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भारत
राजनीति
कार्टून क्लिक: धीरे-धीरे बोल कोई सुन न ले...
आज जब समय की मांग है कि कोरोना से निपटने का पूरा एक्शन प्लान पूरी पारदर्शिता के साथ देश के सामने हो, केंद्र सरकार गोपनीयता पर ज़ोर दे रही है।
आज का कार्टून
23 Apr 2021
कार्टून

ये हैरतअंगेज है कि जिस देश में संसद की कार्यवाही भी लाइव प्रसारित होती हो उसमें एक महत्वपूर्ण विषय पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बंद कमरें में बातचीत करें और रैलियों में खुलेआम एक-दूसरे पर आरोप लगाएं। आज जब पूरे देश में कोरोना को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है और सरकारों पर एक पूरे साल में कोई भी व्यवस्था ठीक न करने का आरोप है, केंद्र सरकार पारदर्शिता बरतने की बजाय गोपनीयता पर ज़ोर दे रही है।

क्या इस गोपनीयता का अर्थ सच्चाई को छिपाना और ज़िम्मेदारी से भागना है?

आपको मालूम है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड महामारी की स्थिति और अस्पतालों में ऑक्सीजन की भारी कमी के बारे में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणियों के टेलीविजन पर प्रसारण से विवाद पैदा हो गया और केंद्र सरकार के अधिकारियों ने उन पर "राजनीति करने " का आरोप लगाया।
पूरी ख़बर पढ़ें: मोदी के साथ बैठक के दौरान केजरीवाल के भाषण के टीवी पर प्रसारण से केंद्र ख़फ़ा, सीएमओ ने खेद जताया

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Arvind Kejriwal
Narendra modi

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CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License