NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
मज़दूर-किसान
भारत
राजनीति
छत्तीसगढ़ : दो सूत्रीय मांगों को लेकर बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दिया
राज्य में बड़ी संख्या में मनरेगा कर्मियों ने इस्तीफ़ा दे दिया है। दो दिन पहले इन कर्मियों के महासंघ की ओर से मांग न मानने पर सामूहिक इस्तीफ़े का ऐलान किया गया था।
न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
04 Jun 2022
MNREGA
फ़ोटो साभार: टाइम्स ऑफ़ छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में पिछले दो महीने से अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बड़ी संख्या में मनरेगा अधिकारी-कर्मचारियों ने शासन-प्रशासन पर दमनकारी हथकंडे अपनाने का आरोप लगाते हुए गुरूवार को इस्तीफा दे दिया। दो दिन पहले राज्य के मनरेगा संघ ने मांग न मानने पर सामूहिक इस्तीफे का ऐलान किया था।

पत्रिका डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक मनरेगा कर्मियों के पदों को विलोपित कर प्रतिनियुक्ति से भरने व हड़ताल वापसी के बाद कभी भी हड़ताल नहीं करने का बांड भरवाने की तैयारी के विरोध में संगठन ने यह कदम उठाया। दांतेवाड़ा जिले के 178 मनरेगा अधिकारी-कर्मचारियों ने सामूहिक तौर पर इस्तीफे पर हस्ताक्षर किया। वहीं दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक गरियाबंद जिले के 400 मनरेगा कर्मियों ने आयुक्त के नाम जिला कार्यक्रम अधिकारी को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया है।

ज्ञात हो कि मनरेगा कर्मियों के संघ के पदाधिकारियों ने दो दिन पहले कहा था कि यदि मांग नहीं मानी गई तो प्रदेश के 15 हजार मनरेगा कर्मी इस्तीफा देने को तैयार हैं।

सिविल सेवा नियम 1966 व पंचायत कर्मी नियमावली लागू करने की मांग

मनरेगा कर्मियों का कहना है कि राज्य सरकार चुनावी जन घोषणा-पत्र में किए गए वादों को पूरा करते हुए सभी मनरेगा कर्मियों का नियमितीकरण करे। साथ ही नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक ग्राम रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारण करते हुए सभी मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू करे।

इन कर्मियों ने कहा है कि मांगों को लेकर अब तक सरकार ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई जबकि इसके उलट प्रशासनिक स्तर से दो महीने से जारी इस हड़ताल को कुचलने की तैयारी है।

कोरोना काल में मज़दूरों को काम देने में जान की परवाह नहीं की

मनरेगा महासंघ के पदाधिकारियों का कहना था कि 'आम लोगों के प्रति अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए हमारे 200 से अधिक मनरेगा कर्मी कोरोना काल में अपनी जान गंवा चुके हैं लेकिन उनके त्याग को भी सम्मान नहीं दिया गया। जान गंवा चुके उन कर्मियों के परिवारों की स्थिति बेहद दयनीय है। लगातार अपनी मांगों को शासन-प्रशासन के सामने हम शांतिपूर्ण तरीके से रखते आए हैं लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इसके कारण मनरेगा कर्मीयों के मन में नाराजगी बढ़ती गई है।'

उनका कहना था कि सरकार ने अपने घोषणा पत्र में हमें नियमित करने का वादा किया था लेकिन साढ़े 3साल गुजर जाने के बाद भी इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इतना ही नहीं कोरोना काल में हमने ग्रामीण मजदूरों को काम देने व ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनाने में अपनी जान की परवाह किए बिना काम किए है जिसके चलते प्रदेश को प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध मात्र पांच महीने में 120 फीसदी उपलब्धि हासिल हुई है।

कई बार कमेटी का गठन लेकिन नतीजा शून्य

हड़ताल के दौरान राज्य शासन द्वारा कई बार कमेटी का गठन किया जा चुका है। यह कमेटी अलग-अलग अधिकारियों की अध्यक्षता में बनाई गई थी लेकिन नतीजा आज तक कुछ नहीं निकला है। प्रतिवेदन के आधार पर न अब तक नियमितीकरण हुआ है न कोई ठोस कदम राज्य सरकार द्वारा उठाया गया है जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी रही है।

बता दें कि सात जनवरी 2014 को लंबे समय से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी संविदा पर कार्यरत तृतीय व चतुर्थ श्रेणी को कर्मचारियों को शासन ने विभिन्न् विभागों में सीधी भर्ती में प्राथमिकता देने की प्रक्रिया शुरू की थी। सामान्य प्रशासन विभाग सचिव की अध्यक्षता में कमेटी का गठन हुआ था लेकिन आज तक कर्मचारियों को नियमित नहीं किया गया।

