NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
यूक्रेन संकट, भारतीय छात्र और मानवीय सहायता
यूक्रेन में संकट बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से आज तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
01 Mar 2022
cartoon

यूक्रेन में संकट बढ़ता जा रहा है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीयों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से आज तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है। उधर, छात्रों का कहना है कि वे कैसे और कहां जाएं...कोई बताने वाला, मदद करने वाला नहीं है। हालांकि भारत सरकार ने दावा किया है कि वे फंसे छात्रों का निकालने का पूरा प्रयास कर रही है लेकिन छात्रों के मुताबिक बताए गए तमाम देशों के सीमाओं तक पहुंचने के बाद भी उन्हें कोई मदद नहीं मिल पा रही है। इस सिलसिले में भारतीय छात्र लगातार बड़ी संख्या में वीडियो ट्वीट कर रहे हैं और अपनी हालत बता रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: यूक्रेन में फंसे बच्चों के नाम पर PM कर रहे चुनावी प्रचार, वरुण गांधी बोले- हर आपदा में ‘अवसर’ नहीं खोजना चाहिए

इधर आज मंगलवार को यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘ कीव में भारतीयों के लिये परामर्श...छात्रों सहित सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे आज तत्काल कीव छोड़ दें । उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य उपलब्ध माध्यम के जरिये । ’’

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद युद्धग्रस्त देश का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है।

सोमवार को यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने छात्रों को राजधानी कीव में रेलवे स्टेशन पहुंचने की सलाह दी थी, ताकि वे युद्धग्रस्त देश के पश्चिमी हिस्सों तक आगे की यात्रा कर सकें।

कीव में स्थित भारतीय दूतावास ने कहा कि यूक्रेन की राजधानी में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है और भारतीय छात्र शहर से बाहर निकलने के लिए रेलवे स्टेशन जा सकते हैं।

दूतावास ने ट्वीट किया, “ कीव में सप्ताहांत कर्फ्यू हटा लिया गया है। सभी छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे पश्चिमी भागों तक जाने के लिए रेलवे स्टेशन जाएं। यूक्रेन रेलवे लोगों की निकासी के लिए विशेष ट्रेन चला रहा है।”

वहीं, सोमवार को विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यूक्रेन में जमीनी हालात बहुत मुश्किल और जटिल होने के बावजूद वह युद्धग्रस्त देश से अपने हर नागरिक को स्वदेश वापस लायेगा।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘‘भारत, यूक्रेन से अपने हर नागरिक को वापस लेकर आयेगा। ऐसे में (वहां पर फंसे भारतीय) घबराये नहीं, विदेश मंत्रालय की टीम से सम्पर्क करें तथा सीधे सीमा पर नहीं आएं।’’ यूक्रेन से अपने नागरिकों को वापस लाने के लिये सरकार सभी पक्षों के सम्पर्क में हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच देशों से अभियान के समन्वय एवं देखरेख के लिये चार वरिष्ठ मंत्रियों को दायित्व सौंपा हैं। इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा में समन्वय करेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा था कि यूक्रेन में सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरा सरकारी तंत्र चौबीस घंटे काम कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय वायु सेना से निकासी अभियान का हिस्सा बनने को कहा है।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग से पैदा हुई वैश्विक स्थिति के साथ ही यूक्रेन से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे अभियान की विस्तृत जानकारी दी। यह जानकारी सूत्रों ने दी।

सूत्रों ने बताया, ‘‘प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और उन्हें यूक्रेन सहित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी दी।’’

ज्ञात हो कि यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार की ओर से ‘‘ऑपरेशन गंगा’’ चलाया जा रहा है।

मानवीय सहायता भेजने का निर्णय

भारत ने सोमवार को यूक्रेन में मानवीय सहायता भेजने का निर्णय लिया। पूर्वी यूरोप के इस देश में रूस के हमले के कारण हजारों लोग सीमावर्ती इलाकों की ओर जा रहे हैं जिससे वहां मानवीय संकट पैदा हो गया है।

यूक्रेन में फंसे हुए भारतीयों को वापस लाने के लिए किये जा रहे प्रयासों की समीक्षा के वास्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि मंगलवार को मानवीय सहायता सामग्री भेजी जाएगी। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री ने इसका संज्ञान लिया कि यूक्रेन की सीमाओं पर मानवीय संकट से निपटने के लिए सहायता आपूर्ति की पहली खेप कल भेजी जाएगी। भारत में यूक्रेन के राजदूत इगोर पोलिखा द्वारा मानवीय सहायता की मांग करने के बाद भारत ने सहायता आपूर्ति की पहली खेप भेजने की घोषणा की।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनुपट के साथ)

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
ukraine
Russia
Indian students stuck in ukraine
Russia-Ukraine crisis
Narendra modi
BJP

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

तिरछी नज़र: सरकार जी के आठ वर्ष

कटाक्ष: मोदी जी का राज और कश्मीरी पंडित

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    बोलडोज़र पर सुप्रीम कोर्ट की रोक! कानून और संविधान के साथ बीजेपी का खिलवाड़!
    21 Apr 2022
    बोल के लब आज़ाद हैं तेरे के इस एपिसोड में अभिसार बुलडोज़र राजनीति और भाजपा के वायदों के बारे में बात कर रहे हैं।
  • सी. सरतचंद
    कोविड-19 का वैश्विक दुष्प्रभाव और रूस पर आर्थिक युद्ध 
    21 Apr 2022
    विकासशील देशों को घनिष्ठ रूप से आपस में सहयोग करना होगा, महामारी के आर्थिक एवं सार्वजनिक दुष्परिणामों का मुकाबला करना होगा और रूस पर लगाए गए आर्थिक युद्ध के नतीजों से मिलकर निपटना होगा।
  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट को लेकर छात्रों में असमंजस, शासन-प्रशासन से लगा रहे हैं गुहार
    21 Apr 2022
    इस नई प्रक्रिया के एक ओर जहां अलग-अलग बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों को मिलने वाले एक समान अवसर के रूप में देखा जा रहा है, तो वहीं दूसरी ओर परीक्षा के महज़ तीन महीने पहले मिले इस सूचना और दिल्ली…
  • पीपल्स डिस्पैच
    ब्रिटेन की कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण की अनुमति दी
    21 Apr 2022
    लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण का आदेश देने वाले फ़ैसले पर मुहर लगा दी है। अब अंतिम फ़ैसला गृह सचिव प्रीति पटेल लेंगी, जो सत्ताधारी कंज़र्वेटिव पार्टी…
  • सत्यम श्रीवास्तव
    दिल्ली में बुलडोज़र गवर्नेंस या डबल इंजन सरकार का आगाज़?
    21 Apr 2022
    कोई भी सरकार संविधान के दायरे में रहते हुए इन कार्रवाईयों को उचित नहीं ठहरा सकती क्योंकि ये कार्रवाईयां कानून सम्मत नहीं हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License