NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ख़बर भी-नज़र भी: आईपीएल में करोड़ों की बोली, यूपी में मुफ़्त राशन के नाम पर मांगे जा रहे हैं वोट
एक तरफ़ चुनावी राज्यों ख़ासकर यूपी में मुफ़्त राशन का बखान कर वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है। दूसरी तरफ़ हमारे क्रिकेटर इतने महंगे बिक रहे हैं कि अगर सबकी राशि जोड़ दी जाए तो यह कहना अतिश्योक्ति न होगी कि एक राज्य का सालाना बजट ही बन सकता है!
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
12 Feb 2022
cartoon

ख़बर यह है इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए खिलाड़ियों की नीलामी हो रही है और क्रिकेटर करोड़ों में बिक रहे हैं। और नज़र ये है कि चुनावी राज्यों में मुफ़्त राशन के मुद्दे पर वोट मांगा जा रहा है। करीब 20-22 करोड़ आबादी वाले उत्तर प्रदेश में बताया जा रहा है कि 15 करोड़ से अधिक राशन कार्ड धारकों को मुफ्त राशन की डबल डोज़ दे दी गई है। यानी माना जा सकता है कि करीब 70 फ़ीसदी जनसंख्या ग़रीबी से जूझ रही है और रोज़ाना का भोजन जुटाने में भी नाकाम है। यह कार्टून इसी पर व्यंग्य करता है।

चलिए अब आईपीएल की पूरी ख़बर जान लेते हैं—

समाचार एजेंसी भाषा की ख़बर के अनुसार भारत के स्टायलिश बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को लेकर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की नीलामी के पहले दिन शनिवार को टीमों में अपेक्षा के अनुरूप काफी होड़ रही और आखिर में कोलकाता नाइट राइडर्स ने उन्हें 12 करोड़ 25 लाख रूपये में खरीदा ।

भारत के तेज गेंदबाज और पिछले आईपीएल सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले हर्षल पटेल को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने फिर 10 करोड़ 75 लाख रूपये में खरीद लिया है ।

केकेआर ने आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस को भी सात करोड़ 25 लाख रूपये में फिर खरीदा जबकि पिछली बार वह 15 करोड़ रूपये में बिके थे। दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा को पंजाब किंग्स ने नौ करोड़ 25 लाख रूपये में खरीदा । वहीं भारत के सीनियर सलामी बल्लेबाज शिखर धवन को भी पंजाब ने आठ करोड़ 25 लाख रूपये में खरीद लिया ।

अनुभवी आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को राजस्थान रॉयल्स ने पांच करोड़ रूपये में और न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट को आठ करोड़ रूपये में खरीदा। भारत के युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को राजस्थान रॉयल्स ने पौने आठ करोड़ रूपये में खरीदा।

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी को गुजरात टाइटंस ने पौने सात करोड़ रूपये में और क्विंटोन डिकॉक को लखनऊ जाइंट्स ने इसी दाम पर खरीदा। आस्ट्रेलिया के आक्रामक बल्लेबाज डेविड वॉर्नर को दिल्ली कैपिटल्स ने छह करोड़ 25 लाख रूपये में खरीदा । वहीं दक्षिण अफ्रीका के फाफ डु प्लेसी को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने सात करोड़ रूपये में खरीदा ।

टी20 विशेषज्ञ वेस्टइंडीज के हरफनमौला जैसन होल्डर को लखनऊ सुपरजाइंट्स ने पौने नौ करोड़ में और शिमरोन हेटमायेर को राजस्थान रॉयल्स ने साढे आठ करोड़ रूपये में खरीदा ।

अय्यर के आने से शाहरूख खान की केकेआर टीम की कप्तानी की समस्या भी हल होती नजर आ रही है । केकेआर ने टी20 विशेषज्ञ नीतिश राणा को भी आठ करोड़ रूपये में खरीदा । कमिंस के बारे में केकेआर के सीईओ वेंकी मैसूर ने कहा ,‘‘ हमें इस दाम पर उसे खरीदने की खुशी है ।हमने सोचा था कि उसकी कीमत बहुत ऊपर जायेगी ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ पहले ही दौर में कमिंस और अय्यर को लेने से हम खुश है । जहां तक कप्तानी का सवाल है तो यह फैसला कोच और टीम प्रबंधन का होगा । उम्मीद है कि वे सही फैसला लेंगे ।’’

