NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
भारत
राजनीति
चारा घोटाला: झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू यादव को डोरंडा कोषागार मामले में ज़मानत दी
लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में न्यायिक हिरासत में इलाजरत लालू प्रसाद यादव (73) के सोमवार-मंगलवार तक रिहा हो जाने की संभावना है।
भाषा
22 Apr 2022
lalu prasad yadav

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय ने राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को डोरंडा कोषागार से गबन से जुड़े चारा घोटाले में शुक्रवार को जमानत दे दी। यह रांची से जुड़ा अंतिम मामला था जिसमें उन्हें जमानत मिली। रांची के चारा घोटाले के पांच मामलों में से सभी में अब लालू को जमानत मिल चुकी है।      

डोरंडा कोषागार मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने उन्हें 15 फरवरी को दोषी ठहराया था। इसके बाद अब दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में न्यायिक हिरासत में इलाजरत लालू प्रसाद यादव (73) के सोमवार-मंगलवार तक रिहा हो जाने की संभावना है।      

लालू प्रसाद यादव के अधिवक्ता प्रभात कुमार ने कहा, ‘‘सजा निलंबित करने की हमारी याचिका झारखंड उच्च न्यायालय ने स्वीकार कर ली है। उच्च न्यायालय के आदेश की सूचना निचली अदालत तक मंगलवार तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद हम जमानत मुचलका प्रस्तुत करके रिहाई का आदेश प्राप्त करेंगे।’’     

लालू प्रसाद के खिलाफ रांची में चारा घोटाले का यह अंतिम मामला था और अब उनके खिलाफ पटना में ही चारा घोटाले के मामले विचाराधीन रह गये हैं। 

सीबीआई अदालत ने चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद को 21 फरवरी को पांच साल कैद और 60 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। प्रसाद ने घोटाले की अवधि के दौरान अविभाजित बिहार का वित्त विभाग संभाला था, जिस समय वह मुख्यमंत्री थे। 

झारखंड उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने डोरंडा कोषागार से 139 करोड़ और 35 लाख रुपये की अवैध निकासी के चारा घोटाले के मामले में अभियुक्त लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई की। 

झारखंड उच्च न्यायालय ने बहस पूरी होने के बाद लालू प्रसाद यादव की जमानत याचिका सिर्फ इस शर्त के साथ मंजूर कर ली कि उन्हें विशेष सीबीआई अदालत द्वारा दिये गये 10 लाख रुपये के आर्थिक दंड की राशि अदालत में जमा करानी होगी।

इससे पहले बुधवार को इस मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा था कि लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार मामले में तय पांच वर्ष की सजा की आधी अवधि अब तक न्यायिक हिरासत में पूरी नहीं की है, लिहाजा उन्हें इस मामले में जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

जबकि लालू प्रसाद यादव के वकील सर्वोच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को अदालत में ऑनलाइन पेश होते हुए दोहराया कि लालू प्रसाद यादव ने चारा घोटाले के सभी मामलों में कुल चालीस माह से अधिक की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी कर ली है, जिसे देखते हुए उन्हें तत्काल जमानत दी जानी चाहिए।

इस मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने लालू यादव को रांची के चारा घोटाले के इस अंतिम मामले में भी ज़मानत दे दी। अदालत ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने लगभग 40 महीने जेल में गुजारे हैं, जो इस मामले में उन्हें दी गयी पांच वर्ष की कैद की सजा की आधी सजा अर्थात 30 महीने से अधिक है।

लालू यादव का फिलहाल दिल्ली स्थित एम्स में न्यायिक हिरासत में इलाज चल रहा है। इससे पूर्व चारा घोटाले में जमानत याचिका पर लालू की ओर से सर्वोच्च अदालत के अधिवक्ता कपिल सिब्बल की बहस आठ अप्रैल को ही पूरी हो गई थी, जिसके बाद मामले में अपना जवाब देने के लिए सीबीआई ने समय मांगा था। 

अदालत ने आगे की सुनवाई के लिए 22 अप्रैल की तिथि निर्धारित की थी। सिब्बल ने दिल्ली से ऑनलाइन बहस की और दावा किया कि सजा की आधी अवधि पूरा कर लेने के नियम को देखते हुए लालू यादव को जमानत दी जानी चाहिए।

