NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
ख़बर भी, नज़र भी: भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं
मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंज़ूरी रद्द करने का अनुरोध किया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jan 2022
Subramanian Swamy

नयी दिल्ली। मोदी सरकार चाहती है कि कोर्ट उनके ही नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका पर कोई ध्यान न दे जिसमें उन्होंने एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी रद्द करने का अनुरोध किया है।

‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे (जुमले) वाली भाजपा के अपने ही बाग़ी हुए जा रहे हैं, कभी राज्यपाल सत्यपाल मलिक कुछ बोल जाते हैं और कभी सुब्रमण्यम स्वामी उनकी ही नीतियों पर सवाल उठाने लगते हैं। हालांकि मलिक जी बोलकर पलट भी जाते हैं। जैसे उन्होंने अभी कहा कि मोदी और शाह को लेकर उनके बयानों को गलत समझा गया, लेकिन जब पलटते हैं तब तक तीर काफ़ी दूर जा चुका होता है। अब देखिए भाजपा अपने ही इन लोगों को कब तक बर्दाश्त करती है और कब विकास विरोधी और देशद्रोही जैसी उपाधियों से नवाज़ती है।

आपको बता दें कि केंद्र ने दिल्ली उच्च न्यायालय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका का मंगलवार को विरोध किया, जिसमें एअर इंडिया की विनिवेश प्रक्रिया रद्द करने और अधिकारियों द्वारा दी गई मंजूरी रद्द करने का अनुरोध किया गया है। याचिका में आरोप लगाया गया कि अपनाई गई कार्यप्रणाली "मनमानी, दुर्भावनापूर्ण और भ्रष्ट" थी।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने स्वामी और केंद्र की तरफ से पेश सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता और एअर एशिया की ओर वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे की दलीलों को सुना और कहा कि वह याचिका पर छह जनवरी को आदेश सुनाएगी।

पीठ ने केंद्र के वकील और अन्य प्रतिवादियों से आज शाम तक संक्षिप्त टिप्पणी दायर करने का निर्देश दिया और स्वामी को बुधवार तक संक्षिप्त टिप्पणी दायर करने की छूट प्रदान की।

अदालत ने आगे याचिकाकर्ता को याचिका के साथ संलग्न कुछ दस्तावेजों की पढ़ने योग्य प्रतियां दाखिल करने का भी निर्देश दिया।

राज्य सभा सदस्य, स्वामी ने एअर इंडिया विनिवेश प्रक्रिया के संबंध में अधिकारियों द्वारा किसी भी कार्रवाई या निर्णय या किसी भी आगे की मंजूरी, अनुमति या परमिट को रद्द करने और निरस्त करने का अनुरोध किया है।

स्वामी ने अधिवक्ता सत्य सबरवाल के माध्यम से अधिकारियों की भूमिका और कामकाज की सीबीआई जांच और अदालत के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का भी अनुरोध किया है।

पिछले साल अक्टूबर में, केंद्र ने एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस के 100 प्रतिशत इक्विटी शेयरों के लिए टाटा संस कंपनी द्वारा की गई उच्चतम बोली के साथ ही जमीनी परिचालन देखने वाली कंपनी एआईएसएटीएस में सरकार की 50 प्रतिशत हिस्सेदारी को स्वीकार कर लिया था। यह पिछले 20 वर्षों में पहला निजीकरण था।

सॉलिसिटर जनरल ने तर्क दिया कि याचिका तीन गलत धारणाओं पर आधारित है और इस पर किसी विचार की आवश्यकता नहीं है।

साल्वे ने यह भी तर्क दिया कि याचिका में कुछ भी नहीं है और बोलियां पूरी हो गई हैं, शेयर समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और यह सब काफी समय से सार्वजनिक पटल पर है।

(समाचार एजेंसी भाषा के कुछ इनपुट के साथ)

cartoon click
Irfan ka cartoon
Subramanian Swamy
BJP
AIR India
Delhi High court

Related Stories

दिल्ली उच्च न्यायालय ने क़ुतुब मीनार परिसर के पास मस्जिद में नमाज़ रोकने के ख़िलाफ़ याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने से इनकार किया

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • SHAE
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    क्रिकेट: नहीं रहे स्पिन के जादूगर
    04 Mar 2022
    ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी और महान गेंदबाज़ शेन वॉर्न का निधन हो गया है। ख़बरों के मुकाबिक हार्ट अटैक के कारण उनकी मौत हुई है।
  • manipur
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव में, याद उन वीरों की जिन्होंने मणिपुर को बनाया सेकुलर
    04 Mar 2022
    वरिष्ठ पत्रकार भाषा सिंह ने मणिपुर के उन शहीदों से रुबरू कराया जिन्होंने मणिपुर को साम्राज्यवादी ताकतों से बचाने के लिए , मणिपुर को धर्मनिरपेक्ष बनाने के लिए संघर्ष किया और जान की बाज़ी लगाई।
  • chunav chakra
    न्यूज़क्लिक टीम
    चुनाव चक्र: यूपी की लड़ाई का आख़िरी दांव, जो जीता वही सिकंदर
    04 Mar 2022
    अब यूपी की लड़ाई का आख़िरी चरण आ गया है। सात मार्च-सातवां चरण... इस सातवें और अंतिम चरण में कुल 9 ज़िलों की 54 सीटों के लिए मतदान होगा। इसमें बनारस भी है और आज़मगढ़ भी। एक मोदी का गढ़ तो दूसरा अखिलेश…
  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूक्रेन-रूस संघर्ष : प्रचार की तमाम हदें पार! लौट रहे छात्रों से "मोदी ज़िंदाबाद" के नारे !
    04 Mar 2022
    बोल के लब आज़ाद है तेरे के आज के एपिसोड में अभिसार शर्मा बीजेपी सरकार के झूठे प्रचार तंत्र पर सवाल उठा रहे हैं और यूक्रेन-रूस संघर्ष के चलते यूक्रेन में भारतीय विद्यार्थी पिछले 8 दिनों से फसे हुए हैं…
  • medical
    एम.ओबैद
    बिहार : प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में फ़ीस कम करने और राइट टू हेल्थ की मांग होने लगी तेज़
    04 Mar 2022
    बिहार विधानसभा में प्राइवेट कॉलेजों द्वारा ली जाने वाली मोटी फ़ीस का मुद्दा उठाया गया है। राज्य सरकार भी राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई का शुल्क कम कराने पर विचार करे।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License