NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
भारत
राजनीति
100 करोड़ वैक्सीन डोज आंकड़े के सिवाय और कुछ भी नहीं!
100 करोड़ वैक्सीन डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता।
आज का कार्टून
22 Oct 2021
cartoon

100 करोड़ वैक्सीन का डोज महज आंकड़ा है। अगर देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब होता तो अब तक 100 करोड़ लोगों को दोनों डोज मुफ्त में आसानी से लग चुका होता। लंबी-लंबी लाइने लगाकर मारामारी करने के बाद भी देश में इस समय मात्र 21% लोगों को कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं. वहीं सिंगल डोज लेने वालों की संख्या 51% के आस-पास चल रही है। शुरुआत में तो वैक्सीन ही खत्म हो जा रही थी। इसलिए दो वैक्सीन के बीच गैप बढ़ाना पड़ा। खबरें ऐसी भी आई कि वैक्सीन लगाने के लिए सिरिंज की कमी पड़ रही है। इस बीच लोग भी मरते रहे। गंगा में मरी हुई लाशें भी तैरती रहीं। वह कहीं से भी देश की सामर्थ्य को नहीं बता रही थी।

सबसे बड़ी बात कि प्रधानमंत्री ने 100 करोड़ वैक्सीन डोज लगाने पर ताली बजाते हुए फिर से झूठ बोल दिया। उन्होंने कहा कि सारी वैक्सीन मुफ्त में लगाई गई है। जबकि हकीकत यह है कि ₹120 प्रतिदिन से भी कम की कमाई पर जीने वाली भारत की आधी आबादी के बीच 25% वैक्सीन को प्राइवेट माध्यम के जरिए तकरीबन ₹680 से लेकर ₹1410  प्रति डोज के हिसाब से बेचा गया। अगर यह सब हुआ है तो कैसे कहा जाए की 100 करोड़ वैक्सीन का डोज महज आंकड़ें के सिवाय और कुछ नहीं है?

देश का सामर्थ्य 100 करोड़ वैक्सीन की डोज में नहीं झलक रहा। बल्कि देश का सामर्थ्य तो पूरी तरह से मार दिया गया है। अगर देश का सामर्थ्य वाकई प्रतिबिंबित होता तो देश प्रधानमंत्री से सवाल पूछता कि 10 महीने में पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी लगाकर इकट्ठा किए गए तकरीबन 3 लाख करोड रुपए को कहां खर्च किया गया है?  

cartoon click
cartoon
Irfan ka cartoon
100 crore vaccine dose
Covid Vaccine

Related Stories

कोविड-19 टीकाकरण : एक साल बाद भी भ्रांतियां और भय क्यों?

जानिए ओमिक्रॉन BA.2 सब-वैरिएंट के बारे में

फाइज़र का 2021 का राजस्व भारत के स्वास्थ्य बजट से सात गुना ज़्यादा है

कोविड -19 के टीके का उत्पादन, निर्यात और मुनाफ़ा

कोविड-19: देश में 15 से 18 वर्ष के आयुवर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू

डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर मानवीय संकटों की अलोकप्रियता को चुनौती

ट्रिप्स छूट प्रस्ताव: पेटेंट एकाधिकार पर चर्चा से कन्नी काटते बिग फार्मा

क्यूबा: 60 फ़ीसदी आबादी का पूर्ण टीकाकरण, बनाया रिकॉर्ड

राजनीतिक कारणों से लैटिन अमेरिका और कैरिबियाई क्षेत्र में वैक्सीन की असमानता बढ़ रही

अमरीका ने दी तीसरी डोज़ को मंजूरी पर क्या यह जरुरी है ?


बाकी खबरें

  • delhi high court
    भाषा
    समलैंगिक विवाहों को मान्यता देने की याचिकाओं पर 30 नवंबर को अंतिम सुनवाई
    26 Oct 2021
    पहली याचिका में, अभिजीत अय्यर मित्रा और तीन अन्य ने तर्क दिया है कि उच्चतम न्यायालय के दो वयस्कों के बीच सहमति से अप्राकृतिक संबंध को अपराध की श्रेणी से बाहर किये जाने के बावजूद समलैंगिक विवाह संभव…
  • covid
    न्यूज़क्लिक टीम
    कोरोना अपडेट: देश में 24 घंटे में 12,428 नए मामले, 356 मरीज़ों की मौत
    26 Oct 2021
    देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 42 लाख 2 हज़ार 202 हो गयी है।
  • Modi
    बी. सिवरामन
    मोदी के डिजिटल स्वास्थ्य मिशन से जनता को क्या मिलेगा? 
    26 Oct 2021
    मोदी के स्वास्थ्य मिशन का सम्पूर्ण विश्लेषण करने पर यही निष्कर्ष निकलता है कि मोदी का डिजिटल इंडिया जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि कारपोरेट घरानों के हित में काम करेगा।
  • indo afghan
    अमिताभ रॉय चौधरी
    भारत को अफ़ग़ानिस्तान पर प्रभाव डालने के लिए स्वतंत्र विदेश नीति अपनाने की ज़रूरत है
    26 Oct 2021
    मास्को में तालिबान के साथ ट्रोइका-प्लस की पहल पर हुई बैठक में नई दिल्ली की भागीदारी वांछित परिणाम हासिल करने में विफल रही है।
  • nilgai
    एम.ओबैद
    नीलगायों के आतंक से किसान परेशान, नुक़सान का नहीं मिलता मुआवज़ा
    25 Oct 2021
    "इस पर सरकार की तरफ़ से कोई पहल नहीं की गई। हमारे सारण ज़िले का क़रीब दो-तिहाई हिस्सा नीलगाय से प्रभावित है। ये किसी भी तरह की फ़सल को नहीं छोड़ती है।"
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License