NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
शिकागो के शिक्षकों को मिली छोटी जीत, शहरी प्रशासन अस्थायी समझौते पर सहमत
ये समझौता स्वास्थ्य संबंधी समस्या तथा ऐसे लोगों के साथ रहने वाले शिक्षकों को दूरस्थ शिक्षा जारी रखने की अनुमति देगा। शिकागो शिक्षक यूनियन गुरुवार से पहले इस पर मतदान करने को तैयारी कर रहा है और यह भी कहता है कि यह अंतिम समझौता नहीं है।
पीपल्स डिस्पैच
08 Feb 2021
शिकागो के शिक्षकों को मिली छोटी जीत, शहरी प्रशासन अस्थायी समझौते पर सहमत

शिकागो के शिक्षकों और कर्मचारियों ने अपने महीनों के लंबे संघर्ष के बाद एक छोटी जीत हासिल की है क्योंकि शहर के प्रशासन ने कक्षाओं को फिर से खोलने के लिए एक अस्थायी समझौते पर सहमति व्यक्त की है। कुछ कक्षाओं और ग्रेडों के लिए स्कूलों के फिर से खुलने से एक दिन पहले रविवार 7 फरवरी को घोषित इस अस्थायी समझौते के चलते स्कूलों के सामूहिक लॉकडाउन और शिक्षकों द्वारा हड़ताल को समाप्त किया गया है। शिकागो टीचर्स यूनियन (सीटीयू) द्वारा लामबंध किए गए शिक्षक COVID-19 महामारी के दौरान स्कूलों को फिर से खोलने की शहरी प्रशासन की अव्यवस्थित योजनाओं का विरोध करते रहे हैं।

इस अस्थायी समझौते के तहत चरणबद्ध तरीके से कक्षा में उपस्थिति फिर से शुरू करनी होगी जो गुरुवार 11 फरवरी से शुरू होगा। इस समझौते में सोमवार के बजाय गुरुवार को प्राथमिक स्कूल के छात्र और विशेष छात्रों के लिए उपस्थित होकर पढ़ाई शुरु होगी। इस बीच किंडरगार्टेन से पांचवीं कक्षा तक के छात्रों को 1 मार्च को फिर से शुरू किया जाएगा और छठी से आठवीं कक्षा के छात्र 1मार्च को कक्षा में उपस्थित होंगे। इस समझौते में हर हफ्ते 1,500 स्कूल स्टाफ के लिए टीकाकरण का भी आश्वासन दिया गया है।

माता-पिता को "परिचालन व्यवहार्यता" के आधार पर उपस्थित होकर या दूरस्थ शिक्षा के लिए विकल्प चुनने का विकल्प दिया जाएगा। यह समझौता उन शिक्षकों को भी अनुमति देगा जिनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं या वे ऐसे लोगों के साथ रहते हैं और जिनके पास कोई छात्र नहीं है उन्हें दूरस्थ तरीके से शिक्षण जारी रखने की अनुमति होगी।

जबकि शिकागो पब्लिक स्कूल सिस्टम के प्रमुखों और शिक्षकों की मांग को अस्वीकार करने वाले तथा लगभग आठ महीने से एक समझौते के लिए चर्चा रोकने वाले मेयर लोरी लाइटफुट ने इस अस्थायी समझौते पर अपनी खुशी जाहिर की है। सीटीयू ने और अधिक सावधानीपूर्वक टिप्पणी की है। यूनियन ने कहा कि शिक्षकों और सीपीएस बोर्ड को फिर से खोलने के लिए एक स्थायी समझौता करना बाकी है और स्कूलों को फिर से खोलने के लिए अन्य दबाव वाले मुद्दों और संघीय सुरक्षा दिशानिर्देशों को लेकर बातचीत जारी रहेगी।

सीटीयू ने में लिखा, "यूनियन और शिक्षा बोर्ड के बीच अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। हमारे पास जो ढांचा है उसे हमारे सभी सदस्यों को पहले समीक्षा और आकलन करना होगा क्योंकि यह हमारे सदस्य हैं जिन्हें इस वैश्विक महामारी के बीच स्कूलों में लौटने के लिए कहा जा रहा है।"

