NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
समाज
सोशल मीडिया
भारत
राजनीति
चंपारण: जहां अंग्रेजों के ख़िलाफ़ गांधी ने छेड़ी थी जंग, वहाँ गांधी प्रतिमा को किया क्षतिग्रस्त
पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) ने बताया कि चरखा पार्क में स्थापित प्रतिमा रविवार रात को क्षतिग्रस्त पाई गई थी और इसे जमीन पर फेंक दिया गया था।
भाषा
15 Feb 2022
Gandhi
फ़ोटो- सोशल मीडिया

बिहार के चंपारण में महात्मा गांधी की प्रतिमा में तोड़फोड़ की गई है। गांधीजी ने इसी स्थान से चंपारण सत्याग्रह की शुरुआत की थी।

पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी (डीएम) शिरसत कपिल अशोक ने मंगलवार को बताया कि चरखा पार्क में स्थापित प्रतिमा रविवार रात को क्षतिग्रस्त पाई गई थी और इसे जमीन पर फेंक दिया गया था।

डीएम ने कहा, "पुलिस मामले की जांच कर रही है और तोड़फोड़ के कृत्य में जो भी शामिल होंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।"

सोशल मीडिया पर सामने आई खबरों में इस तरह के आरोप लगाए गए हैं कि रविवार रात को इलाके में धार्मिक नारे सुने गए थे जिससे संकेत मिलता है कि इसमें मुख्यधारा से अलग दक्षिणपंथी समूहों की संलिप्तता हो सकती है।

डीएम ने इस पर तो टिप्पणी नहीं की लेकिन यह जरूर कहा कि महान लोग अपने आदर्शों से जीते हैं और अहिंसा तथा सत्य के पक्षधर बापू को ऐसे कृत्यों से कमतर नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि ‘पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड’ अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत पार्क के रखरखाव का काम कर रही है।

अशोक ने कहा, "हम उन्हें पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था करने की सलाह देंगे। सीसीटीवी कैमरे लगाना भी सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन प्रतिमा को फिर से स्थापित करेगा।"

आपको बता दें कि चंपारण सत्याग्रह पहला सत्याग्रह आंदोलन था जिसे महात्मा गांधी ने 1917 में ब्रिटिश भारत में शुरू किया था। चंपारण सत्याग्रह बागान मालिकों द्वारा प्रयूक्त तिनकठिया पद्धति के विरोध में किया गया एक अहिंसक आंदोलन था।

ये भी देखें: एक चुटकी गाँधी गिरी की कीमत तुम क्या जानो ?

Gandhi
Gandhi statue
Champaran
Mahatma Gandhi
Right wing group

Related Stories

हम भारत के लोगों की असली चुनौती आज़ादी के आंदोलन के सपने को बचाने की है

अपने आदर्शों की ओर लौटने का आह्वान करती स्वतंत्रता आंदोलन की भावना

"जेल में पुलिस ने हमारे कपड़े उतरवा दिए और हमें रात-दिन टॉर्चर किया"

ग्राउंड रिपोर्ट : ओडीएफ की हक़ीक़त

आइडिया ऑफ़ इंडिया (भारत की संकल्पना)


बाकी खबरें

  • abhisar
    न्यूज़क्लिक टीम
    मोदी सरकार कोरोना को लेकर लापरवाह तो नहीं ?
    11 Dec 2021
    वरिष्ठ पत्रकार अभिसार शर्मा आज बात कर रहे हैं कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के बारे में. क्या मोदी सरकार ओमिक्रोन को ले कर कोई तैयारी कर रही है या लापरवाही से बस देश में होने वाले चुनाव में ही…
  • meter
    एम.ओबैद
    बिहारः "सबसे पहले सरकारी आवासों में प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो'
    11 Dec 2021
    स्मार्ट प्रीपेड मीटर अनिवार्य किए जाने के विद्युत मंत्रालय के आदेश के बाद बिहार एक्टू के सचिव रणविजय ने कहा,'सरकार ने ग़रीब-विरोधी अपना चेहरा दिखाया है। जनता कह रही है कि सबसे पहले सचिवालय,…
  • Beti Bachao, Beti Padhao
    सोनिया यादव
    क्या सरकार वाकई बेटियों को बचाना और पढ़ाना चाहती है!
    11 Dec 2021
    एक रिपोर्ट के मुताबिक बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना का लगभग 80 फीसदी फंड सरकार ने इसके प्रचार-प्रसार पर खर्च किए हैं। यानी बेटियों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के पैसे प्रचार और विज्ञापनों में बहा…
  • Julian Assange
    पीपल्स डिस्पैच
    मानवाधिकार दिवस पर ब्रिटेन के कोर्ट ने जूलियन असांज के अमेरिका प्रत्यर्पण को मंज़ूरी दी
    11 Dec 2021
    ब्रिटिश हाई कोर्ट के फ़ैसले ने, इस साल जनवरी में डिस्ट्रिक्ट जज के उस फ़ैसले को पलट दिया, जिसमें असांज के प्रत्यर्पण को "दमनकारी" बताया गया था। नागरिक अधिकारों के पैरोकारों और असांज के समर्थक व…
  • Gogoi
    वी. वेंकटेशन
    क्या रंजन गोगोई ख़ुद को क्लीन चिट देने में कामयाब रहे ?
    11 Dec 2021
    भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और अब संसद सदस्य जस्टिस रंजन गोगोई की लिखी किताब, ‘जस्टिस फ़ॉर द जज: एन ऑटोबायोग्राफ़ी’ में सुप्रीम कोर्ट में उनके विवादास्पद कार्यकाल को लेकर कई ख़ुलासे हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License