वहीं पंजाब किंग्स के सह मालिक मोहित बर्मन ने कहा ,‘‘ अगर आपको लगता है कि शिखर धवन गेम चेंजर नहीं हैं तो आप गलती कर रहे हैं । वह शानदार खिलाड़ी हैं । उसके आंकड़े और फिटनेस का स्तर देखिये तो वह बेहतरीन खिलाड़ी है ।’’

खराब फॉर्म से जूझ रहे मनीष पांडे को चार करोड़ 60 लाख रूपये में खरीदा । चेन्नई सुपर किंग्स ने एम एस धोनी के विश्वस्त ड्वेन ब्रावो को चार करोड़ 40 लाख रूपये और रॉबिन उथप्पा को दो करोड़ रूपये में खरीदा । लखनऊ टीम ने दीपक हुड्डा को पौने छह करोड़ रूपये में खरीदा ।

आस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ, दक्षिण अफ्रीका के डेविड मिलर, बांग्लादेश के शाकिब अल हसन और भारत के पूर्व बल्लेबाज सुरेश रैना को कोई खरीदार नहीं मिला ।

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
IPL
IPL Auction
Uttar pradesh
free ration

Related Stories

आजमगढ़ उप-चुनाव: भाजपा के निरहुआ के सामने होंगे धर्मेंद्र यादव

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

उत्तर प्रदेश: "सरकार हमें नियुक्ति दे या मुक्ति दे"  इच्छामृत्यु की माँग करते हजारों बेरोजगार युवा

यूपी : आज़मगढ़ और रामपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा की साख़ बचेगी या बीजेपी सेंध मारेगी?

राज्यसभा चुनाव: टिकट बंटवारे में दिग्गजों की ‘तपस्या’ ज़ाया, क़रीबियों पर विश्वास

श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही मस्जिद ईदगाह प्रकरण में दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल

ग्राउंड रिपोर्ट: चंदौली पुलिस की बर्बरता की शिकार निशा यादव की मौत का हिसाब मांग रहे जनवादी संगठन

जौनपुर: कालेज प्रबंधक पर प्रोफ़ेसर को जूते से पीटने का आरोप, लीपापोती में जुटी पुलिस

कार्टून क्लिक: मैंने कोई (ऐसा) काम नहीं किया जिससे...


बाकी खबरें

  • punjab
    भाषा सिंह
    पंजाब चुनावः परदे के पीछे के खेल पर चर्चा
    19 Feb 2022
    पंजाब में जिस तरह से चुनावी लड़ाई फंसी है वह अपने-आप में कई ज़ाहिर और गुप्त समझौतों की आशंका को बलवती कर रही है। पंजाब विधानसभा चुनावों में इतने दांव चले जाएंगे, इसका अंदाजा—कॉरपोरेट मीडिया घरानों…
  • Biden and Boris
    जॉन पिलगर
    युद्ध के प्रचारक क्यों बनते रहे हैं पश्चिमी लोकतांत्रिक देश?
    19 Feb 2022
    हाल के हफ्तों और महीनों में युद्ध उन्माद का ज्वार जिस तरह से उठा है वह इसका सबसे ज्वलंत उदाहरण है
  • youth
    असद रिज़वी
    भाजपा से क्यों नाराज़ हैं छात्र-नौजवान? क्या चाहते हैं उत्तर प्रदेश के युवा
    19 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश के नौजवान संगठनों का कहना है कि भाजपा ने उनसे नौकरियों के वादे पर वोट लिया और सरकार बनने के बाद, उनको रोज़गार का सवाल करने पर लाठियों से मारा गया। 
  • Bahubali in UP politics
    विजय विनीत
    यूपी चुनाव: सियासी दलों के लिए क्यों ज़रूरी हो गए हैं बाहुबली और माफ़िया?
    19 Feb 2022
    चुनाव में माफ़िया और बाहुबलियों की अहमियत इसलिए ज्यादा होती है कि वो वोट देने और वोट न देने,  दोनों चीज़ों के लिए पैसा बंटवाते हैं। इनका सीधा सा फंडा होता है कि आप घर पर ही उनसे पैसे ले लीजिए और…
  • Lingering Colonial Legacies
    क्लेयर रॉथ
    साम्राज्यवादी विरासत अब भी मौजूद: त्वचा के अध्ययन का श्वेतवादी चरित्र बरकरार
    19 Feb 2022
    त्वचा रोग विज्ञान की किताबों में नस्लीय प्रतिनिधित्व की ऐतिहासिक कमी ना केवल श्वेत बहुल देशों में है, बल्कि यह पूरी दुनिया में मौजूद है
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License