NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
कोविड-19
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
सेंट्रल विस्टा परियोजना : कोरोना क़हर के बीच मज़दूरों की जान को जोखिम डालकर निर्माण जारी!
सेंट्रल विस्टा पुनर्निर्माण परियोजना को लेकर आलोचना के बीच केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने इंडिया गेट के पास निर्माण स्थल पर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग को प्रतिबंधित कर दिया है। हालाँकि वहां से जो रिपोर्ट और वीडियो बहार आए उसमें साफतौर पर दिख रहा है कि वहां काम करने वाले मज़दूरों की जान को जोख़िम में डालकर काम लिया जा रहा है।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
13 May 2021
Central Vista

नई दिल्ली: सेंट्रल विस्टा पुनर्निर्माण परियोजना को लेकर आलोचना के बीच केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) ने इंडिया गेट के पास निर्माण स्थल पर फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग को प्रतिबंधित कर दिया है। हालाँकि वहां से जो रिपोर्ट और वीडियो बहार आए उसमें साफतौर पर दिख रहा है कि वहां काम करने वाले मज़दूरों की जान को जोख़िम में डालकर काम लिया जा रहा है।  

सेंट्रल विस्टा एवेन्यू के पुनर्निर्माण स्थल पर साइन बोर्ड लगाए गए हैं, जिसमें लिखा है: 'फोटोग्राफी निषेध', 'वीडियो रिकॉर्डिंग निषेध'।

परियोजना को क्रियान्वित करने वाले सीपीडब्ल्यूडी के एक अधिकारी ने संपर्क करने पर इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

गौरतलब है कि कोविड-19 महामारी के बीच सेंट्रल विस्टा पुनर्निर्माण परियोजना को क्रियान्वित करने को लेकर सरकार को विपक्ष की ओर से आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

इस बीच, भारत भर के कई नागरिक समाज समूहों और पर्यावरण संगठनों ने बुधवार को केंद्र से देश में कोविड-19 महामारी के मद्देनजर अपनी महत्वाकांक्षी सेंट्रल विस्टा पुनर्निर्माण परियोजना को रोकने की अपील की।

65 संगठनों द्वारा जारी किए गए बयान में केंद्र सरकार से 13,450 करोड़ रुपये की इस परियोजना को रोकने और सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल महामारी से निपटने में करने का आग्रह किया गया है। लेकिन केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली उच्चन्यायलय में अपना पक्ष रखते हुए इस निर्माण को सही ठहराया और कहा, “निर्माण स्थल पर पर तमाम कोरोना नियमों का पालन किया जा रहा है।” लेकिन न्यूज़वेबसाइट क्विंट की एक खबर के मुताबिक सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट पर मजदूरों की जिंदगी को जोखिम में डाला जा रहा है।

खबर के मुताबिक, ”राजपथ पर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन साइट पर एक टेंट में 8 से 10 मजदूर रह रहे हैं। वीडियो में जो दिख रहा है उसके मुताबिक़ वहां बुनियादी सुविधाओं का भी आभाव नज़र आ रहा है।  वह भी ऐसे वक्त में जब दिल्ली में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कंस्ट्रक्शन साइट पर काम कर रहे एक मजदूर ने बताया कि उनका घर पास में ही है इसलिए वो रोज घर से यहां काम करने आते हैं लेकिन कुछ मजदूर कंस्ट्रक्शन साइट पर टेंट में ही रहते हैं।”  मोदी सरकार का कहना है कि सेंट्रल विस्टा के निर्माण की अनुमति केवल इसलिए है क्योंकि दिल्ली के लॉकडाउन के नियम के मुताबिक सभी मजदूर साइट पर रह रहे हैं।

इस निर्माण के बीच देश में कोरोना अपनी तूफानी रफ़्तार से संक्रमण फैला रहा है और हज़ारो जिंदगियां एक दिन में लील रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज गुरुवार, 13 मई को जारी आंकड़ों के अनुसार देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,62,727 नए मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा कोरोना से एक दिन में 4,120 मरीज़ों की मौत हुई है। हालांकि इसी बीच देश भर में कोरोना से पीड़ित 3,52,181 मरीज़ों को ठीक किया गया है। और एक्टिव मामलों में 6,426 मामलों की बढ़ोतरी हुई है। अब तक 2 लाख 58 हज़ार 317 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसे में इस भव्य संरचना के निर्माण पर सवाल उठाना लाज़िम है लेकिन सरकार सभी को नज़रअंदाज़ करते हुए निर्माण कार्य को पुरे जोर शोर से चालू है। सरकार ने इस प्रोजक्ट की समय सीमा 30 नवंबर 2021 निर्धारित की हुई है