400 किलोमीटर पैदल यात्रा कर रायपुर पहुंचे थे

सीएम भूपेश बघेल तक अपनी बात पहुंचाने के लिए मनरेगा कर्मियों ने गत 12 अप्रैल को दांतेवाड़ा से तिरंगा यात्रा निकाला था और भीषण गर्मी में 400 किलोमीटर पैदल चलकर18 दिनों में रायपुर पहुंचे थें। इस यात्रा का नाम उन्होंने दांडी मार्च दिया था। इस यात्रा में 5 हजार से ज्यादा मनरेगा कर्मचारी शामिल हुए थें। एक किलोमीटर लंबी तिरंगा लेकर मनरेगा कर्मचारी रायपुर पहुंचे थें।

Chhattisgarh
MGNREGA
MGNREGA Workers Protest
MGNREGA Wages
MNREGA workers resigned

Related Stories

छत्तीसगढ़ः 60 दिनों से हड़ताल कर रहे 15 हज़ार मनरेगा कर्मी इस्तीफ़ा देने को तैयार

छत्तीसगढ़ :दो सूत्रीय मांगों को लेकर 17 दिनों से हड़ताल पर मनरेगा कर्मी

कृषि बजट में कटौती करके, ‘किसान आंदोलन’ का बदला ले रही है सरकार: संयुक्त किसान मोर्चा

कोरबा : रोज़गार की मांग को लेकर एक माह से भू-विस्थापितों का धरना जारी

‘माओवादी इलाकों में ज़िंदगी बंदूक की नाल पर टिकी होती है’

छत्तीसगढ़: विधवा महिलाओं ने बघेल सरकार को अनुकंपा नियुक्ति पर घेरा, याद दिलाया चुनावी वादा!

यूपी : कम वेतन के ख़िलाफ़, नियमतिकरण की मांग के साथ 45000 मनरेगा मज़दूर पहुंचे लखनऊ

छत्तीसगढ़: जशपुर के स्पंज आयरन प्लांट के ख़िलाफ़ आदिवासी समुदायों का प्रदर्शन जारी 

हसदेव अरण्य: केते बेसन पर 14 जुलाई को होने वाली जन सुनवाई को टाले जाने की मांग ज़ोर पकड़ती जा रही है

छत्तीसगढ़ : सिलगेर में प्रदर्शन कर रहे आदिवसियों से मिलने जा रहे एक प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका


बाकी खबरें

  • mp farmer
    रूबी सरकार
    मध्य प्रदेश: अपनी बर्बादी का तमाशा देखने को मजबूर राजगढ़ के किसान
    01 Feb 2022
    मध्य प्रदेश सरकार 1375 करोड़ की एक वृहद सिंचाई परियोजना शुरू करने जा रही है। सरकार द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि यहां खेती के लिए भरपूर पानी नहीं है, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि यहां सिंचाई के लिए…
  • Union Budget
    भाषा
    आयातित वस्तुओं में हेडफोन, छाता, सोलर सेल होंगे महंगे; विशेष किस्म की सीप और हीरे सस्ते
    01 Feb 2022
    प्रस्तावित आयात शुल्क बढ़ोतरी के कारण हेडफोन, ईयरफोन, लाउडस्पीकर, स्मार्ट मीटर, कृत्रिम आभूषण, सौर सेल और सौर मॉड्यूल सहित कई वस्तुएं महंगी हो जाएंगी।
  • Union Budget
    न्यूज़क्लिक टीम
    यूनियन बजट: किसका नफ़ा किसका नुकसान?
    01 Feb 2022
    आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट पेश किया है। इस ख़ास पेशकश में न्यूज़क्लिक के लिए ऑनिंद्यो बात कर रहे हैं अरुण कुमार, चिराश्री दासगुप्ता, परंजॉय गुहा ठाकुरता से बजट के मायने पर।
  • union budget
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट/भाषा
    बजट 2022: शिक्षा, रेल, रक्षा क्षेत्र के लिए क्या है ख़ास, किसे क्या मिला
    01 Feb 2022
    वित्त मंत्री के मुताबिक भारत का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 6.9 प्रतिशत रह सकता है, जबकि पहले इसके 6.8 प्रतिशत पर रहने का अनुमान जताया गया था।
  • budget
    अजय कुमार
    बजट के नाम पर पेश किए गए सरकारी भंवर जाल में किसानों और बेरोज़गारों के लिए कुछ भी नहीं!
    01 Feb 2022
    बजट हिसाब किताब का मामला होता है। लेकिन भाजपा के काल में यह भंवर जाल बन गया है। बजट भाषण में सब कुछ होता है केवल बजट नहीं होता।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License