NewsClick

NewsClick
  • English
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • हमारे लेख
  • हमारे वीडियो
search
menu

सदस्यता लें, समर्थन करें

image/svg+xml
  • सारे लेख
  • न्यूज़क्लिक लेख
  • सारे वीडियो
  • न्यूज़क्लिक वीडियो
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • विज्ञान
  • संस्कृति
  • भारत
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अफ्रीका
  • लैटिन अमेरिका
  • फिलिस्तीन
  • नेपाल
  • पाकिस्तान
  • श्री लंका
  • अमेरिका
  • एशिया के बाकी
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें
सब्सक्राइब करें
हमारा अनुसरण करो Facebook - Newsclick Twitter - Newsclick RSS - Newsclick
close menu
आंदोलन
राजनीति
अंतरराष्ट्रीय
चिली : अक्टूबर 2019 के विद्रोह के दौरान गिरफ्तार किए गए राजनीतिक क़ैदियों की रिहाई की मांग तेज़
पिछले तीन हफ्तों से युवा क़ैदियों को रिहा करने की मांग के लिए राजधानी में चिलीवासी इकट्ठा होते रहे हैं और राष्ट्रीय पुलिस रसायनयुक्त पानी से उनका दमन करती रही है।
पीपल्स डिस्पैच
07 Dec 2020
चिली

6 दिसंबर को परिवार के सदस्यों और दोस्तों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य हज़ारों युवा प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग करने के लिए एक बार फिर चिली की राजधानी सैंटियागो की सड़कों पर उतरे। इन्हें अक्टूबर 2019 के सामाजिक विद्रोह के बाद से देश के विभिन्न क्षेत्रों की जेलों में क़ैद किया गया है।

इन प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक रंगीन बैनरों और पोस्टरों के साथ म्यूजिकल इस्ट्रूमेंट बजाते और गाते तथा नृत्य करते हुए डिग्निटी प्लाजा से पीस प्लाजा तक मार्च निकाला। उन्होंने मांग की कि जिन प्रदर्शनकारियों ने बिना किसी अपराध के सड़कों पर प्रदर्शन करने के लिए एक साल से अधिक समय जेल में बिताया है उन्हें तुरंत रिहा किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि जो लोग अलग थलग हैं और जिन्हें अपने परिवार से मिलने की अनुमति नहीं है उन्हें आने वाले लोगों से मिलने की अनुमति दी जाए।

पिछले तीन हफ्तों से कई मानवाधिकार संगठनों, सोशल मूवमेंट्स, ट्रेड यूनियनों और राजनीतिक दलों के सदस्य इन क़ैदियों की रिहाई और अतिदक्षिणपंथी राष्ट्रपति सेबेस्टियन पिनेरा के इस्तीफे की मांग के लिए राजधानी में हर शुक्रवार को इकट्ठा होते रहे हैं।

पिछले शुक्रवार 4 दिसंबर को तानाशाही सरकार के आदेश पर सैकड़ों नागरिकों पर राष्ट्रीय पुलिस बल के अधिकारियों काराबिनेरोस द्वारा हिंसक रूप से दमन किया गया था। पुलिस ने इकट्ठा लोगों को तितर-बितर करने के लिए भारी मात्रा में आंसू गैस और वाटर केनन का इस्तेमाल किया और आक्रामक तरीके से कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

इसके अलावा स्थानीय मीडिया के अनुसार पुलिस ने जहरीले रसायनों के साथ पानी का इस्तेमाल किया जिसने दर्जनों प्रदर्शनकारियों को जला दिया। इसने चिली के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन राइट्स (आईएनडीएच) को कैराबिनेरोस से पानी के बौछारों में प्रयुक्त रसायनों के कंपोजिशन पर रिपोर्ट देने की मांग करनी पड़ी।

कई राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता और नेताओं ने इस रसायन के उपयोग की अनुमति देने के लिए राष्ट्रीय सरकार की निंदा की और सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष को मज़बूत करने का आह्वान किया।

