NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
संदेश में का बा?: आज शाम छह बजे राष्ट्र को फिर संबोधित करेंगे प्रधानमंत्री मोदी
मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘आज शाम छह बजे राष्ट्र के नाम संदेश दूंगा। आप जरूर जुड़ें।’’
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
20 Oct 2020
cartoon click

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, मंगलवार शाम छह बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘‘आज शाम छह बजे राष्ट्र के नाम संदेश दूंगा। आप जरूर जुड़ें।’’

आज शाम 6 बजे राष्ट्र के नाम संदेश दूंगा। आप जरूर जुड़ें।

Will be sharing a message with my fellow citizens at 6 PM this evening.

— Narendra Modi (@narendramodi) October 20, 2020

भारत में जब से कोरोना संक्रमण की शुरुआत हुई है तब से प्रधानमंत्री कई बार राष्ट्र के नाम संदेश जारी कर चुके हैं। मार्च महीने में उन्होंने इसकी शुरुआत की थी और 19 मार्च को उन्होंने लोगों से जनता कर्फ्यू की अपील की थी।

 

इसके बाद 24 मार्च को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में उन्होंने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया था। बाद के राष्ट्र के नाम अपने संबोधनों में ताली थाली बजाने, दीये जलाने और अन्य घोषणाएं भी कीं।

समझा जा रहा है कि आज वे एक बार फिर वे अपने संबोधन में अपनी पीठ थपथपा सकते हैं। क्योंकि इससे पहले सोमवार को भी ‘ग्रैंड चैलेंजेस’’ की वार्षिक बैठक को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज भारत में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है और इससे ठीक होने की दर 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए संभव हो सका क्योंकि भारत ने सबसे पहले लॉकडाउन लगाया और लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया। हालांकि वे इस दौरान हुए अभूतपूर्व पलायन और बेरोज़गारी इत्यादि की कभी बात नहीं करते। इसके अलावा नए कृषि कानूनों और श्रम संहिता को लेकर किसान-मज़दूर भी आंदोलित हैं, लेकिन मुश्किल है कि प्रधानमंत्री अपने संबोधन में उनकी समस्याओं और आशंकाओं का भी समाधान करें। अब तक का रिकार्ड रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर प्रमुख मुद्दों और समस्याओं को छोड़कर कोई दूसरी ही बात अपने राष्ट्र के संबोधनों और ‘मन की बात’ में करते रहे हैं।   

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
Narendra modi
PM Modi's Address to the nation

Related Stories

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

भारत के निर्यात प्रतिबंध को लेकर चल रही राजनीति

गैर-लोकतांत्रिक शिक्षानीति का बढ़ता विरोध: कर्नाटक के बुद्धिजीवियों ने रास्ता दिखाया

बॉलीवुड को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है बीजेपी !

गुजरात: भाजपा के हुए हार्दिक पटेल… पाटीदार किसके होंगे?

PM की इतनी बेअदबी क्यों कर रहे हैं CM? आख़िर कौन है ज़िम्मेदार?

छात्र संसद: "नई शिक्षा नीति आधुनिक युग में एकलव्य बनाने वाला दस्तावेज़"


बाकी खबरें

  • corona
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटों में कोरोना के 1,778 नए मामले, 62 मरीज़ों की मौत
    23 Mar 2022
    देश में एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 0.05 फ़ीसदी यानी 23 हज़ार 87 हो गयी है।
  • moon
    संदीपन तालुकदार
    चीनी मिशन में इकट्ठा किये गये चंद्रमा के चट्टानों से शोध और नये निष्कर्षों को मिल रही रफ़्तार
    23 Mar 2022
    इस परिष्कृत चीनी चंद्र मिशन ने चीन और उसके बाहर दोनों ही जगहों पर पृथ्वी या उसके वायुमंडल से बाहर के चट्टानों पर शोध किया है। जानकार उम्मीद जता रहे हैं कि इससे हमें सौर मंडल के बारे में नयी-नयी…
  • bhagat singh
    हर्षवर्धन
    जाति के सवाल पर भगत सिंह के विचार
    23 Mar 2022
    भगत सिंह के जाति व्यवस्था के आलोचना के केंद्र में पुनर्जन्म और कर्म का सिद्धांत है। उनके अनुसार इन दोनों सिद्धांतों का काम जाति व्यवस्था से हो रहे भीषण अत्याचार के कारण उत्पन्न होने वाले आक्रोश और…
  • bhagat singh
    लाल बहादुर सिंह
    भगत सिंह की फ़ोटो नहीं, उनके विचार और जीवन-मूल्यों पर ज़ोर देना ज़रूरी
    23 Mar 2022
    शहादत दिवस पर विशेष: भगत सिंह चाहते थे कि आज़ाद भारत में सत्ता किसानों-मजदूरों के हाथ में हो, पर आज देश को कम्पनियां चला रही हैं, यह बात समाज में सबसे पिछड़े माने जाने वाले किसान भी अपने आन्दोलन के…
  • भाषा
    साल 2021 में दिल्ली दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी थी : रिपोर्ट
    22 Mar 2022
    साल 2021 में वैश्विक स्तर पर वायु गुणवत्ता की स्थिति बयां करने वाली यह रिपोर्ट 117 देशों के 6,475 शहरों की आबोहवा में पीएम-2.5 सूक्ष्म कणों की मौजूदगी से जुड़े डेटा पर आधारित है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License