Central Vista
Narendra modi
COVID 19

Related Stories

कोरोना अपडेट: देश में पिछले 24 घंटों में 2,745 नए मामले, 6 लोगों की मौत

कोरोना के दौरान सरकारी योजनाओं का फायदा नहीं ले पा रहें है जरूरतमंद परिवार - सर्वे

यूपी चुनाव : क्या पूर्वांचल की धरती मोदी-योगी के लिए वाटरलू साबित होगी

क्या कोविड के पुराने वेरिएंट से बने टीके अब भी कारगर हैं?

कोविड पर नियंत्रण के हालिया कदम कितने वैज्ञानिक हैं?

भारत की कोविड-19 मौतें आधिकारिक आंकड़ों से 6-7 गुना अधिक हैं: विश्लेषण

पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ SC में सुनवाई, 24 घंटे में 90 हज़ार से ज़्यादा कोरोना केस और अन्य ख़बरें

बिहार के बाद बंगाल के तीन अस्पतालों में 100 से अधिक डॉक्टर कोरोना पॉज़िटिव

रोजगार, स्वास्थ्य, जीवन स्तर, राष्ट्रीय आय और आर्थिक विकास का सह-संबंध

दो टूक: ओमिक्रॉन का ख़तरा लेकिन प्रधानमंत्री रैलियों में व्यस्त


बाकी खबरें

  • न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    संसद में तीनों दिल्ली नगर निगम के एकीकरण का प्रस्ताव, AAP ने कहा- भाजपा को हार का डर
    26 Mar 2022
    संसद में दिल्ली के तीन नगर निगमों का एकीकरण करने संबंधी विधेयक पेश कर दिया गया है। विपक्षी दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का विरोध किया। वहीं सत्ताधारी दल ने इसे एक बेहद ज़रूरी सुधार बताया।
  • रायना ब्रियूअर
    ऑस्कर 2022: हर जीत के साथ इतिहास रच रही हैं महिला निर्देशक
    26 Mar 2022
    काथरिन बिगेलो और कोल झाओ, फिर अब जेन कैंपियन? 94 साल के ऑस्कर के इतिहास में, सिर्फ़ दो महिलाओं ने ही “बेस्ट डॉयरेक्टर” का अवार्ड जीता है। क्या आगे बदलाव दिखाई दे रहा है?
  • सीमा शर्मा
    कैसे रूस-यूक्रेन युद्ध भारत की उर्वरक आपूर्ति में डालेगा बाधा? खेती-किसानी पर पड़ेगा भारी असर
    26 Mar 2022
    विशेषज्ञों का मानना है कि समय की तात्कालिक आवश्यकता यह है कि भारत सरकार उर्वरकों की वैकल्पिक आपूर्ति करने और किसानों को खनिज पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करे। इसमें…
  • मोहम्मद इमरान खान
    बिहार: तीन विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद भी साहनी ने रखा संयम, बोले- निषाद कोटा के लिए करेंगे संघर्ष
    26 Mar 2022
    अब वीआईपी में कोई भी विधायक शेष नहीं बचा है। मुकेश साहनी ने बीजेपी पर अपनी पार्टी में फूट करवाने का आरोप लगाया है। साहनी ने कहा कि चूंकि उन्होंने निषाद जाति के लिए एससी-एसटी कोटे में आरक्षण और जातीय…
  • बी. सिवरामन
    महामारी भारत में अपर्याप्त स्वास्थ्य बीमा कवरेज को उजागर करती है
    26 Mar 2022
    जनरल बीमा परिषद के आंकड़ों के अनुसार, निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज की औसत लागत रु. 1.54 लाख है। इसके विपरीत, प्रति मामले का औसत दावा निपटान केवल रु.95,622 था। इसका मतलब है कि भारत में लगभग 40…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License