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भारत
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‘तस्करी’ से लाई गई सुपारी जलाने पर मिजोरम के अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज, विपक्ष ने साधा निशाना
सुपारी व्यापारी लल्हरुएतलुआंगी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर 18 दिसंबर को म्यांमा सीमा के पास केलकांग गांव में तीन ट्रकों को रोका था।
भाषा
23 Dec 2021
Mizoram
फ़ोटो साभार: सोशल मीडिया

आइजोल: म्यांमा के रास्ते कथित रूप से तस्करी कर लाई गई सुपारी में आग लगाने के मामले में चंफाई की जिलाधिकारी मारिया सीटी जुआली के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज किया गया है। यह मामला एक व्यापारी की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।

अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

पुलिस में मामला दर्ज होने की घटना को लेकर राज्य में घमासान मच गया है और विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा है।

सुपारी व्यापारी लल्हरुएतलुआंगी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जिलाधिकारी ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर 18 दिसंबर को म्यांमा सीमा के पास केलकांग गांव में तीन ट्रकों को रोका था।

उन्होंने बताया कि इन अधिकारियों ने आइजोल जा रहे इन ट्रकों से 150 बोरे सुपारी उतारी और वहीं पर उसे आगे लगा दी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उस रात अधिकारियों की कार्रवाई के दौरान पांच ट्रक वहां से निकल गए थे। इसके बाद ही जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की।

शिकायत में कहा कि जिलाधिकारी ने चालकों के मोबाइल फोन और ट्रक की चाबियां भी छीन लीं।

मोबाइल फोन और चाबियां छीनने के अलावा यह सत्यापित किए बिना कि सामान विदेशी मूल के थे या नहीं, माल को कथित रूप से जलाने के लिए लल्हरुएतलुआंगी ने जिला मजिस्ट्रेट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

शिकायत चम्फाई पुलिस थाना में दर्ज की गई है, जिसने भारतीय दंड संहिता की धारा 435 (नुकसान पहुंचाने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ से शरारत), 427 (पचास रुपये तक की राशि का नुकसान पहुंचाने के लिए शरारत) और 341 (गलत तरीके से रोकना) के तहत मामला दर्ज किया था।

पुलिस ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, जिलाधिकारी ने कहा कि वह कानून के अनुसार काम कर रहीं थी।

उन्होंने कहा कि सुपारी के बैग इसलिए उतारे गए थे ताकि जांच हो सके कि उनमें मादक पदार्थ तो छिपाकर नहीं रखा गया। दावा किया कि सुपारी के बैग में कई मौकों पर ट्रांसपोर्टरों द्वारा मादक पदार्थ छिपाकर लाए जाते हैं।

कांग्रेस और जेडपीएम सहित विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर राज्य में एमएनएफ सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह तस्करों को सीमा पार स्वतंत्र रूप से घूमने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और यहां तक कि उन्हें अधिकारियों को चुनौती देने का साहस भी दे रही है।

MIZORAM
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