Chile
Chile Protest
National Institute of Human Rights

Related Stories

चिली : पिनेरा सरकार के ख़िलाफ़ ट्रेड यूनियनों का देशव्यापी प्रदर्शन का आह्वान

पिनेरा सरकार के ख़िलाफ़ चिली के लोगों ने दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रदर्शन किया

चिली : जनता ने संगीत महोत्सव के दौरान किया सरकार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन

तुम ज़मीं पे ‘ज़ुल्म’ लिखो, आसमान में 'इंक़लाब' लिखा जाएगा

चिली: फुटबॉल प्रशंसक की मौत के बाद सरकार-विरोधी आंदोलन तेज


बाकी खबरें

  • अन्ना आंदोलन
    लाल बहादुर सिंह
    आज़ादी@75: जेपी से लेकर अन्ना तक... भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों की पड़ताल
    14 Aug 2021
    राष्ट्रीय गौरव के ऐतिहासिक क्षण में हमारा गणतंत्र अपने जीवन की सबसे कठिन चुनौती का सामना कर रहा है। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलनों से सरकारें तो बदलीं, लेकिन व्यवस्था परिवर्तन का नारा छलावा ही रहा।
  • उत्तरी छत्तीसगढ़ के जंगल सदियों से हाथियों का घर रहे हैं। हालांकि, बढ़ती खनन गतिविधियों और अन्य विकास परियोजनाओं ने उन्हें मानव आवास में आने के लिए मजबूर कर दिया है।
    विष्णुकांत तिवारी
    छत्तीसगढ़ : हाथी रिज़र्व प्रोजेक्ट में सरकार कर रही देरी, 3 साल में 45 हाथियों और 204 नागरिकों की गई जान
    14 Aug 2021
    सरकार लेमरू हाथी परियोजना को लगातार टाल रही है और उत्तरी छत्तीसगढ़ में वन्यजीव और मानव के बीच होते संघर्षों की वजह से मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
  • बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    न्यूज़क्लिक रिपोर्ट
    बिड़ला घराने की तिजोरी में हीरे पहुंचाने के लिए, बक्सवाहा के जंगलों को किया जा रहा तबाह- माकपा 
    14 Aug 2021
    ‘सरकार इन जंगलों के समानांतर जंगल लगाकर दस साल बाद भी हीरे निकाल सकती है, मगर उनका मकसद पर्यावरण बचाना नहीं, बल्कि बिड़ला की तिजोरी भरना और इसमें से मुनाफे की हड्डियां चूसना है।'
  • देहरादून में अपनी मांगों को लेकर रैली निकालती आशाएं, फोटो- सत्यम कुमार 
    सत्यम कुमार
    उत्तराखंड में धरने पर क्यों बैठी हुई हैं आशा कार्यकर्ता? सरकार से कहां तक पहुंची बातचीत!
    14 Aug 2021
    2 अगस्त से ही सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर आशा कार्यकर्ता धरने पर बैठी हुई हैं। मुख्यमंत्री से लेकर स्वास्थ्य सचिव तथा स्वास्थ्य महानिदेशक के साथ कई दौर की वार्ता हो चुकी है, परंतु इन सभी वार्ताओं का…
  • तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    एम. के. भद्रकुमार
    तालिबान ने अफ़गान जंगी सरदारों को रास्ते से हटाया
    14 Aug 2021
    क्या अशरफ़ गनी द्वारा देरी से पेश किए गए तालिबान विरोधी 'संयुक्त मोर्चे' का प्रस्ताव काम करेगा? आखिर सभी जंगी सरदार कभी न कभी तो विदेशी ताकतों का प्रश्रय ले ही चुके हैं।
  • Load More
सब्सक्राइब करें
हमसे जुडे
हमारे बारे में
हमसे संपर्क करें

CC BY-NC-ND This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License