी भी राजनीतिक…
  • Russia-Ukraine war
    न्यूज़क्लिक टीम
    क्या है रूस-यूक्रेन जंग की असली वजह?
    17 Mar 2022
    रूस का आक्रमण यूक्रेन पर जारी है, मगर हमें इस जंग की एक व्यापक तस्वीर देखने की ज़रूरत है। न्यूज़क्लिक के इस वीडियो में हमने आपको बताया है कि रूस और यूक्रेन का क्या इतिहास रहा है, नाटो और अमेरिका का…
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    झारखंड में चरमराती स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीज़ों का बढ़ता बोझ : रिपोर्ट
    17 Mar 2022
    कैग की ओर से विधानसभा में पेश हुई रिपोर्ट में राज्य के जिला अस्पतालों में जरूरत के मुकाबले स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी का खुलासा हुआ है।
  • अनिल जैन
    हिटलर से प्रेरित है 'कश्मीर फाइल्स’ की सरकारी मार्केटिंग, प्रधानमंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक
    17 Mar 2022
    एक वह समय था जब भारत के प्रधानमंत्री अपने समय के फिल्मकारों को 'हकीकत’, 'प्यासा’, 'नया दौर’ जैसी फिल्में बनाने के लिए प्रोत्साहित किया करते थे और आज वह समय आ गया है जब मौजूदा प्रधानमंत्री एक खास वर्ग…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License