सीबीआई की ओर से केन्द्र सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रशांत पल्लव ने लालू के दावों का विरोध किया। प्रशांत ने कहा कि डोरंडा मामले में लालू यादव ने अब तक निर्धारित कम से कम 30 माह की अवधि न्यायिक हिरासत में पूरी नहीं की है, अतः उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती है। 

Lalu Prasad Yadav
chara ghotala
jharkhand high court

Related Stories

बीमार लालू फिर निशाने पर क्यों, दो दलित प्रोफेसरों पर हिन्दुत्व का कोप

उत्तरप्रदेश में चुनाव पूरब की ओर बढ़ने के साथ भाजपा की मुश्किलें भी बढ़ रही हैं 

चारा घोटाला : डोरंडा कोषागार गबन मामले में दोषी लालू प्रसाद यादव को पांच साल कैद की सज़ा

चारा घोटाला: सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

बिहार: लालू की सक्रिय राजनीति में वापसी से सत्तारूढ़ एनडीए में खलबली का माहौल

चारा घोटाले में चालीस महीने से जेल में बंद लालू यादव की रिहाई का आदेश

लालू प्रसाद को ज़मानत मिली, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ़

पक्ष-विपक्ष: क्या हेमंत सोरेन पर लगा बलात्कार का आरोप ‘ऑपरेशन कमल’ का हिस्सा है?

कार्टून क्लिक: सरकार! काश, आप एक ‘विकास’ को ही गोद ले लिए होते...

कार्टून क्लिक: 'लालू यादव जिंदाबाद' के नारे पर नीतीश ने कहा- हल्ला मत करो


बाकी खबरें

  • Deen Dayal Upadhyaya Gorakhpur University
    सत्येन्द्र सार्थक
    दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर गंभीर आरोप, शिक्षक और छात्र कर रहे प्रदर्शन
    30 Dec 2021
    गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति पर कुछ प्रोफेसर और छात्रों ने आरोप लगाया है कि “कुलपति तानाशाही स्वभाव के हैं और मनमाने ढंग से फ़ैसले लेते हैं। आर्थिक अनियमितताओं के संदर्भ में भी उनकी जाँच होनी…
  • MGNREGA
    सुचारिता सेन
    उत्तर प्रदेश में ग्रामीण तनाव और कोविड संकट में सरकार से छूटा मौका, कमज़ोर रही मनरेगा की प्रतिक्रिया
    30 Dec 2021
    उत्तर प्रदेश में देश की तुलना में ग्रामीण आबादी की हिस्सेदारी थोड़ी ज़्यादा है। सबसे अहम, यहां गरीब़ी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों की संख्या देश की तुलना में कहीं ज़्यादा है। इस स्थिति में कोविड…
  • delhi
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    कोरोना पाबंदियों के कारण मेट्रो में लंबी लाइन बसों में नहीं मिल रही जगह, लोगों ने बसों पर फेंके पत्थर
    30 Dec 2021
    दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों के बाहर गुरुवार सुबह लगातार दूसरे दिन यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं।
  • AFSHPA
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    नगा संगठनों ने अफस्पा की अवधि बढ़ाये जाने की निंदा की
    30 Dec 2021
    केंद्र ने बृहस्पतिवार को नगालैंड की स्थिति को ‘‘अशांत और खतरनाक’’ करार दिया तथा अफस्पा के तहत 30 दिसंबर से छह और महीने के लिए पूरे राज्य को ‘‘अशांत क्षेत्र’’ घोषित कर दिया।
  • Bihar
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिहार: खेत व ग्रामीण मज़दूर संगठनों का संयुक्त राज्यस्तरीय कन्वेंशन, केरल की तर्ज पर केंद्रीय क़ानून बनाने की मांग
    30 Dec 2021
    कन्वेंशन में मांगों से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री और विधायकों-सांसदों को सौंपने, 1 से 15 जनवरी तक ज़िलों में संयुक्त बैठकें आयोजित करने, 27 जनवरी को ज़िला मुख्यालयों पर संयुक्त प्रदर्शन करने और 23-24…
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License