NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
...अब सिर्फ़ सरकार बनाना और गिराना ही मुख्य काम रह गया है
राजस्थान में राजनीतिक उठा-पटक जारी है। कांग्रेस जहां अपनी सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं बीजेपी ‘एक धक्का और दो’ की भूमिका में है। कुल मिलाकर इस रस्साकशी में कोविड-19 का क़हर, अर्थव्यवस्था और रोज़गार की स्थिति सब बेमानी हो गई है और सरकार गिराने और सरकार बचाने का खेल चल रहा है।
आज का कार्टून
14 Jul 2020
cartoon click

राजस्थान में राजनीतिक उठा-पटक जारी है। कांग्रेस जहां अपना घर और सरकार बचाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं बीजेपी भी मौके के इंतज़ार में है। कुल मिलाकर इस रस्साकशी में कोविड-19 का क़हर, अर्थव्यवस्था और रोज़गार की स्थिति सब बेमानी हो गई है और सरकार गिराने और सरकार बचाने का खेल चल रहा है। यही कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश में देखने को मिला। यही कर्नाटक में देखने को मिला था। और अब जानकार कह रहे हैं कि एक बार फिर महाराष्ट्र में नई बिसात बिछाई जाएगी।

ख़ैर, फिलहाल खुला झगड़ा तो कांग्रेस का है। उसके अपने ही लोग बाग़ी हुए जा रहे हैं। अब कोई बिना बड़े लाभ या शह के तो बाग़ी नहीं होता यह बड़ा सवाल है। कांग्रेस का आरोप है कि इस सबको बीजेपी ही शह या हवा दे रही है और सत्ता का दुरुपयोग कर कांग्रेस की सरकारें तोड़ने की कोशिश कर रही है। इसमें साम-दाम-दंड-भेद सब अपनाया जा रहा है।

फिलहाल अपडेट यह है कि आज, मंगलवार सुबह 11 बजे शुरू हुई राजस्थान कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। बताया जा रहा है कि बैठक में अनुपस्थित विधायकों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके साथ ही अब प्रदेश कांग्रेस कांग्रेस अध्यक्ष पद  से सचिन पायलट को हटाने की बात भी सामने आ रही है।

इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बागी तेवर अपनाने वाले उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों से पार्टी विधायक दल की बैठक में शामिल होने की अपील की थी। कांग्रेस विधायक दल  की बैठक मंगलवार को यहां दिल्ली रोड पर एक होटल में हो रही है। इस बैठक से पहले पार्टी के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे ने पायलट व उनके समर्थकों से बैठक में शामिल होने की अपील सोशल मीडिया के जरिए की।

पांडे ने ट्वीट किया,'मैं सचिन पायलट और उनके सभी साथी विधायकों से अपील करता हूँ कि वे आज की विधायक दल की बैठक में शामिल हों।' उन्होंने आगे लिखा है, ‘‘कांग्रेस की विचारधारा और मूल्यों में अपना विश्वास जताते हुए कृपया अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करें तथा सोनिया गांधी व राहुल गांधी के हाथ मज़बूत करें।'’ उन्होंने कहा कि पायलट व उनके समर्थकों को एक और मौका दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि बागी तेवर अपना चुके पायलट व उनके समर्थक सोमवार को विधायक दल की बैठक में शामिल नहीं हुए थे। पायलट आज की बैठक में भी शामिल नहीं हुए।

सोमवार की बैठक के बाद कांग्रेस के नेताओं ने दावा किया था कि कांग्रेस व उसके समर्थक निर्दलीय व अन्य को मिलाकर 109 विधायकों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार को समर्थन दिया है।

इसी बीच सचिन पायलट के समर्थकों ने पायलट गुट की ताकत दिखाने के लिये सोमवार को कांग्रेस विधायकों का एक छोटा वीडियो जारी किया।

दस सेंकेंड के इस वीडियो को पायलट के प्रवक्ता ने अधिकारिक व्हाट्स एप ग्रुप में जारी किया जिसमें लगभग 16 विधायक एक घेरे में बैठे हुए हैं। इसके अलावा छह अन्य लोग भी वीडियो में मौजूद है लेकिन उनकी पहचान नहीं हो सकी। वीडियो में पायलट नहीं दिखाई दिये।

इंद्रराज गुर्जर, मुकेश भाखर, हरीश मीणा सहित कुछ विधायकों को देखा जा सकता था।

पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्र सिंह ने ट्वीट मे लिखा 'परिवार' के साथ वीडियो।