इस अस्थायी समझौते को लागू होने के लिए गुरुवार से पहले इसकी मंजूरी देनी होगी। स्थानीय स्तर के नेतृत्व वाले इस यूनियन के प्रतिनिधियों को यह निर्णय लेने के लिए जल्द ही बैठक करने की उम्मीद है कि क्या इस समझौते को इसके 25,000 सदस्यों द्वारा अनुमोदित किया जाना है या नहीं या अकेले प्रतिनिधियों द्वारा मतदान किया जाना है।

chicago
Teachers and staff Demands
Chicago Teachers Union
COVID-19

Related Stories

आर्थिक रिकवरी के वहम का शिकार है मोदी सरकार

महामारी के दौर में बंपर कमाई करती रहीं फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

विश्व खाद्य संकट: कारण, इसके नतीजे और समाधान

महामारी में लोग झेल रहे थे दर्द, बंपर कमाई करती रहीं- फार्मा, ऑयल और टेक्नोलोजी की कंपनियां

कोविड मौतों पर विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट पर मोदी सरकार का रवैया चिंताजनक

महंगाई की मार मजदूरी कर पेट भरने वालों पर सबसे ज्यादा 

जनवादी साहित्य-संस्कृति सम्मेलन: वंचित तबकों की मुक्ति के लिए एक सांस्कृतिक हस्तक्षेप

कोरोना अपडेट: देश में एक हफ्ते बाद कोरोना के तीन हज़ार से कम मामले दर्ज किए गए

दिल्लीः एलएचएमसी अस्पताल पहुंचे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मंडाविया का ‘कोविड योद्धाओं’ ने किया विरोध

WHO और भारत सरकार की कोरोना रिपोर्ट में अंतर क्य़ों?


बाकी खबरें

  • daily
    न्यूज़क्लिक टीम
    त्रिपुरा में हिंसा के ख़िलाफ़ सीपीआईएम का प्रदर्शन, जेएनयू छात्रों की कैम्पस खोलने की मांग
    10 Sep 2021
    न्यूज़क्लिक के डेली राउंडअप में आज हमारी नज़र रहेगी त्रिपुरा में वाम दलों और खासकर सीपीआईएम पर हिंसा के ख़िलाफ़ सीपीआईएम का प्रदर्शन, जेएनयू छात्र धरने पर और अन्य ख़बरों के बारे में।
  • हिमाचल: मध्याह्न भोजन के लिए रसोइए की भर्ती में सांस्थानिक जातिवाद 
    प्रियंका ईश्वरी
    हिमाचल: मध्याह्न भोजन के लिए रसोइए की भर्ती में सांस्थानिक जातिवाद 
    10 Sep 2021
    शिमला जिले के चार तहसीलों में दोपहर के भोजन की योजना के तहत एक भी दलित रसोइया-सह- सहायक को काम पर नहीं रखा गया है। यह प्रवृत्ति हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में संस्थानिक नस्लवाद के बड़े मसले की तरफ…
  • सूट-बूट वालों को फ़ायदा ही फ़ायदा
    न्यूज़क्लिक टीम
    सूट-बूट वालों को फ़ायदा ही फ़ायदा
    10 Sep 2021
    एक औसत भारतीय की आमदनी इस वक़्त साल 2017 की आमदनी से भी कम है। लेकिन बड़े कंपनियों के मालिकों और अमीरों की कमाई बढ़ गई है। इससे देश में अमीर-ग़रीब का फ़ासला और भी बढ़ गया है। मतलब देश की इकॉनमी हो गई…
  • नीतीश
    शशि शेखर
    बिहार में अवैध प्रवासी: क्या संघ की साज़िश में फंस गए नीतीश?
    10 Sep 2021
    “यह कदम समाज में स्थायी नफ़रत और आतंक का माहौल बनाने की कवायद है। डिटेंशन सेंटर के इर्दगिर्द जो एजेंडा है, वह काफ़ी ख़तरनाक है।”
  • कार्टून क्लिक: बेकारी की मार, जनता बे-बस, बे-कार!
    आज का कार्टून
    कार्टून क्लिक: बेकारी की मार, जनता बे-बस, बे-कार!
    10 Sep 2021
    भारत में बेकारी का एक और सबूत, फोर्ड इंडिया बंद करेगी प्रोडक्शन। 2017 से अब तक फोर्ड इंडिया 5वीं ऐसी दिग्गज ग्लोबल एक्सेस कंपनी है जो भारतीय बाज़ार को छोड़कर जा रही है।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License