लाडनूं से विधायक मुकेश भाखर ने ट्वीट किया, ‘‘ यदि आप जिंदा है तो यह आवश्यक है कि आप जिंदा दिखे। अगर सिद्धांतों को चोट पहुंचाई जाए तो आपको उससे टकरा जाना चाहिए। कांग्रेस में वफादारी का मतलब अशोक गहलोत की गुलामी है। जो हमें स्वीकार्य नहीं है। ’’

cartoon click
Irfan ka cartoon
cartoon
Rajasthan
BJP
Congress
ashok gehlot
Amit Shah

Related Stories

भाजपा के इस्लामोफ़ोबिया ने भारत को कहां पहुंचा दिया?

कश्मीर में हिंसा का दौर: कुछ ज़रूरी सवाल

सम्राट पृथ्वीराज: संघ द्वारा इतिहास के साथ खिलवाड़ की एक और कोशिश

हैदराबाद : मर्सिडीज़ गैंगरेप को क्या राजनीतिक कारणों से दबाया जा रहा है?

कार्टून क्लिक: उनकी ‘शाखा’, उनके ‘पौधे’

ग्राउंड रिपोर्टः पीएम मोदी का ‘क्योटो’, जहां कब्रिस्तान में सिसक रहीं कई फटेहाल ज़िंदगियां

धारा 370 को हटाना : केंद्र की रणनीति हर बार उल्टी पड़ती रहती है

मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में जारी हमले और आर्यन खान को क्लीनचिट

भारत में धार्मिक असहिष्णुता और पूजा-स्थलों पर हमले को लेकर अमेरिकी रिपोर्ट में फिर उठे सवाल

मंडल राजनीति का तीसरा अवतार जाति आधारित गणना, कमंडल की राजनीति पर लग सकती है लगाम 


बाकी खबरें

  • putin
    अब्दुल रहमान
    मिन्स्क समझौते और रूस-यूक्रेन संकट में उनकी भूमिका 
    24 Feb 2022
    अति-राष्ट्रवादियों और रूसोफोब्स के दबाव में, यूक्रेन में एक के बाद एक आने वाली सरकारें डोनबास क्षेत्र में रूसी बोलने वाली बड़ी आबादी की शिकायतों को दूर करने में विफल रही हैं। इसके साथ ही, वह इस…
  • russia ukrain
    अजय कुमार
    यूक्रेन की बर्बादी का कारण रूस नहीं अमेरिका है!
    24 Feb 2022
    तमाम आशंकाओं के बाद रूस ने यूक्रेन पर हमला करते हुए युद्ध की शुरुआत कर दी है। इस युद्ध के लिए कौन ज़िम्मेदार है? कौन से कारण इसके पीछे हैं? आइए इसे समझते हैं। 
  • up elections
    अब्दुल अलीम जाफ़री
    उत्तर प्रदेश चुनाव: ज़मीन का मालिकाना हक़ पाने के लिए जूझ रहे वनटांगिया मतदाता अब भी मुख्यधारा से कोसों दूर
    24 Feb 2022
    उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के छठे चरण का मतदान इस इलाक़े में होना है। ज़मीन के मालिकाना हक़, बेरोज़गारी और महंगाई इस क्षेत्र के कुछ अहम चुनावी मुद्दे हैं।
  • ayodhya
    अरुण कुमार त्रिपाठी
    यूपी चुनाव: अयोध्यावादियों के विरुद्ध फिर खड़े हैं अयोध्यावासी
    24 Feb 2022
    अयोध्या में पांचवे दौर में 27 फरवरी को मतदान होना है। लंबे समय बाद यहां अयोध्यावादी और अयोध्यावासी का विभाजन साफ तौर पर दिख रहा है और धर्म केंद्रित विकास की जगह आजीविका केंद्रित विकास की मांग हो रही…
  • mali
    पवन कुलकर्णी
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों की वापसी साम्राज्यवाद के ख़िलाफ़ ऐतिहासिक जीत है
    24 Feb 2022
    माली से फ़्रांसीसी सैनिकों को हटाने की मांग करने वाले बड़े पैमाने के जन-आंदोलनों का उभार 2020 से जारी है। इन आंदोलनों की पृष्ठभूमि में, माली की संक्रमणकालीन सरकार ने फ़्रांस के खिलाफ़ लगातार विद्रोही…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License